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कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को खास खतरा नहीं , IAP ने जारी की एडवाइजरी

Prasoon Pankaj
0 से 1 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया May 24, 2021

कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को खास खतरा नहीं IAP ने जारी की एडवाइजरी
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

अभी देश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है लेकिन इस सबके बीच में ही अब कोरोना की तीसरी लहर के आने का भी अंदेशा जताया जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के भी प्रभावित होने की बातें सामने आ रही थी। स्वाभाविक है कि इस बात को लेकर पेरेंट्स काफी चिंतित और परेशान हो रहे हैं लेकिन अब जो हम जानकारी आपको देने जा रहे हैं वो आपके लिए काफी महत्वपूर्ण व राहत देने वाली है। इंडियन एकेडमी ऑफ पीड्रियाट्रिक्स IAP (Indian Academy of Pediatrics) ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर एक एडवाइजरी जारी किया है। इस एडवाइजरी की खास बातों के बारे में भी हम आपको इस ब्लॉग में विस्तार से बताने जा रहे हैं। 

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर IAP की एडवाइजरी में क्या कहा गया है? 

कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरा होने की आशंकाओं के बीच IAP का बयान बहुत राहत देने वाला है। 

  • IAP के मुताबिक हालांकि बच्चे कोरोना संक्रमण के लिए अति संवेदनशील होते हैं लेकिन इस बात की बहुत कम आशंका है कि तीसरी लहर विशेष रुप से बच्चों को प्रभावित करेगी। 

  • IAP ने ये भी कहा है कि अब तक इस बात का कोई साक्ष्य ऐसा नहीं मिला है कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे ज्यादा संक्रमित होंगे।

  • 22 मई यानि शनिवार को जारी किए गए एक एडवाइजरी में देश के बाल रोग विशेषज्ञों की सबसे बड़ी संस्था IAP ने कहा है कि अब तक बच्चों में लगभग 90 प्रतिशत संक्रमण हल्के या कम लक्षण वाले रहे हैं

  • IAP की तरफ से जारी किए गए इस एडवाइजरी के मुताबिक अभी तक बहुत कम संख्या में बच्चे कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इस एडवाइजरी के मुताबिक बच्चों का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. पहली और दूसरी लहर के आंकड़ों के मुताबिक, गंभीर रूप से संक्रमित बच्चों को भी ICU की जरूरत नहीं पड़ी। अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है, तो ये कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चे संक्रमित हो सकते हैं।

कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए किन उपायों का करें पालन?

कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करने का सुझाव दिया जाता है।

  1. अब तक हुए रिसर्च के मुताबिक कोविड की पहली लहर में मुख्य रूप से संक्रमित होने वालों में बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति रहे। दूसरी लहर में कम आयु वर्ग के (30-45) वर्ष के लोग संक्रमित हुए। इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल रहें जिनमें पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। दूसरी लहर के समाप्त होने के बाद अगर हम कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करना जारी नहीं रखते हैं तो तीसरी लहर में नॉन इम्यून या कम इम्यूनिटी वाले लोगों के संक्रमित होने की संभावना हो सकती है और इसमें बच्चे भी शामिल हो सकते हैं।

  2. माता पिता को पैनिक नहीं होने की सलाह- IAP के द्वारा गठित कोविड टास्क फोर्स के मुताबिक पेरेंट्स से पैनिक नहीं होने की अपील की जा रही है। IAP के कोविड टास्क फोर्स के सदस्यों में से एक डॉ उमेश वैद्य का कहना है कि बच्चों के माता पिता से निवेदन करना चाहूंगा कि अत्यधिक रुप से डरने की कोई वजह नहीं है लेकिन उन्हें लापरवाही भी नहीं बरतनी चाहिए।

  3. IAP की एडवाइजरी में पेरेंट्स से अपने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नजर रखने व अगर उनका व्यवहार बदला सा नजर आ रहा है तो फिर सतर्कता बरतने का सुझाव दिया गया है।

  4. IAP ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही 2 से 5 साल के बच्चों को मास्क पहनने की ट्रेनिंग देने का सुझाव दिया है।

  5. IAP ने ये भी कहा है कि हालांकि अभी तक कोई ऐसी दवा नहीं आई है तो जो बच्चों को कोरोना संक्रमित होने से बचा सके। अगर परिवार में कोई और व्यक्ति संक्रमित हुआ है तो ये माना जा सकता है कि बच्चे भी संक्रमित हो सकते हैं।

  6. IAP के मुताबिक पहले सामान्यतया बच्चों में कोरोना के लक्षण सर्दी, खांसी व बुखार वगैरह हुआ करते थे लेकिन अब दूसरी लहर में पेट में दर्द, दस्त भी कोरोना के लक्षण हो सकते हैं। 

बच्चे को कोरोना का टेस्ट किन परिस्थितियों में कराना चाहिए?

निम्नलिखित परिस्थितियों मे बच्चे का कोरोना टेस्ट अवश्य करा लेना चाहिए।

  • अगर बच्चे को 3 दिन से ज्यादा समय से बुखार रहे

  • घर में कोई सदस्य कोरोना पॉजिटिव हो जाए

  • अगर मां और बच्चे दोनों में संक्रमण के लक्षण दिखें

  • हालांकि मां अगर बहुत ज्यादा गंभीर रूप से बीमार नहीं है तब वो डॉक्टर की सलाह के मुताबिक बच्चे को स्तनपान करा सकती है

उत्तर प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरु कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 12 साल से कम आयु वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए स्पेशल वैक्सीनेशन शिविर लगाए जा रहे हैं। 

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