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स्वास्थ्य

अपने नवजात शिशु के लिये कैसे ढूढ़ें चिकित्सक (Pediatrician)?

Ankita A Talwar
0 से 1 वर्ष

Ankita A Talwar के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया May 18, 2019

अपने नवजात शिशु के लिये कैसे ढूढ़ें चिकित्सक Pediatrician

शिशु को जन्म देने के बाद एक माँ के फोन की स्पीड-डायल सूची में जिस शख्स का नंबर सबसे ऊपर हो, वह शायद शिशु का डाक्टर (Pediatrician) होता है। जब भी आपका शिशु छींकता है, गिर जाता है, ज्यादा रोता है या कुछ ऐसा कर देता है जो नये माता-पिता बने लोगो की समझ से बाहर हो, तो आप इसी शख्स के पास सलाह और मदद के लिये जाते हैं। वो डाक्टर होता है, सलाहकार होता है, नये माता-पिता के लिये दिलासा देने वाला होता है, सब-कुछ अपने-आप में समेटे हुये। यह देखते हुये कि वह आपके लिये कितने काम का शख्स है तो क्या यह जरूरी नहीं कि आप उसका चुनाव भी समझदारी से करें?

शिशु के लिये अच्छे डाक्टर का चुनाव करते समय अपने दिमाग में रखने योग्य बातें / How to Choose A Good Doctor For A Baby in Hindi

#1. घर से क्लिनिक की दूरी मायने रखती हैः

शिशु के साथ सभी चीजें - उसका स्कूल, उसके पसंदीदा शौक को सीखने वाली जगह और घर चुनने के जैसे यह चुनाव करना भी जरूरी है कि शिशु के डाक्टर का क्लिनिक/अस्पताल आपके घर से कितना पास है। निश्चित ही , इलाज की सख्त जरूरत के समय और शिशु पर तुरंत ध्यान दिये जाने से पहले आप उसके साथ लम्बे समय तक यात्रा नही करना चाहेंगे।

#2. डाक्टर की डिग्रियों के बजाय उसकी भावना को देखेंः

एक डाक्टर (Pediatrician) के लिये यह बहुत जरूरी होता है कि वह आपकी बात सुने, आपके सवालों का जवाब दे और शिशु से जुड़ने की कोशिश करे, (आखिरकार, शुरूआती दिनों में आप शिशु को कम से कम 6 बार उसके पास ले कर जायेंगी)। हालांकि एक प्रसिद्ध या शिशु के इलाज में माहिर डाक्टर होने के बाद भी यह उसके लिये उतना ही जरूरी है कि वह आपके या आपके शिशु के लिये समय निकाले। ऐसा न होने पर आपको डाक्टर के चुनाव पर फिर से सोचने की जरूरत है। इसके अलावा, यह भी देखें कि क्या शिशु के इलाज से पहले वह आपको बेहतर इलाज का तरीका चुनने की पेशकश करता है या नहीं।

#3. डाक्टर की मौजूदगी बहुत जरूरी हैः

क्या आपका डाक्टर (या उसके साथ काम करने वाला सदस्य) काम खत्म करने के बाद भी आपके मुश्किल वक्त में फोन किये जाने या किसी सूचना पर जवाब देने के लिये ज्यादातर मौजूद रहता है या नहीं। जरूरत पड़ने पर डाक्टर से मिल पाने के नियम कितने सरल हैं? डाक्टर के खुद मौजूद न होने पर उसके स्थान पर कोई उतना ही जानकार शख्स मौजूद होता है या नहीं? आपकों इन बिन्दुओं पर भी सोचना चाहये।

#4. डाक्टर के काम करने वाली दूसरी जगहों की जानकारीः

आजकल बहुत से डाक्टर कई दूसरे अस्पतालों में भी सलाह देने का काम करते हैं। हालांकि किसी दूसरी जगह पर उनसे मिलने जाना उनके समय को बर्बाद करता है लेकिन इसका फायदा यह है कि जरूरत होने पर आप उससे किसी अन्य जगह पर भी मिल सकते हैं। क्या इस फायदे पर नहीं सोचना चाहिये?

#5. आपके माता-पिता होने का अंदाज और डाक्टर का नजरियाः

हालांकि यह अपनी-अपनी खूबियों की बात है और शुरूआत में यह जांच पाना मुश्किल भी होता है पर यह एक ध्यान देने लायक बात है। जब शिशु के खाने-पीने, सोने-जागने के समय और उसकी मालिश की बात आती है तो शिशु की सेहत को लेकर डाक्टरों की अपनी राय और नजरिया होता है। तब कुछ डाक्टर गाय के दूध और इसके फायदों की बात करते हैं और कई डाक्टर होते हैं जो इससे सहमत नहीं होते। इसके अलावा कुछ डाक्टर अपने सालों के तर्जुबे के हिसाब से बात करते हैं तो कुछ माता-पिता होने की नई जानकारियों के आधार पर उनके इस नजरिये को नकारते हैं। ऐसे में, क्या उनका नजरिया आपके माता-पिता होने के ढंग से मेल खाता है, यह देखना जरूरी है वरना आप उलझन में पड़ जायेंगी कि आपको क्या करना है।

6. सहायक कर्मचारीः

सहायक वो लोग हैं जो डाक्टर की ख्याति को बढ़ाते हैं। आप बिल्कुल नहीं चाहेंगी कि इंतजार करने वाले कमरे में अपने शिशु के साथ अनजानों की तरह बैठें, आपको पानी पीने की जगह या शौचालय का पता न हो या किसी ऐसी नर्स/सहायक के साथ बैठना पड़े जो शिशु के काम को लेकर गुस्सा होती हो।

7. शिशु और डाक्टरः

अब आखिरी और सबसे जरूरी बात - क्या आपका शिशु डाक्टर को पसंद करता है। इसका मतलब यह नहीं है कि शिशु को अपना डाक्टर चुनने का मौका देना चाहिये लेकिन ऐसा डाक्टर जिसके देखने भर से शिशु डर से रोने लगे, जिसे देखकर शिशु डर जाये या किसी दूसरी वजह से डाक्टर को पसंद न करे या जिसके पास जाने से शिशु बिल्कुल तैयार न होता हो तो ऐसा डाक्टर आपके परिवार के साथ काम नहीं कर सकता फिर चाहे वह कितना भी लायक क्यों न हो।

आखिर में, सही डाक्टर का चुनाव करना बहुत जरूरी है पर इसके साथ अपने डाक्टर पर विश्वास करना भी बहुत जरूरी है और बार-बार डाक्टर न बदलें। यह हमेशा बेहतर होता है कि आप एक डाक्टर से जुड़े रहें, आखिरकार उसे ही आपके शिशु के इलाज की पूरी जानकारी होती है।

 

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  • 10
कमैंट्स()
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| Jul 25, 2019

my

  • रिपोर्ट

| Jul 02, 2019

mera baby ko 4month injection lga tha or wo thik ni hua mujhe kya krna chiy

  • रिपोर्ट

| Jun 07, 2019

Jb bhi ink pet m pain hota h y bht rote h r milk bhi niii le pate abhi yb45 days Kbhi h

  • रिपोर्ट

| Jun 07, 2019

Jisk karan wo bht ro bhi rha h

  • रिपोर्ट

| Jun 07, 2019

Mere baby k Tommy m bhtdpain ho rha h

  • रिपोर्ट

| May 31, 2019

meri baby 2 days se bhot rorhi h Kya kru Dr. Ko bhi dikhaya Tika lga h usko bhot Dard hota h usko shayd kese chup hogi wo

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| May 31, 2019

hii... mera baby 1 month ka hai... wo pehle bahut gora tha lekin ab bahut sawla ho rha hai... aisa kyon

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| May 23, 2019

kiska tabiyat kharab ho jata hai usko usko doctor check Karta hai Allah se usko na Mummy Mummy Papa kehte Hain bachcha karte bachcha ko pasand

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| May 06, 2019

Mera beta 6mahine ka hone bala hai or usko bahut dast lag reha hai or dr. Bhi dikha diya aaram hua or fir शुरू ho gaye hai

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| Jan 08, 2019

my . no n a lrmr4 jjkmd see b e ameamkrArk me hfBJrbgrbjr me jkk3nj

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