• लॉग इन करें
  • |
  • रजिस्टर
पेरेंटिंग

इंटरनेट इस्तेमाल करते समय कैसे रखें अपने बच्चे को सुरक्षित - 7 तरीके

Sonal Pawar Kadam
11 से 16 वर्ष

Sonal Pawar (Kadam) के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Nov 29, 2019

इंटरनेट इस्तेमाल करते समय कैसे रखें अपने बच्चे को सुरक्षित 7 तरीके
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

अगर आपका बच्चा भी लगातार इंटरनेट इस्तेमाल करने और ऑनलाइन रहने का आदी है तो यह जरूरी है कि आप इसके खतरों के बारे में जानें जिससे बच्चे को इंटरनेट के अनुचित इस्तेमाल से बचाया जा सके। इंटरनेट ने पूरी दुनिया में क्रांति ला दी है। फायदों के साथ-साथ यह कई तरह के खतरे भी पैदा कर रहा है जैसे सायबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन डराने-धमकाने के मामले। मैकेफी, अमेरिका द्वारा पूरी दुनिया में किये गये एक सर्वे में कुछ परेशान करने वाले आंकडे सामने आये हैं।

इंटरनेट के इस्तेमाल को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े / What do Statistics Say About Internet Usage

  • अपने माता-पिता की उम्मीद से कहीं ज्यादा समय किशोर ऑनलाइन रहने में बिताते हैं। औसतन एक दिन में 5 घंटे, जबकि उनके माँ-बाप को लगता है कि किशोर एक दिन में औसतन तीन घंटे ऑनलाइन रहता है। लगभग 10.3 प्रतिशत किशोर हर रोज 10 घंटे से ज्यादा समय ऑनलाइन रहते हैं।

  • माता-पिता को यह पता ही नहीं होता कि उनका बच्चा कितना समय सोशल मीडिया पर बिताता है।

  • ज्यादातर किशोर नहीं मानते कि ऑनलाइन दोस्ती-यारी खतरनाक हो सकती है। एक चिंताजनक तादाद ऐसे किशोरों की है जो उन लोगों से मिल चुके हैं जिनसे उनकी जान-पहचान केवल ऑनलाइन जुड़ाव से हुई है।

  • जब बच्चे सोशल मीडिया/इंटरनेट पर किसी जानकारी का आदान-प्रदान करें तो माँ-बाप को सावधान रहना चाहिये। 49 प्रतिशत किशोर सोशल नेटवर्क पर नाजायज (जैसे अश्लील बातें -39 प्रतिशत और 10 प्रतिशत वेश्यावृति के बारे में) बातें लिखते हैं और 16.3 प्रतिशत वो लोग हैं जो ऐसी बाते लिखते हैं जो उनके माता-पिता के जानने लायक नहीं होतीं।

आपके बच्चे के लिये यह बहुत जरूरी है कि वह इंटरनेट सुरक्षा के बारे में जाने जिससे वह सायबर अपराध के साथ डराने-धमकाने और पहचान चुराने का शिकार होने से बच सके। यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप आपने बच्चे को सायबर जानकारी देकर होशियार बनायें। यहाँ कुछ तरीके हैं जिन्हें अपना कर आप अपने बच्चे को बुद्धिमानी से इंटरनेट इस्तेमाल के लिये तैयार कर सकते हैंः

इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले बच्चे को ये बातें जरूर बता दें / How To Help Young Learners Stay Safe On The Internet In Hindi

अगर आपको कुछ गलत होने का अहसास हो तो न तो डरें और न ही इसके लिये बच्चे को दोष दें। बच्चा जिस समस्या का समाना कर रहा है, उसके बारे में बात करें और इसे समझदारी से हल करें। पूछताछ करते समय संयम रखें, कहीं ऐसा न हो कि बच्चा अपना मुंह ही न खोले।

  • जानकारी लें की बच्चा ऑनलाइन रहने पर क्या-क्या करता है?:  बच्चा किसी भी उम्र का होे, उससे नियम से पूछें कि क्या वह इंटरनेट का इस्तेमाल करता है? वह ऑनलाइन रहने पर क्या-क्या करता है इस बारे में जानकारी लें। यह आपके बच्चे के साथ एक बढ़िया चर्चा की शुरूआत हो सकती है।
  • परिवार में इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस्तेमाल के नियम बनायेंः
    • बच्चे के लिय इंटरनेट इस्तेमाल का समय तय करें।

    • इस्तेमाल करने वाली वेबसाइट का नाम तय करें।

    • इंटरनेट चलने वाले कम्प्यूटर को सभी के आने-जाने वाली जगह पर रखें जैसे बैठक में।

    • इस बात पर नजर रखें कि वह अपनी जन्मतिथि, स्कूल और घर का पता, छुट्टियों पर जाने की योजना और दूसरी चीजों का इंटरनेट पर खुलासा न करे।   

  • वेबसाइट पर नया एकाउण्ट बनाते पासवर्ड इत्यादि की जानकारी: अपने किसी भी एकाउंट के पासवर्ड और दूसरी बातों की जानकारी की सावाधानी से सुरक्षा करें। इन बातों का वेबसाइट पर नया एकाउण्ट बनाते समय ध्यान रखेंः
    • इसमें आपका प्रयोगकर्ता नाम, आपका या आपकी कंपनी का वास्तविक नाम न हो।

    • आपका नया पासवर्ड पिछले पासवर्ड से पूरी तरह से अलग हो।

    • पासवर्ड का मतलब है कि यह पूरी तरह से गुप्त हो, तो पक्का करें आपका बच्चे इसे किसी को न बताये।

  • अपनी जानकारी बढ़ायेंः सोशल मीडिया वेबसाइट से जुड़ें और जानें कि यह कैसे काम करती है। साथ ही अपने बच्चे की प्रोफाइल पर नजर रखें। उस सामग्री के प्रति सावधान रहें जो आपके बच्चे के प्रोफाइल पर डाली जाती है।
  • अपने बच्चे को सिखायें कि बिना जान-पहचान वाले लोगों की दोस्ती की प्रस्ताव को कभी भी स्वीकार न करें और न ही ऐसे लोगों से ऑनलाइन बातचीत करें जिन्हे वे नहीं जानते।
  • ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में पढ़ें और बच्चे को भी बताएं: ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी कोई भी जानकारी जो आपके पास है, को पढ़ें और एसा करते समय अपने बच्चे को भी अपने साथ शामिल करें। इंटरनेट के खतरे से जुड़े लेख, सोशल मीडिया और अपने बच्चे के साथ को नियम से साझा करे, उसे डराने के लिये नहीं बल्कि उसकी जानकारी बढ़ाने के लिये। इसके साथ-साथ, चलन में होने वाली नई सोशल मीडिया साइट और एप्लीकेशन की अपनी जानकारी को बढ़ाते रहें।  
  • ट्रैकिंग के बारे में बच्चे को बताए: ट्रैकिंग के बारे में जानें और अपने बच्चे से इस बारे में बात करें। निजी जानकारी के खुलासे से जुड़े खतरों के प्रति सतर्क रहें जो आपके बच्चे की ली हुई तस्वीरों और वीडियो की वजह पैदा होते हैं। उदाहरण के लिये, जब भी अपने बच्चे का कोई फोटो आप किसी वेबसाइट जैसे फेसबुक वगैरह पर डालें तो फोटो किस जगह लिया गया है, यह पता लगाने वाली तकनीक को डिएक्टीवेट कर दें।
  • अपने बच्चे के साथ भरोसे का रिश्ता कायम करेंः कई बार बच्चे से उसकी ऑनलाइन गतिविधि को लेकर सीधा सवाल करना उल्टा असर करता है और वह आपको कोई भी जवाब न देने पर अड़ जाता है। इसके बजाय, आप उसके साथ दोस्ताना और भरोसे का रिश्ता बनायें जिससे वह चीजों के बारे में आपसे बात और चर्चा कर सके।
  • बच्चे की निगरानी करने वाली एप्लीकेशनः बच्चे के मोबाइल/कम्प्यूटर आदि में निगरानी करने वाली एप्लीकेशन डालें जिससे उसकी ऑनलाइन गतिविधि के बारे में आपको तुरंत पता चल सके।
  • बच्चे के लिये घर पर ऐसे कार्यक्रम करें जिसमें वह अपने सभी दोस्तों को बुला सके। इस तरह, अगर वह किसी ऐसे दोस्त को वहाँ बुलाता है जो उसकी सोशल मीडिया मंडली में से है तो आपको उसके बारे में जानने का मौका मिल जायेगा। यह खासकर, ज्यादा उम्र के बच्चों के लिये ठीक तरीका है क्योंकि इस उम्र में बच्चे बिना जान-पहचान और अपने ऑननलाइन दोस्तों के साथ अकेले घूमने-फिरने जाने लगते हैं।

आप इन सलाहों को अपना कर यह पक्का कर सकती है कि आपका परिवार इंटरनेट पर सुरक्षित है। माता-पिता होने का फर्ज निभायें और सुरक्षित रहें।

Disclaimer: सोनल पवार (कदम) इंटरनेट के बढ़ते चलन से प्रभावित हैं और इंटरनेट की दुनिया में क्या चल रहा है, इसकी पूरी जानकारी रखती हैं। एक माँ होने के नाते वह सायबर सुरक्षा के महत्व को समझती हैं।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

  • 1
कमैंट्स ()
Kindly Login or Register to post a comment.

| Nov 10, 2019

jfduhcxbj

  • Reply
  • रिपोर्ट
+ ब्लॉग लिखें
Sadhna Jaiswal

आज के दिन के फीचर्ड कंटेंट

गर्भावस्था

Ask your queries to Doctors & Experts

Download APP
Loading
{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}

{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}