शिक्षण और प्रशिक्षण

इन 5 सामाजिक प्रथाओं से जोड़े अपने बच्चे को !

Parentune Support
11 से 16 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jul 03, 2018

इन 5 सामाजिक प्रथाओं से जोड़े अपने बच्चे को

बच्चो को समाजिक प्रथाओं के अवगत करना हमारी जिम्मेदारी होती है यह एक पारिवारिक शिक्षा होती है, जो बच्चे की जिन्दगी पर प्रभाव डालता है। जैसे की बड़ो की अनुमति लेना ,गलत शब्द का प्रयोग न करना ,बड़ो का आदर करना ,छिक आने पर रुमाल से मुह ढकना,किसी का मजाक ना उड़ना ,दूसरों से सवाल पूछने से पहले कृपया और अन्य लोगों से कुछ पाने के बाद धन्यवाद आदि | ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण समाजिक प्रथाये निचे दी गयी है जो आपको अपने बच्चे को जरुर सिखाना चाहिए |


बड़े के बीच में न बोलें -- उन्हें सिखाये की जब दो बड़े लोग आपसे में जरूरी बात- चीत कर रहे हों तो बच्चे बीच में इंटरप्ट न करें अपनी कोई भी बात कहने के लिए। जब उनकी की बात ख़त्म हो जाएगी तो वो आपसे खुद ही बात करके आपकी बात पूंछेंगे।
 

बड़ो की अनुमति लेना -- यह  आदत आपको अपने बच्चे को बचपन में ही डाल देनी चाहिए। की जब भी उन्हें कोई काम कारना हो, खेलने जाना हो या बाहर जाना हो तो  सबसे पहले अपने बड़ों से परमिशन ले कर बाहर जाये। बिना पूछे किसी के कमरे में न घुसे ,किसी के कमरे में जाने के पहले दरवाजे को खटखटाएं अगर कोई अंदर से आवाज दे की आ जाओ तभी रूम के अंदर जाए|
 

खाने से जुड़े व्यवहार -- बच्चो को बचपन से ही कुछ सलीके सिखाना जरूरी होता है ताकि बड़े होने पर भी उनकी आदत बनी रहे | जैसे की बड़े जब आपको खाना सर्व करें। तभी खाएं आप खुद ही जल्द बाज़ी में खाना न परोसने लगे। साथ ही बड़ों के टेबल मैनर्स को देख कर फॉलो करें। बच्चे को खाने बाद नैपकिन का प्रयोग करने का मैनर्स सिखाये। जिससे वह अपने मुह को साफ़ रख सकें।
 

विनम्रता के शब्द -- थैंकयू, प्लीज,सॉरी ये ऐसे शब्द है जिसे बोलने से आपकी परवरिश पता चलती है ,ये आपके विनम्र होने का प्रमाण होता है |जो बच्चे बचपन से इन शब्दों का इस्तेमाल करते है वो बड़े होकर अच्छे इन्सान बनते है |उदहारण के लिए - जब कोई आपको कुछ दें तो उसे  थैंक यू जरूर बोलें।प्लीज शब्द का प्रयोग करके किसी से कोई भी बात पूंछे।रास्ता चलते वक़्त अगर गलती से किसी से टकरा जाये तो फ़ौरन सॉरी बोलें या मांफ मांगे किसी से मिलने पर उन्हें नमस्ते कहे हैं,अगर वो आपसे बड़े है तो उनका पैर छुए |
 

किसी को फ़ोन करना या किसी का फ़ोन उठाना  -- जब किसी को फोन करें तो सबसे पहले फ़ोन रिसीव करने वाले को अपने बारे में बताएं। उसके बाद में जिससे बात करनी हैं उसके लिए विनम्र होकर बात कराने के लिए कहें।जब तक अपने माता पिता  फ़ोन उठाने को ना बोले तब तक आप फ़ोन ना उठाये |

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