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पेरेंटिंग बाल मनोविज्ञान और व्यवहार

बच्चों में चिड़चिड़ेपन की समस्या को दूर करने के उपाय क्या हैं?

Deepak Pratihast
1 से 3 वर्ष

Deepak Pratihast के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Dec 06, 2019

बच्चों में चिड़चिड़ेपन की समस्या को दूर करने के उपाय क्या हैं

चिड़चिड़ापन एक ऐसी अवस्था होती है जो ना सिर्फ हम बड़ों में बल्कि बच्चों में भी पाई जाती है। चिड़चिड़ेपन की वजह से बच्चे गलत काम भी करने लगते हैं। अगर आप पैरेंट्स हैं और आपका बच्चा चिड़चिड़ा हो गया है तो आपको थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। दरअसल इसे नजरअंदाज करने से बच्चे की समस्या और बढ़ सकती है और बाद में इसे कंट्रोल करना मुश्किल हो जाएगा। 7-11 साल के बच्चों में अगर चिड़चिड़ापन है तो आपको और अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे बच्चों में चिड़चिड़ेपन के क्या कारण होते हैं और किस तरह इसका समाधान किया जा सकता है।

बच्चों में चिड़चिड़ापन के क्या कारण हो सकते हैं? / Anger, Irritability and Aggression in Kids In Hindi

बच्चों में चिड़चिड़ेपन का कोई एक कारण नहीं होता। इसके पीछे कई तरह की वजहें होती हैं। आप का व्यवहार भी बच्चों को काफी हद तक प्रभावित करता है। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख कारणों को।

  1. डिमांड पूरी न करने पर – शुरु में अधिकतर पैरेंट्स बच्चे की हर बात पूरी करते हैं। उनकी हर डिमांड को वे एक बार में पूरी करते हैं। पर धीरे-धीरे कई बार ऐसा होता है कि अभिभावक बच्चों की डिमांड पूरी नहीं करते। इससे बच्चे गुस्से में आकर जिद्दी और चिड़चिड़े हो जाते हैं।

  2.  ध्यान न देने पर -  बच्चों पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। कई बार पैरेंट्स बच्चों की छोटी-छोटी बातों व समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे पर नकारात्मक असर पड़ता है। वह आपकी तरफ से बेहतर प्रतिक्रिया न पाकर चिड़चिड़ाव गुस्सैल हो सकता है।

  3. अधिक डांटने व पिटाई करने पर – बच्चों पर हमेशा सख्ती सही नहीं है। कई पैरेंट्स बच्चे को अनुशासित करने के लिए उन्हें अधिकतर समय डांटते हैं या पिटाई करते हैं। इससे बच्चे पर गलत असर पड़ता है। हमेशा डांट व पिटाई खाने से उसके अंदर नफरत की भावना जाग जाती है और वह चिड़चिड़ा हो सकता है।

  4. बदलाव की वजह से -  कई बार बच्चे घर में आए बदलावों की वजह से भी चिड़चिड़े हो जाते हैं। मान लीजिए अभी तक बच्चा किसी और कमरे में सोता था और आपने अचानक उसका कमरा बदल दिया। या फिर उसे खेलने से मना कर दिया। ऐसी कई और चीजें जब बदलती हैं तो वह इन्हें स्वीकार नहीं कर पाते और चिड़चिड़े हो जाते हैं।

  5. नींद की कमी से – नींद सबके लिए बहुत जरूरी है, फिर चाहे वह बच्चे हों या बड़े। कई बार नींद पूरी न होने से भी बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं। दरअसल नींद पूरी न होने के कारण वह थकावट महसूस करते हैं, इससे उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है।

  6. थकावट व भूख – अगर बच्चा थका हुआ है और भूखा है तो उसके अंदर चिड़चिड़ापन आ जाएगा। वह छोटी-छोटी बातों पर भी चिढ़ने लगता है।

  7. पोषक तत्वों की कमी होने पर – बच्चों के विकास के लिए पोषक तत्व बहुत जरूरी हैं। इसके अभाव में बच्चे में कई तरह की समस्याएं आती हैं। इन समस्याओं में से एक चिड़चिड़ापन आना भी है। पोषक तत्वों के अभाव में बच्चा चिड़चिड़ा हो जाता है।

  8.  शरीर में टॉक्सिन्स जमा होना – कई बार बच्चे गलत आहार का सेवन करते हैं। पैरेंट्स भी इस पर ध्यान नहीं देते। गलत आहार खाने से बच्चों के शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगता है और इससे वह चिड़चिड़ा हो जाता है।

 

चिड़चिड़ापन दूर करने के लिए सटीक उपाय क्या हैं? / Irritability in children: what we know and what we need to learn In Hindi

चिड़चिड़ापन बच्चों में सामान्य बात है। अगर आप बच्चे पर ध्यान दें तो यह बड़ी समस्या नहीं है। कुछ बातों का ध्यान रखकर आप आसानी से उसकी इस कमी को दूर कर सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे उपाय जिनकी मदद से आप बच्चे के चिड़चिड़ेपन को दूर सकते हैं।

  1. बच्चे को लालच न दें -  अक्सर पैरेंट्स बच्चों से काम कराने या कोई बात मनवाने के लिए उहें कुछ न कुछ लालच देते हैं। बच्चा लालच में काम कर भी देता है। अगर आप भी बच्चे को लालच देकर बात मनवाते हैं, तो यह गलत है। दरअसल इससे बच्चे में इस चीज की आदत बन जाएगी और जब आप कभी कुछ देने से मना करेंगे तो वह चिड़चिड़ा हो जाएगा।

  2. बच्चे को समय दें और उसे समझें – कुछ माता-पिता व्यस्तता की वजह से अपने बच्चे को समय नहीं दे पाते, इससे भी बच्चा अकेलेपन में चिड़चिड़ा हो जाता है। अगर बच्चे को इस समस्या से बाहर लाना है तो आपको उसे समय देना चाहिए। आपको बच्चे को अच्छे से समझना चाहिए। वह क्या चाहता है, उसकी क्या समस्याएं हैं। उसकी बातें और उसकी समस्याओं को सुनकर उसका समाधान भी निकालना चाहिए।

  3. सही गलत में अंतर समझाएं – ये हर पैरेंट्स की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चे को सही-गलत का अंतर समझाएं। बच्चा अपने आसपास से सीखता है। कई बार वह अच्छी बातें सुनता है और कई बार गलत। अपने लोगों को देखकर वह भी इन बातों को करने लगता है। गलत होने पर जब आप उसे डांटते हैं तो वह चिड़चिड़ा हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि  आप उसे शुरू से सही और गलत में अंतर बताएं। उसमें जब यह समझ होगी तो वह गलत काम नहीं करेगा और चिड़चिड़ेपन का भी शिकार नहीं होगा।

  4. अपना व्यवहार भी ठीक रखें – बच्चा अपने पैरेंट्स से ही अधिकतर चीजें सीखता है। आप उसके सामने जैसा व्यवहार करेंगे वह भी वैसा ही करेगा। ऐसे में जरूरी है कि आप उसके सामने अपने व्यवहार को हमेशा ठीक रखें। मान लीजिए आप बच्चे को डांटकर या झल्लाकर समझा रहे हैं कि आगे से दूसरों से प्यार से बात करना। इससे बच्चा आपकी बात को गंभीरता से नहीं लेगा। आपके चिल्लाकर बात करने से वह और चिड़चिड़ा हो जाएगा। अगर चाहते हैं कि बच्चा प्यार से बात करे तो आपको भी उसे प्यार से ही समझाना होगा। आप बच्चे में जो बदलाव लाना चाहते हैं, वो खुद में भी रखें।

  5. खानपान पर ध्यान दें -  बच्चे को चिड़चिड़ेपन से दूर रखना चाहते हैं तो आपको उनके खानपान पर भी विशेष ध्यान देना होगा। आप सुनश्चित करें कि बच्चे को आहार में पोषक तत्व मिलता रहे। 

  6. बच्चे को पूरी नींद लेने दें – जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि नींद पूरी न होने के कारण भी बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं। ऐसे में आपको अपने बच्चे की नींद पूरी कराने पर भी ध्यान देना चाहिए।

  7. बच्चे को घुमाने ले जाएं – बच्चे को समय-समय पर कहीं बाहर घुमाने ले जाएं। नई जगह पर जाकर वह खुश रहेगा। उसके मन से चिड़चिड़ापन भी खत्म हो जाएगा।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

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