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बच्चों में कैसे पहचाने क्षय रोग (टी.बी.), बीमारी के लक्षण ? इस जांच से तुरंत पता लगाएं

Prasoon Pankaj
1 से 3 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 05, 2018

बच्चों में कैसे पहचाने क्षय रोग टीबी बीमारी के लक्षण इस जांच से तुरंत पता लगाएं

बच्चों में तपेदिक या या छय रोग (Tuberculosis or T.B.) की बीमारी है या नहीं इसका पता करने के लिए पहले जो कल्चर टेस्ट किया जाता था उसके नतीजे आने में 2 महीने से लेकर 6 महीने तक का समय लग जाता था। लेकिन अब अच्छी खबर ये है कि दिल्ली समेत 4 महानगरों में टीबी जांच की नई तकनीक 'एक्सपर्ट' के जरिए 2 साल की उम्र तक के बच्चों में भी टीबी बीमारी का पता आसानी से लगाया जा सकता है। दरअसल टीबी के लक्षणों का पता लगाना बच्चों में इसलिए मुश्किल होता है क्योंकि वे सामान्यत: सर्दी-खांसी से पीड़ित रहते हैं। लेकिन अब इस तकनीक के सामने आने के बाद टीबी बीमारी का समय पर इलाज मुमकिन हो सकता है। तो आइये जानते हैं कि इस बीमारी के लक्षण और इलाज से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें।

 

क्या है तपेदिक (टीबी)​ जांच की नई तकनीक 'एक्सपर्ट'/ New Technology to Diagnose TB in Children In Hindi

टीबी को क्षय रोग के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें कि अपने देश में प्रत्येक साल 10 लाख से ज्यादा टीबी के मामले सामने आते हैं।

  1. टीबी जांच की नई तकनीकी 'एक्सपर्ट' के जरिए अब 2 साल की उम्र तक के बच्चों में भी टीबी का पता लगाया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अब तक अपने देश में बच्चों में टीबी की शर्तिया जांच करने वाली कोई तकनीकी मौजूद नहीं थी। 
     
  2. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय टीबी डिवीजन, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने एनजीओ फाइंड के साथ मिलकर दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई में तकरीबन 8 हजार टीबी की आशंका वाले बच्चों की एक्सपर्ट एमटीबी/RIAF तकनीक के जरिए जांच की। इस जांच के दौरान कुल 465 बच्चों मे टीबी की पुष्टि की गई।
     
  3.  इससे पहले कल्चर टेस्ट के जरिए ही छोटे बच्चों में टीबी का पता लगाया जाता था लेकिन इस तकनीक के साथ सबसे बड़ी समस्या ये थी की इसके नतीजे आने में 6 महीने तक का भी वक्त लग जाता था।
     

क्या है टीबी बीमारी/ What Is TB Disease In Hindi

  1. टीबी का पूरा नाम Tuberculosis है। ये एक संक्रामक बीमारी है। अगर इसको शुरुआती दौर में ही ना रोका जाए तो ये बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। बोलचाल की भाषा में इस बीमारी को तपेदिक, क्षय रोग, और यक्ष्मा के नाम से भी जाना जाता है।
     
  2. आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में तकरीबन 6 से 7 करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। लाखों लोग इस बीमारी की वजह से हर साल दम तोड़ देते हैं।  
     
  3. टीबी मुख्यरूप से एक बैक्टीरिया के संक्रमण की वजह से होती है। फेफड़ों से रक्त प्रवाह के साथ शरीर के अन्य भागों में फैल सकता है। टीबी के बैक्टीरिया शरीर में सांस द्वारा प्रवेश करते हैं।
     
  4. रोगी के खांसने, बात करने, छींकने या थूकते समय बलगम या थूक के माध्यम से हवा में फैल जाती है। ये बैक्टीरिया सांस लेते समय किसी के शरीर में प्रवेश कर रोग पैदा करते हैं।
     
  5. इस बीमारी से प्रभावित अंगों में छोटी-छोटी गांठ मतलब कि ट्युबरकल्स बन जाते हैं। अगर सही समय पर इलाज शुरू ना हुआ तो इस बीमारी से प्रभावित अंग अपना काम करना धीरे-धीरे बंद कर देते हैं।

 

बच्चों में ये लक्षण अगर नजर आएं तो तत्काल टीबी की जांच कराएं/ How to Dagnose TB Symptoms in Hindi 

अगर ये लक्षण नजर आए तो टीबी का टेस्ट (Tuberculosis tests) जरूर करवा लेना चाहिए। इसके अलावा अगर आसपास में कोई टीबी का रोगी हो तो भी टेस्ट करवा लेना चाहिए। 

  • खांसी आना: बच्चे को 2 हफ्ते या उससे ज्यादा समय से लगातार खांसी आ रही हो, सूखी खांसी और उसके बाद अगर कफ में खून भी निकल रहा तो ये टीबी का प्रमुख लक्षण हो सकता है। खांसी के साथ अगर बच्चे की सांस फूल रही हो तो तत्काल सतर्क हो जाना चाहिए
     
  • बुखार : बच्चे को अगर लगातार बुखार आ रहा है, और इसके अलावा रात को सोते समय बच्चे को पसीना आना
     
  • वजन घट जाना: टीबी होने पर बच्चे का वजन कम होने लगता है। इसके अलावा बच्चे को भूख नहीं लग रही हो 
     
  • सुस्ती छाना : खांसी और सर्दी की वजह से बच्चे की इम्यूनिटी पॉवर कम हो जाती है। बच्चा हमेशा थका-थका सा महसूस कर सकता है। 
     
  • त्वचा में परिवर्तन : टीबी की वजह से बच्चे की त्वचा पर भी असर होता है। त्वचा का रंग पीला या लाल होने लगता है। इसके अलावा स्किन इनफेक्शन भी होने लगता है।

 

वयस्कों ​में​ टीबी बीमारी के लक्षण/ Symptoms Of TB Disease in Adults in Hindi

अब हम आपको टीबी बीमारी से संबंधित लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं। 

  1. 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी होना, तेज बुखार आना
     
  2. टीबी के शुरुआती दौर में थोड़ा सा काम करने पर भी थकान का महसूस होना
     
  3. कंधे और पसलियों में दर्द की शिकायत
     
  4. रात को पसीना आना
     
  5. रोगी का मुंह सूखना
     
  6. वजन में तेजी से कमी आना
     
  7. भूख नहीं लगना
     
  8. कभी-कभी थूक के साथ खून आना
     
  9. कफ होना और उसके साथ सांस लेने में समस्या होना

 

टीबी से बचाव के लिए घर में बरतें ये सावधानी / Tuberculosis Home Remedies Precautions in Hindi  

  • घर में तंबाकू का सेवन और धूम्रपान ना करें
     
  • स्मोकिंग बच्चों में टीबी की संभावना 2 से 3 गुना तक बढ़ा देती है
     
  • आपके घर में या पड़ोस में अगर कोई टीबी का मरीज है तो अपने बच्चे को उनके संपर्क में बिल्कुल नहीं आने दें
     
  • बच्चे के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके इसलिए उनको पौष्टिक और संतुलित आहार दें।

 

टीबी के प्रभाव को खत्म करने के घरेलु उपाय/ Home Remedies To Reduce TB Effects In Hindi

  1. लहसुन: टीबी के कीटाणुओं को खत्म करने में लहसुन बहुत कारगर उपाय है। लहसुन में भारी मात्रा में सल्फ्युरिक एसिड पाया जाता है। एक कप दूध और 4 कप पानी में आधा चम्मच लहसुन मिलाकर उबाल लें। उबलने के दौरान जब ये मिश्रण 1 चौथाई रह जाए तो इसे दिन में 3 बार पीने से टीबी के मरीजों को काफी फायदा पहुंचता है। 
     
  2. केला: 1 पके हुए केले को मसलकर इसको नारियल पानी में मिला लें। इसके बाद इसमें शहद और दही मिला लें। इसे दिन में 2 बार खाने से लाभ मिलेगा। 
     
  3. आंवला- आंवले के जूस में 1 चम्मच शहद मिलाकर सुबह के समय पीने से भी लाभ मिलेगा
     
  4. संतरा- संतरे के जूस में नमक और शहद मिलाकर सुबह और शाम के समय पीएं। 
     
  5. काली मिर्च- कफ और खांसी को दूर करने में काली मिर्च कारगर नुस्खा है। 8 से 10 काली मिर्च में थोड़ा सा मक्खन मिलाकर फ्राई कर लें। इसमें थोड़ा सा हींग मिलाकर पीस लें। इसको समय-समय पर खाने से कफ और खांसी में बहुत आराम मिलेगा।

 

ध्यान रहे कि टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है लेकिन इसके इलाज में लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। सबसे अहम बात ये कि अगर आपको अपने बच्चे में कोई भी लक्षण नजर आए तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें और टेस्ट करवाएं। इसके बाद डॉक्टर की सलाह के मुताबिक दवा का डोज पूरा लेना चाहिए। कई बार लोग सुधार महसूस करने पर दवा बीच में ही छोड़ देते हैं, ऐसी गल्ती आप ना करें। 

 

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  • 1
कमैंट्स()
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| Sep 06, 2018

बहुत अच्छा लेख है.. thank you parentune

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