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बच्चों के लालन-पोषण में इन 5 गलतियों से बचें

Rashmi Balagopal
0 से 1 वर्ष

Rashmi Balagopal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jul 31, 2018

बच्चों के लालन पोषण में इन 5 गलतियों से बचें

हर पैरेंट्स की इच्छा होती है कि उनका बच्चा कामयाब व अच्छा बने। हर कोई उसकी तारीफ करे। वह इसके लिए उसकी लालन व पोषण पर विशेष ध्यान देते हैं। पर कई बार मां-बाप विशेष ध्यान देते-देते बच्चों को ज्यादा लाड-प्यार करने लगते हैं, जो कई केसों में खतरनाक हो जाता है। दरअसल पैरेंट्स के अधिक लाड-प्यार से कई बच्चे अनुशासनहीन हो जाते हैं। उन्हें सुधारने के लिए पैरेंट्स सख्ती दिखाते हैं और सजा तक देते हैं, लेकिन इससे जरूरी नहीं कि बच्चा सुधर जाए। कई बार सख्ती से बच्चे और बिगड़ जाते हैं। आज हम आपको यहां बताएंगे कि बच्चों के लालन-पोषण में किन पांच गलतियों से बचना चाहिए।

न करें ये गलतियां

  1. बच्चे की हर मांग पूरी न करें -  अक्सर देखने में आता है कि पैरेंट्स बच्चे को खुश करने के लिए उसकी हर मांग पूरी कर देते हैं। पर यह गलत है। इससे बच्चे में हमेशा हां सुनने की आदत विकसित हो जाती है। वह जिद्दी हो जाता है। उसकी मांग भी बढ़ती जाती है, क्योंकि उसे पता होता है कि उसके मां-बाप हर मांग पूरी कर देंगे। कई बार बच्चे पैरेंट्स को इमोशनली ब्लैकमेल करने के लिए दूसरे लोगों या घर में आए मेहमानों के आगे रोने व जिद करने लगते हैं। दरअसल उन्हें ये लगता है कि पैरेंट्स अपनी इज्जत बचाने के चक्कर में जिद पूरी कर देंगे। पैरेंट्स ऐसा करते भी हैं, अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो इसे फौरन बंद करें। बच्चे के आगे समर्पण न करें। उसे न कहना सीखें।
  2. बच्चे के सामने गुस्सा करने से बचें – बच्चे को क्रोध, झुंझलाहट व चिड़िचिड़ाहट में अनुशासन न सिखाएं। अगर आप इस तरह उन्हें अच्छी बात भी बताएंगे, तो उनका उत्साह खत्म हो जाएगा और वह उन बातों पर अमल नहीं करेगा। यही नहीं अगर आप अक्सर गुस्सा करते हैं, या छोटी छोटी बातों पर चिड़चिड़े हो जाते हैं, तो इस आदत को भी बदल डालें। ऐसी चीजें बच्चे के सामने न करें। नहीं तो बच्चा भी गुस्सा करना व चिड़चिड़ापन सीख लेगा।
  3. गलत काम को न करें नजरअंदाज  - अगर बच्चा कोई गलत काम कर रहा है, तो ये सोचकर न टालें कि ऐसा पहली बार कर रहा है। उसे फौरन टोकें और उस गलत काम के नुकसान बताएं। अगर आप उसे नहीं टोकेंगे तो वह आगे भी इसे दोहराता रहेगा। धीरे-धीरे ये उसकी आदत बन जाएगी। बच्चे के सामने कभी भी गाली-गलौज न करें।
  4. एकमत रहें -  बच्चे को अगर अनुशासित करना है, तो इसके लिए पूरे परिवार का भी एकमत होना जरूरी है। अगर पिता बच्चे को किसी गलती के लिए डांट रहा है, तो मां या घर के दूसरे सदस्य को बच्चे का बचाव नहीं करना चाहिए। अगर कोई बचाव पर उतरेगा, तो बच्चा आगे भी वही गलती करेगा क्योंकि उसे पता होगा कि मुझे बचाने कोई न कोई जरूर आएगा।
  5. मन पर बोझ न डालें – अक्सर पैरेंट्स बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं लाद देते हैं। यह गलत है। आपको बच्चों पर अपनी कोई भी अपेक्षा या इच्छा लादने से पहले यह सोचना चाहिए कि उसकी रुचि किसमें है। यदि आप उन्हें अपने मन का करने देंगे, तो वह सहजता से उसे करेंगे।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

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