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खाना और पोषण

बच्चे को कब से दें चीनी व नमक?

Deepak Pratihast
0 से 1 वर्ष

Deepak Pratihast के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Apr 05, 2021

बच्चे को कब से दें चीनी व नमक
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

छोटे बच्चे के खानपान को लेकर अक्सर पैरेंट्स में कंफ्यूजन की स्थिति रहती है। खासकर तब जब बच्चा 6 महीने पूरे कर चुका होता है और उसे धीरे-धीरे मां के दूध के अलावा दूसरा आहार देना शुरू किया जाता है। सबसे ज्यादा असमंजस बच्चे (kid) को कब से दें नमक (Salt) और चीनी (Sugar), इसको लेकर रहती है। बच्चे के विकास के लिए इसे जरूरी मानते हुए कई पैरेंट्स उसे बहुत जल्द दोनों चीजें देना चाहते हैं, लेकिन यह ठीक नहीं है। अगर आप भी मां बनी हैं और बच्चे के खानपान को लेकर आपके मन में कोई सवाल है तो ये ब्लॉग आपके काम का है। यहां हम बताएंगे कि बच्चे को कब से नमक और चीनी खिलाना शुरू करना चाहिए।

बच्चे को नमक देने की सही उम्र क्या है? / When should You introduce salt to Your toddler In Hindi?

बच्चा जब 6 महीने का हो जाता है, तो उसे ठोस आहार देना शुरू किया जाता है। इस दौरान अचानक मां के दूध से नए आहार को देखकर बच्चा खाने में आनाकानी करता है। इसे देखते हुए पैरेंट्स सोचते हैं कि वह स्वाद की वजह से ऐसा कर रहा है और अगर उसके खाने में नमक या चीनी मिलाकर दिया जाए तो वह खाना शुरू करेगा। पैरेंट्स का यह सोचना गलत है। अगर आप भी ऐसा करने की सोच रहे हैं तो फौरन इसे अपने दिमाग से निकाल दें। एक्सपर्ट व डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे को 1 साल की उम्र तक नमक नहीं देना चाहिए। साइंटिफिक एडवाइजरी कमिटी ऑन न्यूट्रिशन (SACN) की रिपोर्ट भी यही कहती है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ये है कि इस अवस्था में उन्हें नाम मात्र नमक की जरूरत होती है। यह मात्रा भी उन्हें मां के दूध या डिब्बे के दूध से मिल जाता है। इसके अलावा उनकी किडनी कमजोर होती है और तय मात्रा से अधिक नमक को वह पचा नहीं सकते।  

बच्चे को चीनी देने की सही उम्र क्या है? / When should You introduce sugar to Your toddler In Hindi?

वहीं बात अगर चीनी की करें तो डॉक्टर कम से कम 1 साल व संभव हो तो 2 साल तक बच्चे को चीनी देने से मना करते हैं। साइंटिफिक एडवाइजरी कमिटी ऑन न्यूट्रिशन (SACN)  की रिपोर्ट 2 साल के बाद ही बच्चों को चीनी देने की बात कहती है। डॉक्टरों का का कहना है कि चीनी की अधिकता से बच्चे में कैविटी (Cavity) की आशंका बढ़ जाती है। यही नहीं कैलोरी की मात्रा अधिक होने की वजह से चीनी का सेवन बच्चों में मोटापा व अधिक वजन (Weight) की समस्या को जन्म दे सकता है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप दो साल तक बच्चे को चीनी देने से बचें।         

1 साल से पहले नमक देने के नुकसान / Why No Salt For Babies until 1 year of age In Hindi

रिसर्च के अनुसार, 1 साल तक के बच्चे को एक दिन में सिर्फ 1 ग्राम (0.4 ग्राम) सोडियम की ही जरूरत होती है। इतनी मात्रा उसे मां के दूध या डिब्बे के दूध से ही मिल जाती है। यही वजह है कि 1 साल तक बच्चे को नमक नहीं देना चाहिए। तय मात्रा से अधिक सोडियम होने पर बच्चे की किडनी व आंत को नुकसान पहुंचता है। यही नहीं बड़े होने पर बच्चे में हाइपरटेंशन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा अधिक नमक की वजह से बच्चे को ओस्टिओप्रोसिस, दिल व सांस से संबंधित बीमारियां होने की भी आशंका रहती है।

1 साल से पहले चीनी देने के नुकसान /Why No Sugar For Babies until 1 year of age In Hindi

नमक की तरह ही चीनी भी छोटे बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल चीनी को रिफाइन करने में कई केमिकल्स का यूज किया जाता है, ऐसे में यह बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है। चीनी की अधिक मात्रा से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) कमजोर होती है। रिसर्च के अनुसार, चीनी की अधिक मात्रा से बच्चे को दिल से जुड़ी बीमारी, मोटापा और शुगर की समस्या भी हो सकती है। यही नहीं चीनी से बच्चे में कैविटी की दिक्कत हो सकती है और उसके दांत भी खराब हो सकते हैं।

उम्र के हिसाब से किसे कितने नमक की जरूरत? / How much salt do babies and children need In Hindi?

साइंटिफिक एडवाइजरी कमिटी ऑन न्यूट्रिशन (SACN)  ने बच्चों को उम्र के हिसाब से एक दिन में कितना नमक चाहिए उसे लेकर एक रिपोर्ट जारी कर रखी है। इसे समझना आपके लिए भी फायदेमंद हो सकता है। आइए देखते हैं क्या है चार्ट.. 

  • 0 से 6 महीने तक के बच्चों के लिए अधिकतम <1 ग्राम (0.4g सोडियम) एक दिन में
     
  • 6 से 12 महीने तक के बच्चों के लिए अधिकतम <1 ग्राम (0.4g सोडियम) एक दिन में
     
  • 1 से 3 साल तक के बच्चों के लिए 2 ग्राम (0.8g सोडियम)
     
  • 4 से 6 साल तक के बच्चों के लिए 3 ग्राम (1.2g सोडियम)
     
  • 7 से 10 साल तक के बच्चों के लिए 5 ग्राम (2g सोडियम)

 

उम्र के हिसाब से किसे कितनी चीनी की जरूरत? / How much sugar do babies and children need?

अमेरिकन हार्ट असोसिएशन (AHA) ने भी उम्र के हिसाब से किसी कितनी मात्रा में चीनी का सेवन करना चाहिए, इसे लेकर एक रिपोर्ट जारी कर रखी है। आइए जानते हैं कि किसी कितनी मात्रा में चीनी लेनी चाहिए।

  • 0-2 साल तक के बच्चों को किसी भी कीमत पर मीठा नहीं देना चाहिए।
     
  • 2 से 18 साल उम्र वालों को एक दिन में 25 ग्राम (6 चम्मच) से अधिक चीनी का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा हफ्ते में 8 औंस से अधिक मीठे पेय पदार्थ का भी सेवन नहीं करना चाहिए।

चीनी या नमक के बदले में क्या हो सकते हैं विकल्प?

सबसे पहले तो आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चा स्वाद की वजह से खाने के लिए मना नहीं कर रहा है। क्योंकि 6 महीने तक वह मां का दूध पीता रहा है और अचानक दूध की जगह उसे आहार मिलता है तो वह आनाकानी करता है। ऐसे में आहार का स्वाद बदलने के लिए उसमें चीनी या नमक मिलाने की गलती न करें। अगर बच्चा एक बार में नहीं खा रहा है, तो लगातार कोशिश करते रहें। इसके बाद भी वह ठोस आहार नहीं लेता है। तो आप कुछ और विकल्प आजमा सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं चीनी और नमक दोनों के विकल्प।

  1. नमक की जगह – बहुत ज्यादा जरूरत पड़ने पर आप बच्चे के भोजन में नमक की जगह कुछ मसाले मिलाकर स्वाद बदल सकती हैं। आप अदरक, लहसुन, जीरा, काली मिर्च, सरसों व तिल को पीसकर आहार में मिलाकर दे सकती हैं। हालांकि इसकी मात्रा बहुत कम रखें।
     
  2. चीनी की जगह – अगर बहुत जरूरी है तो बच्चे के भोजन को मीठा करने के लिए आप चीनी की जगह उन विकल्पों को चुन सकते हैं, जो प्राकृतिक रूप से मीठे हैं। जैसे आप केले को मसलकर, सेब, नाशपाती व अन्य मीठे फल को दे सकते हैं। इसके अलावा आप खजूर का सिरप, सूखे खजूर का पाउडर, किशमिश का सिरप, कच्चे केले का पाउडर दे सकते हैं। हालांकि इनकी मात्रा भी सीमित हो और कोशिश करें कि ये सब चीजें जरूरत पड़ने पर 1 साल से ऊपर के बच्चे को ही दें।       

इन बातों का भी रखें ध्यान

यहां आपके लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि सिर्फ घर के खाने में नमक व चीनी कंट्रोल करने भर से ही आपकी जिम्मेदारी पूरी नहीं होगी। कई पैरेंट्स घर पर तो इसे रोक देते हैं, लेकिन बच्चों को खाने के लिए बाहरी चीज खूब देते हैं। ऐसी चीजों को लेकर बच्चा भी खुश होता है, लेकिन यह उसके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। आपको बाहर की कोई भी चीज बच्चे को देने से पहले उसके इंडिग्रेंट को चेक जरूर करना चाहिए। दरअसल बाहर के खाने व चीजों में नमक व चीनी की अधिक मात्रा होती है और यह बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि अगर आप कुछ बाहर से खरीद रहे हैं तो यह जरूर चेक करें कि उसमें चीनी व नमक की कितनी मात्रा है। अगर इसकी मात्रा बच्चे की जरूरत से अधिक है तो उस खाने को न खरीदें। अगर आप इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि पैकेट में नमक की मात्रा को कैसे आंकें तो हम बताना चाहेंगे कि नमक की मात्रा की गणना सोडियम की मात्रा के आधार पर होती है। एक अनुमान के अनुसार, 100 ग्राम नमक में 0.6 ग्राम सोडियम होता है और यह अधिक मात्रा है। इससे बच्चे को नुकसान हो सकता है।

निष्कर्ष - छोटे बच्चे के खानपान को लेकर अक्सर पैरेंट्स में कंफ्यूजन की स्थिति रहती है। खासकर तब जब बच्चा 6 महीने पूरे कर चुका होता है और उसे धीरे-धीरे मां के दूध के अलावा दूसरा आहार देना शुरू किया जाता है। सबसे ज्यादा असमंजस बच्चे को नमक और चीनी देने को लेकर रहती है। इस ब्लॉग में हम बताएंगे कि बच्चे को कब से नमक और चीनी खिलाना शुरू करना चाहिए।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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