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किशोरावस्था के तनाव को कैसे करें दूर- जानिए कुछ असरदार उपाय!

Parentune Support
11 to 16 years

Created by Parentune Support
Updated on Jun 02, 2018

किशोरावस्था के तनाव को कैसे करें दूर जानिए कुछ असरदार उपाय

क्या आपने अपने किशोर बच्चे में उदासीनता, पढ़ाई-लिखाई में मन न लगना, बाहर खेलने न जाना और दोस्तों के साथ मौज-मस्ती में दिलचस्पी न होने जैसी बातों पर गौर किया है? इसके अलावा, अगर उसे बेतहाशा थकान होती है, वह भरपेट खाना नहीं खा रहा है और पूरी नींद नहीं ले रहा है तो आपके किशोर बच्चे के साथ सबकुछ ठीक नहीं है क्योंकि यह बातें उसके तनावग्रस्त होने का इशारा करती हैं।

किशोरावस्था में तनाव के कारण

खुद को दूसरों से बेहतर साबित करने की होड़, किशोरों में तनाव बड़ी वजहों में से एक है। यह स्कूल, काॅलेज, कोचिंग, खेल का मैदान, दोस्त-यार यहाँ तक कि परिवार में अपने भाई-बहन के साथ भी जारी रहती है। किशोर पर माँ-बाप की उम्मीदों पर खरा उतरने और हमेशा अच्छा करने का दबाब होता है और कब यह तनाव का रुप ले लेता है वह खुद भी नहीं जान पाते।

हालांकि, किशोरों को तनाव होने के कई वजहें हो सकती हैं पर इसके लिए खासतौर तनाव के लिये इन बातों को जिम्मेदार माना जाता है-

  • पढ़ाई-लिखाई के खराब नतीजे
  • दोस्त-यार से झगड़ा या तकरार
  • लड़कों और लड़कियों के शरीर में उम्र के साथ होने वाले बदलावों की वजह से
  • मां-बाप के बीच आपसी मनमुटाव और झगड़े
  • परिवार में रूपये-पैसे की तंगी की वजह से
  • रहने की जगह या स्कूल बदलने बदलने वजह से

माता-पिता होने के नाते किशोर की देखभाल की जिम्मेदारी आपकी है। इससे पहले कि आपका जवान होता बच्चा तनाव की वजह से कोई उल्टा-सीध कदम उठाए, उसके तनाव को निकालने के लिए उसी मदद करें। अगर आपको किशोर में यह लक्षण दिखाई दें तो आपको अपने बच्चे पर ध्यान देने की जरूरत है-

शारीरिक लक्षण

  • भूख न लगना या भरपेट न खाना
  • सिरदर्द या पेटदर्द और दस्त की षिकायत
  • वजन बढ़ना और मोटापा
  • नींद में कमी, कच्ची नींद और बुरे सपने आना
  • बार-बार बीमार होना

भावनात्मक लक्षण

  • उलझन और घबराहट होना
  • दूसरों के साथ असहज महसूर करना
  • अकेले होने पर डरना
  • जज्बात पर काबू न रहने की वजह से बेवजह गुस्सा आना या छोटी-छोटी बातो पर रो पड़ना

किशोर को तनाव से छुटकारा दिलाने के लिए क्या करें

अगर आपका किशोर इन सारी चीजों से जूझ रहा है तो ऐसे में उसका ध्यान रखने की ज्यादा जरूरत है। किशोरावस्था में होने वाले तनाव से निपटने में असफल होने पर बहुत से किशोर धूम्रपान, नशीली दवाओं का सेवन, चोरी और आवारागर्दी करने लगते हैं यहाँ तक कि आत्महत्या भी कर सकते हैं।
 

किशोर को तनावमुक्त करने के लिए आप ये तरीके अपना सकते हैंः
 

किशोर को व्यस्त रखेंः किशोर को जिस गतिविधि में शौक हो उसे वह करने के लिए प्रेरित करें जैसे डांस, म्यूजिक या उसका पंसदीदा खेल। ऐसा करने से वह खुशमिजाज रहेगा। यह बच्चों की भावनओं को जगता है और ऐसा करने से उनका तनाव कम होता है।

दोस्ताना बर्ताव करेंः अपने किशोर के साथ दोस्ताना संबध बनाएं। ऐसा होने पर उन्हे आपसे बात करने में कोई हिचक नहीं होगी और अगर उन्हे कोई समस्या हो तो वे आपसे खुल कर बात कर सकते हैं जिससे उनकी परेशानी और तनाव की वजह पता लगाना आसान हो जाएगा।

उनका सम्मान करेंः किशोर की परेशानी को बहाना न समझें, उसकी बात सुनें, उसे प्यार दें और उसका सम्मान करें। ऐसा करना किशोर का आत्मविश्वास बढ़ाता है और वह तनाव की समस्या से बाहर आ जाता है।

पौष्टिक व संतुलित आहार देंः किशोर को ऐसा खाना दें जो पौष्टिक और प्रोटीन से भरपूर हो। उसके खाने में फल भी शामिल करें। खाना बच्चे की पसंद के मुताबिक होना चाहिए जिससे वह इसे खा सके क्योंकि तनावग्रस्त होने पर खाने की इच्छा बहुत कम या बहुत ज्यादा हो जाती है।

इसके बाद भी अगर आपको लगता है कि किशोर पूरी तरह से सामान्य नहीं है तो डाक्टर से सलाह करना बेहतर होगा। 

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