Health and Wellness

कितना जरूरी है हैंड सैनेटाइज़र आपके बच्चे के लिए

Parentune Support
3 to 7 years

Created by Parentune Support
Updated on Feb 08, 2018

कितना जरूरी है हैंड सैनेटाइज़र आपके बच्चे के लिए

बदलते समय के साथ सैनिटाइजर का प्रयोग रोज़मर्रा में बढ़ा है। महिलाएँ बच्चों के हाथ इत्यादि साफ करने के लिए सैनिटाइजर का प्रयोग बड़े पैमाने पर कर रहीं हैं। इसका प्रयोग आपका समय बचाने वाला और सुविधाजनक साबित हुआ है। लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय इसके नकारात्मक पहलू का भी ध्यान रखना जरूरी है। इसका अधिक इस्तेमाल आपके बच्चे के लिए घातक हो सकता है। 

  • अमेरिकी सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) के एक शोध के अनुसार, हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने वाले बच्चों में इसके गंभीर परिणाम की पहचान की गई है। यह निष्कर्ष साल 2011 से 2014 के दौरान 12 साल तक की उम्र वाले बच्चों के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर निकाला गया है।
     
  • सैनिटाइजर में ट्राइक्लोसान नामक एक केमिकल होता है, जो आपके बच्चे के हाथ की त्वचा को नुकसान पहुँचा सकता है। इसका लंबे समय तक ज्यादा इस्तेमाल त्वचा को सूखा बनाने, बांझपन और हृदय के रोग का कारण बन सकता है। इसलिए अगर आपको अपने बच्चे के हाथ धोने की जरूरत महसूस हो रही है, तो सैनिटाइजर के प्रयोग से बचने की कोशिश करें और यथासंभव साबुन और पानी से ही बच्चे के हाथों को धोइए।
     
  • हम सब जानते है कि बच्चे जाने या अनजाने में तरह-तरह की चीजों को हाथ लगाते रहते है। उनको अपने सामने ही हैंड सैनीटाइजर का प्रयोग करने दें। बच्चों के सैनिटाइजर को निगल लेने का खतरा बराबर बना रहता है। सैनिटाइजर मे एल्कोहल की मात्रा होने की वजह से ये बच्चों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। इस तरह के कई मामले सामने समाचारपत्रों में आ चुके है।
     
  • हैंड सैनिटाइटर के ज्यादा प्रयोग से आपके बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ सकती है जिससे बच्चे के बार-बार रोग ग्रस्त बने रहने की संभावना बनी रहेगी। बच्चों की यूरीन मे इनफ्लेमेटरी तत्व  सी-रिएक्टिव प्रोटीन पाया गया है जो कि इम्यूनिटी को कमजोर करता है। इसका ज्यादा प्रयोग बड़ो को भी नुकसान कर सकता है।  
     
  • हैंड सैनिटाइजर्स मे बेंजाल्कोनियम क्लोराइड के घटक पाये जाते हैं जो कीटाणुओ औऱ बैक्टीरिया को हमारे शरीर से बाहर कर एक ओर तो आपके बच्चे को लाभ पहुंचाते हैं  वहीं दूसरी ओर यही घटक आपके बच्चे की त्वचा को भी प्रभावित करते है। इससे जलन और खुजली जैसी समस्याएं हो जाती है जो आपके बहुत ही छोटी उम्र के बच्चे के लिए और भी पीड़ादायक हो सकता है। कई सैनिटाइजर्स मे विषैले तत्व होते है जिन्हे अपने बच्चे से दूर रखना ही हितकर होगा।
     
  • सैंनिटाइजर के प्रयोग करने पर एक मीठी सी खूशबू आती है। इसके लिए फैथलेट्स नामक रसायन का उपयोग किया जाता है जो एक हानिकारक रसायन है।इस रसायन का उपयोग बहुत सी प्रतिष्ठित कंपनियां भी अपने उत्पाद में करती हैं लेकिन बिल्कुल कम मात्रा में जबकि सस्ते प्रसाधनों में इस रसायन की मात्रा में अधिक होती है। ऐसे प्रसाधनों को लगातार इस्तेमाल करने से आपके बच्चे के लिवर, किडनी, फेफड़े तथा प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचाता हैं जो आपके बच्चे के भविष्य को भी बर्बाद कर सकता है। कभी-कभी ये रसायन गुण सूत्रों की संरचना भी प्रभावित करते हैं।
     
  • हैंड सैनिटाइजर का प्रय़ोग करने के बाद अक्सर हमें लगता है कि हाथ साफ हो गया है। जबकि ऐसा होता नहीं है। इससे फैट्स और शुगर जैसी चीजें नहीं निकलती है। इसलिए आप इसका प्रय़ोग कब कर रहे इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। बटर पॉपकार्न को खाने के बाद सैनीटाइजर काफी नहीं होता है। बची हुई गंदगी आपके बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
     
  • हैंड सैनिटाइजर का अधिक प्रयोग आपके बच्चे की त्वचा को रूखा बना सकता है। इसलिए इसके प्रयोग करने से पहले उसकी आवश्यकता को समझ ले। अगर संभव हो तो पानी से हाथ घुले। इससे आपकी त्वचा भी नहीं खराब होगी और हाथों की ठीक से सफाई हो जाएगी।
     
  • यदि आप सैनिटाइजर का प्रयोग करना ही चाहते हैं तो अपने बच्चे के हित में एलोवीरा से बने घरेलू सैनिटाइजर का प्रयोग करें। बाजार के केमिकल वाले सैनिटाइजर के प्रयोग से यथासंभव बचने की कोशिश करें।
     

कहने का तात्पर्य यह है कि हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग सुविधाजनक तो हो सकता है लेकिन यह आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसलिए इसके प्रयोग से पहले स्वास्थ्य पर पड़ने वाले इसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ लेना आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हितकर होगा।

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