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खेल कूद

खेलकूद में बच्चे को किन 10 उपायों से करें प्रोत्साहित?

Prasoon Pankaj
3 से 7 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 05, 2021

खेलकूद में बच्चे को किन 10 उपायों से करें प्रोत्साहित
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

खेलोगे कूदोगे तो बनेगो खराब…बदलते वक्त के साथ-साथ अब ये मुहावरा भी बदल चुका है। ओलंपिक 2021 में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए अब एक बात तो तय है कि आने वाले दिनों में अपने देश में क्रिकेट के अलावा दूसरे गेम्स में भी युवा पीढ़ी का रूझान बढ़ने वाला है। इसके साथ ही ये भी तय माना जा रहा है कि भविष्य में होने वाले ओलंपिक खेलों में भारत पदक तालिका में भी दोहरे संख्या में जा सकता है। भारतीय हॉकी टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता है। इसके साथ ही मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में भारत को रजत पदक दिलवाया। लवलीना बोरगोहेन ने कांस्य पदक औऱ पीवी सिंधु ने बैडमिंटन वुमेंस सिंगल्स में कांस्य पदक जीता है। अगर आपके बच्चे को किसी भी खेल में गहरी रूचि है तो उसको प्रोत्साहित करें। खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का भविष्य उज्जवल है। बच्चे अगर खेलने को लेकर उत्साहित रहते हैं तो इसके क्या फायदे हो सकते हैं इसके बारे में विस्तार से इस ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं। 

खेलकूद में भाग लेने से बच्चे को क्या फायदे हो सकते हैं?  

स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है और कहते भी हैं ना कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग निवास करता है। 

  • जो बच्चे खेल-कूद करते हैं शारीरिक रूप से ज्यादा सक्रिय और मजबूत रहते हैं। 

  • खेलकूद में सक्रिय रहने वाले बच्चों की हड्डियां औऱ दिल मजबूत होते हैं। 

  • खेलकूद के दौरान टीम फीलिंग की भावना विकसित होती है शुरुआती दिनों से ही बच्चों में आपसी मेलजोल और सामंजस्य स्थापित करने जैसे सकारात्मक बातें सामने आने लगते हैं।

  • घर के अंदर मोबाइल और टीवी को लगातार देखते रहने से बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है और जब वे प्ले ग्राउंड में जाकर खेलकूद करते हैं तो उनकी फिजिकल एक्टिविटी बढ़ जाती है।

  

  1. दिल को रखे दुरुस्त- खेलकूद में सक्रिय होने का सबसे बड़ा फायदा तो यही होता है कि बच्चे को दिल से संबंधित समस्याएं नहीं के बराबर होते हैं। खेलने के दौरान उनका हृदय मजबूत होता है। 

  2. अधिक वजन की समस्या से निजात- जंक फूड और तला भूना खाना खाने से भी कुछ बच्चों को अधिक वजन की समस्या हो जाती है। लेकिन जब वे प्ले ग्राउंड में खेलने के दौरान शारीरिक गतिविधियों को करते हैं तो तो उनका मोटापा कम होने लगता है और उनका वजन नियंत्रित होता है।

  3. जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि खेलकूद से बच्चों में टीम वर्क की भावना विकसित होते हैं और आगे चलकर इसी प्रकार की आदतें प्रोफेशनल लाइफ में भी उनको सफल बना सकते हैं।

  4.  खेलकूद से बच्चों का संपूर्ण शारीरिक विकास होता है। प्ले ग्राउंड में बच्चे अगर आधा घंटा समय भी बिताते हैं तो उनकी हड्डियों में रक्त संचार अच्छे से होने लगता है। कुछ तो ऐसे खेल भी हैं जैसे कि रस्सी कूद, जंपिंग जैसे गेम्स खेलने से बच्चों की हाइट बढ़ती है।

 

बच्चों को खेलने के लिए कैसे करें प्रोत्साहित?

 

सबसे महत्वपूर्ण बात पेरेंट्स के लिए ये समझना है कि वे अपने बच्चे को खेलने के लिए कैसे प्रोत्साहित कर सकते हैं। तो आइये जानते हैं कुछ ऐसे ही कारगर टिप्स के बारे में।

 

  • आप अपने बच्चे को शारीरिक रूप से एक्टिव रहने के कुछ फायदों के बारे में जरूर बताएं। आप उनको कुछ उदाहरण देकर भी समझा सकते हैं। 

  • कई बार होता ये है कि बच्चे खेलने के लिए अकेले बाहर नहीं जा पाते हैं तो ऐसी परिस्थितियों में पेरेंट्स को बच्चे के साथ बाहर जाना चाहिए। पेरेंट्स भी बच्चों के साथ खेल सकते हैं। धीरे-धीरे इन उपायों से आपके बच्चा का भी स्पोर्ट्स के प्रति रूझान बढ़ने लगेगा।

  • कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि बच्चे कंप्यूटर मोबाइल पर गेम्स खेलते रहते हैं। इन कामों के लिए आप बच्चे को सीधा मना कर देंगे तो उनको बुरा लग सकता है इसलिए हमारा सुझाव है कि आप इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस के लिए कुछ समय निर्धारित करें जैसे कि 2 घंटे से ज्यादा देर तक वे मोबाइल और टीवी नहीं देख सकते हैं। 

  • आप अपने बच्चे के स्कूल से भी जानकारी हासिल करें कि क्या आपका बच्चा स्कूल में अपने दोस्तों के साथ खेलकूद में अभिरूचि रखता है कि नहीं...अगर नहीं तो फिर स्पोर्ट्स टीचर से इस समस्या के बारे में अवश्य चर्चा करें। वे आपको कुछ और कारगर उपायों के बारे में सुझाव दे सकते हैं।

  • अगर आपके बच्चे साइकिल चलाने लायक हो गए हैं तो उनको साइकिल खरीदकर दे सकते हैं। आसपास के छोटे मोटे काम वो साइकिल से कर सकते हैं। आप अपने बच्चे के साथ सप्ताह में कम से कम 2 से 3 दिन पार्क जरूर जाएं।

इस तरह के कुछ उपायों से आप अपने बच्चे को खेलकूद के प्रति प्रोत्साहित कर सकते हैं। अगर आपको ये लगता है कि आपके बच्चे का किसी खेल में गहरी रूचि है तो उसको बाकायदा किसी एक्सपर्ट की निगरानी में ट्रेनिंग दिलवाएं, क्या पता ओलंपिक में अगला मेडल आपका बच्चा ही जीतकर ले आए।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

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कमैंट्स ()
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| Aug 06, 2021

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