• लॉग इन करें
  • |
  • रजिस्टर
गर्भावस्था

जानिए मैटरनिटी लीव बिल से जुड़ी हर बात

Deepak Pratihast
गर्भावस्था

Deepak Pratihast के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Apr 07, 2020

जानिए मैटरनिटी लीव बिल से जुड़ी हर बात
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित


केंद्र सरकार ने मार्च 2017 में कामकाजी महिलाओं के लिए मैटरनिटी लीव बिल-2016 को लोकसभा व राज्यसभा दोनों में पास करा लिया। इस बिल को केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने पेश किया था। इस बिल में हुए बदलावों का फायदा संगठित क्षेत्रों में काम करने वाली करीब 19 लाख महिलाओं को मिलेगा। आज इस ब्लॉग में हम आपको मैटरनिटी लीव बिल से जुड़ी हर बात की जानकारी देंगे।


नए बिल की सबसे खास बातें / Special Matters for New Maternity Leave Bill in Hindi

  • नए बिल यानी कानून के अनुसार, मैटरनिटी लीव को 12 हफ्ते से बढ़ाकर 26 हफ्ते किया गया है।
  • 26 हफ्ते का अवकाश पहले 2 बच्चों के लिए होगा।
  • वहीं तीसरे व इसके बाद अन्य बच्चे के लिए 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव हर कंपनी को देनी होगी।
  • बिल में कहा गया है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। ऐसे में महिलाएं मैटरनिटी लीव खत्म होने के बाद भी अगर घर पर कुछ दिनों के लिए आराम करना चाहती हैं और वह इस दौरान घर से काम करने को तैयार हैं, तो घर से काम करने की सुविधा कंपनी को देनी होगी।
  • नए कानून के बाद अब भारत गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली छुट्टी के मामले में दुनिया में तीसरे नंबर पर आ जाएगा। भारत से अधिक मैटरनिटी लीव सिर्फ कनाडा 50 हफ्ते और नॉर्वे 44 हफ्ते देता है।
  • पहले और दूसरे बच्चे के लिए 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव, ये पहले 12 हफ्ते की थी।
  • 3 महीने से कम उम्र के बच्चों को गोद लेने वाली या सेरोगेट माताओं को भी 12 हफ्ते की छुट्टी मिलेगी।
  • 50 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनी को ऑफिस के आसपास क्रेच का इंतजाम करना जरूरी होगा, ताकि महिला स्टाफ अपने बच्चे को वहां रख सकें। इसके अलावा काम के घंटों के दौरान महिलाओं को 4 बार अपने बच्चे से मिलने की अनुमति होगी। 
  • हर कंपनी को यह सुविधा महिला स्टाफ को उनकी नियुक्ति के समय से ही देनी होगी।
  • महिला स्टाफ की नियुक्ति के समय हर कंपनी को अनिवार्य रूप से इस कानून के तहत मिलने वाली सुविधाओं के बारे में लिखित या इलेक्ट्रॉनिक रूप से जानकारी देनी होगी।
  • कानून के तहत किए गए किसी भी बात की अनदेखी करने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ दंड का प्रावधान किया गया है।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

  • 4
कमैंट्स ()
Kindly Login or Register to post a comment.

| Oct 07, 2018

अगर कोई लड़की शादीशुदा नहीं है अगर माँ बनती है सेरोगेसी के जरिये या किसी भी तरीके से तो क्या उसे मैटरनिटी लीव मिलेगी??

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Nov 24, 2018

Kya koi mahila private college m work kr rhi h to yah suvidha h uske liye aur ager yah suvidha use nhi mil pati h to wah legally kya kr skti h plz bataye

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Apr 08, 2020

Bhaomika

  • Reply | 1 Reply
  • रिपोर्ट

| Apr 08, 2020

Bhumika

  • Reply
  • रिपोर्ट
+ ब्लॉग लिखें

टॉप गर्भावस्था ब्लॉग

Sadhna Jaiswal

आज के दिन के फीचर्ड कंटेंट

गर्भावस्था

Ask your queries to Doctors & Experts

Download APP
Loading
{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}

{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}