Health and Wellness

कैसे डील करें अपने बच्चे के मोटापे को

Parentune Support
3 to 7 years

Created by Parentune Support
Updated on Dec 06, 2017

कैसे डील करें अपने बच्चे के मोटापे को

आजकल बच्चों का मोटा होना या उनका वजन ज्यादा होना कोई सामान्य बात न होकर एक बीमारी का रूप ले चुकी है और यह समस्या हमारे देश में भी खतरनाक ढंग से बढ़ रही है।

 

बच्चों का मोटा होना उन्हे शारीरिक तौर पर परेशान करने के साथ-साथ मानसिक तौर पर भी प्रभावित करता है और अक्सर कई बच्चे मोटापे की वजह से हीन भावना के शिकार होने लगते है।

 

आमतौर पर 5 साल से 8 साल की उम्र के लड़के के कद के मुताबिक उसका आदर्श शारीरिक वजन 16 से 19 किलोग्राम और इसी उम्र की लड़की के लिए आदर्श वजन 15 से 18 किलोग्राम तक होना चाहिए। यदि आपके बच्चे का वजन इस मान्य सीमा से अधिक है तो यह उसके मोटापे से ग्रस्त होने की ओर इशारा करता है और आपको इस बारे में कदम उठाने की जरूरत है।

 

बच्चों का वजन और मोटापा बढ़ने के कारणः

बच्चों में बढ़ते मोटापे और वजन बढ़ने का सीधा संबध उनके खान-पान से जुड़ा है। एक बच्चे को बढ़त और विकास के लिए एक निश्चित मात्रा में कैलोरी की जरूरत होती है, लेकिन अगर कोई बच्चा उस से अधिक कैलोरी अपने खान-पान से लेता है, तो इस ज्यादा ली जाने वाली कैलोरी को शरीर वसा या चर्बी के रूप में इकठ्ठा करता जाता है जो मोटापे और शारीरिक वजन बढ़ने की असल वजह होती है।

 

क्या करें, बच्चे के वजन को काबू करने के लिएः

हालांकि, ज्यादातर विशेषज्ञ इस बात की सलाह नहीं देते कि बच्चों का मोटापा या वजन को काबू करने के लिए उनके खान-पान पर रोक लगाई जाए क्योंकि ऐसा करना बच्चे के शारीरिक विकास में रूकावट पैदा सकता है और उसकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इस लेख के जरिए आप जान सकते हैं कि आपको क्या करना है-

 

बच्चे को पौष्टिक खान-पान के लिए प्रेरित करें

बच्चे को ज्यादा से ज्यादा मौसमी फल खिलाएं। फास्ट फूड/जंक फूड खिलाने के बजाय सब्जियां और साबुत अनाज से बनी खाने की चीजें दें। सॉफ्ट-ड्रिंक, शरबत और ज्यादा मीठे और चिकनाईवाले नाश्ते पर रोक लगाएं और इसके बजाय बच्चे को बिना मलाईवाला (गाय का) दूध और पौष्टिक नाश्ता दीजिए और बच्चों को ज्यादा पानी पीने के लिए प्रेरित करें।
 

बच्चे के खाने की पसंदीदा चीजों को सेहतपूर्ण बनाएं

ज्यादा छोटे बच्चों को खाने के टिफिन में जंक फूड कुछ ज्यादा ही पसंद होता है लेकिन आप थोड़ा सा बदलाव करके ऐसे खाने को सेहतमंद बना सकते हैं। मिसाल के लिए गेहूं के पास्ता में बहुत सारी हरी या मौसमी सब्जियां मिला कर। यह बच्चों को स्वादिष्ट लगता है और वे इसे बड़े मजे से खाते हैं।
 

बच्चे को ज्यादा कैलोरी वाला खान-पान देने से परहेज करें

अक्सर हम बच्चे को किसी अच्छे काम के बदले उसे इनाम में चॉकलेट वगैरह देते हैं। इसके बजाय बच्चे को कोई सेहतमंद फल खाने को दें। थोड़ी सी चतुराई और बच्चे को इसके फायदे बता कर बड़ी आसानी से ऐसा किया जा सकता है, पर अपने बच्चे को रिश्वत के रूप में ऐसी ज्यादा कैलोरी वाली चीजें देना तुरंत बंद करें।
 

रोजाना कुछ देर शारीरिक कसरत के लिए प्रेरित करें

बच्चे को शारीरिक कसरत और सक्रिय रहने के फायदे बताएं। ऐसा करना न केवल शरीर को चुस्त-दुरूस्त रखता है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। इससे हड्डियों को मजबूती मिलती है, यह तनाव को कम करता है और वजन को काबू करने में मददगार होता है। साइकिल चलाना, गेंद से खेलना और रस्सी कूदना जैसे व्यायाम बच्चों को सेहतमंद रखने में बड़े कारगर होते हैं।
 

सुस्त और बेकार बैठने वाले समय को कम करें

बच्चों का बहुत सा समय बिना शारीरिक क्रिया के बर्बाद होता है जैसे स्कूल जाने-आने में बस में बैठना, कम्प्यूटर के सामने या टीवी देखते हुये। हालांकि इसमें से कुछ चीजें तो नहीं बदली जा सकतीं पर ज्यादा देर तक टीवी देखने, कंप्यूटर के इस्तेमाल या वीडियो गेम खेलने के समय में आसानी से कटौती की जा सकती है।
 

खान-पान समय से और जरूर होना चाहिए

यानि नाश्ता, दोपहर और रात के खाने का समय तय होना चाहिए बच्चे को बिना नागा किए अपना खाना, खाना चाहिए। मान लीजिए, यदि बच्चा सुबह नाश्ता नहीं करता तो जाहिर है वह दोपहर को जरूरत से ज्यादा खाना खाएगा। ऐसा करना वजन तो बढ़ाता ही है, पेट भी खराब कर सकता है। इसके अलावा टीवी देखते हुए खाना खाते समय बच्चे अक्सर ज्यादा खा लेते हैं। ऐसा करने से बचें और सभी लोग साथ में खाएं जिससे बच्चे के खान-पान पर नजर रखी जा सके और जरूरत के मुताबिक उसकी आदत में सुधार लाया जा सके। 
 

बच्चे के लिए खुद मिसाल बनें

बच्चे अपने माँ-बाप से सबसे ज्यादा सीखते हैं और उन्ही का अनुसरण करते हैं इसलिए अपने बच्चों के लिए खुद मिसाल बनें। घर में खाना पकाने के ऐसे तरीके अपनाइए जिसमें घी-तेल का कम से कम इस्तेमाल हो जैसे सेंकना, भूनना या भाप में पकाना। बच्चों को अच्छा और पौष्टिक खाना खाने और रोजाना कसरत करने की आदत अपनाने के लिए खुद मिसाल बनिए।

 

यदि आप अपने किशोर होते बच्चे को अच्छे खान-पान और व्यायाम करने जैसी बातों की सीख देते हैं तो उसे जीवनभर इन चीजों का फायदा मिलेगा।

 

इस बात पर ध्यान दें कि अगर आपके बच्चे का मोटापा/वजन लगातार बढ़ रहा है तो यह किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। बेहतर होगा कि इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह ली जाए जिससे बच्चे के बढ़ते वजन का उचित कारण पता चल सके। 

  • Comment
Comments()
Kindly Login or Register to post a comment.
+ START A BLOG
Top Health and Wellness Blogs
Loading
Heading

Some custom error

Heading

Some custom error