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शिक्षण और प्रशिक्षण

इन 5 सामाजिक प्रथाओं से जोड़े अपने बच्चे को

Prasoon Pankaj
11 से 16 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 21, 2018

इन 5 सामाजिक प्रथाओं से जोड़े अपने बच्चे को

बच्चो को सामाजिक प्रथाओं से अवगत करना हमारी जिम्मेदारी होती है। यह एक पारिवारिक शिक्षा होती है, जो बच्चे की जिन्दगी पर प्रभाव डालता है। जैसे की बड़ो की अनुमति लेना ,गलत शब्द का प्रयोग न करना ,बड़ो का आदर करना ,छींक आने पर रुमाल से मुंह ढकना, किसी का मजाक ना उड़ाना , दूसरों से सवाल पूछने से पहले कृपया और अन्य लोगों से कुछ पाने के बाद धन्यवाद आदि । ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण समाजिक प्रथाएं के बारे में हम आपको इस ब्लॉग में बताने जा रहे हैं जिन्हे आपको अपने बच्चे को जरूर सीखाना चाहिए। 

बच्चों को इन सामाजिक प्रथा के बारे में बताना जरूरी है/ Children Need To Know About These Social Customs In Hindi

महान दार्शनिक अरस्तु ने कहा था कि मनुष्य एक साामाजिक प्राणी है तो जाहिर है कि हमें अपने बच्चों को समाज से जोड़ने और सामाजिकता के बारे में शिक्षा जरूर देनी चाहिए। 

 

  1. बड़ों के बीच में ना बोलें -- आप अपने बच्चे को सिखाएं की जब दो बड़े लोग आपस में जरूरी बात-चीत कर रहे हों तो बच्चे बीच में इंटरप्ट ना करें। अपनी कोई भी बात कहने के लिए उनकी बातचीत को समाप्त होने का इंतजार करें और फिर उसके बाद अपनी बात कहें।
     
  2. बड़ों की अनुमति लेना -- यह  आदत आपको अपने बच्चे को बचपन में ही डाल देनी चाहिए कि जब भी उन्हें कोई काम कराना हो, खेलने जाना हो या बाहर जाना हो तो सबसे पहले अपने बड़ों से परमिशन ले कर बाहर जाएं। बिना पूछे किसी के कमरे में ना घुसे ,किसी के कमरे में जाने के पहले दरवाजे को खटखटाएं अगर कोई अंदर से आवाज दे की आ जाओ तभी रूम के अंदर जाएं।
     
  3. खाने से जुड़े व्यवहार -- बच्चो को बचपन से ही कुछ सलीके सिखाना जरूरी होता है ताकि बड़े होने पर भी उनकी आदत बनी रहे। जैसे की बड़े जब आपको खाना सर्व करें तभी खाएं आप खुद ही जल्द बाज़ी में खाना ना परोसने लगे। साथ ही बड़ों के टेबल मैनर्स को देखकर फॉलो करें। बच्चे को खाने बाद नैपकिन का प्रयोग करने का मैनर्स सिखाये जिससे वह अपने मुंह को साफ़ रख सकें।
     
  4. विनम्रता के शब्द -- थैंकयू, प्लीज,सॉरी ये ऐसे शब्द है जिसे बोलने से बच्चे की अच्छी परवरिश के बारे में पता चलता है। ये आपके विनम्र होने का प्रमाण होता है। जो बच्चे बचपन से इन शब्दों का इस्तेमाल करते है वो बड़े होकर अच्छे इंसान बनते है। उदहारण के लिए - जब कोई आपको कुछ दे तो उसे  थैंक यू जरूर बोलें। प्लीज शब्द का प्रयोग करके किसी से कोई भी बात पूछे। रास्ते पर चलते वक़्त अगर गलती से किसी से टक्कर हो जाए तो फ़ौरन सॉरी बोलें या माफी मांग लें।  किसी से मिलने पर उन्हें नमस्ते कहे और अगर वो आपसे बड़े हैं तो उनका पैर छुएं।
     
  5. किसी को फ़ोन करना या किसी का फ़ोन उठाना --  जब किसी को फोन करें तो सबसे पहले फ़ोन रिसीव करने वाले को अपने बारे में बताएं। उसके बाद में जिससे बात करनी हैं उसके लिए विनम्र होकर बात कराने के लिए कहें। जब तक माता पिता  फ़ोन उठाने को ना बोलें तब तक बच्चे फ़ोन ना उठाएं।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

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कमैंट्स()
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| Jul 30, 2019

Very good

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| Jun 12, 2019

Nice

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| Jun 09, 2019

Nice

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| May 15, 2019

Nice

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| May 07, 2019

Nice

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| May 01, 2019

Nice

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| Apr 29, 2019

Very nice article

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| Apr 10, 2019

nice

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| Apr 10, 2019

meri beti 11munth ki ho gyi h abhi sirf baithti h apni jgh se hilti bhi nhi hkya kare

  • रिपोर्ट

| Feb 21, 2019

thanks for the suggestions. it's really good

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| Feb 20, 2019

meri beti ki umru 10 sall wo padne me kamjori he to me kesse padhaun

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| Feb 20, 2019

meri beti ki umru 10 sall wo padne me kamjori he to me kesse padhaun

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| Feb 14, 2019

mm mn. m ooommmm m

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