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क्या आप निपाह वायरस के बारे मे जानतें हैं ? इसे पढ़ें

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संशोधित किया गया May 25, 2018

क्या आप निपाह वायरस के बारे मे जानतें हैं इसे पढ़ें

निपाह वायरस जिसे एनआईवी के नाम से भी जाना जाता है, एक खतरनाक वायरस है जो जानवरों और मनुष्यों दोनों में गंभीर बीमारी का कारण बनता है। इस वायरस का प्राकृतिक मेजबान फल चमगादड़ जो की फलो का रस चूसता है और उसे  स्रंक्रमित कर देता है | लेकिन कुछ ऐसे मामले भी आ रहे हैं जहां सूअर के साथ-साथ कुछ अन्य घरेलू जानवर भी इस वायरस के मेजबान हो सकते हैं। यद्यपि इसके बहुत कम ही मामले सामने आये है पर निपाह वायरस एक साथ बहुत सारे जानवरों को संक्रमित कर सकता है और उनके मौत का कारण बन सकता है |पिछले कुछ दिनों में केरल में एनआईवी संक्रमण और कई मौतों की सूचना मिली है |

डब्ल्यूएचओ के अनुसार निपाह वायरस की उत्पत्ति -- एनआईवी पहली बार 1998 में मलेशिया के कंपंग सुंगई निपाह में बीमारी के फैलने के दौरान पहचाना गया था।वहां पर यह बीमारी सूअर से के जरिये फैला था । हालांकि, बाद में यह इस बीमारी के फैलने के पीछे किसी का हाथ नहीं था। 2004 में बांग्लादेश में यह संक्रमण पेड़ से गिरे खजूर खाने से फैला था जिसे फल चमगादड़ ने संक्रमित किया हुआ था । भारत के अस्पताल में यह संक्रमण एक आदमी से दुसरे आदमी के बिच में फैलने के रिपोर्ट भी है। एनआईवी सूअरों और अन्य घरेलू जानवरों में बीमारी पैदा करने में भी सक्षम है। मनुष्यों या जानवरों के लिए इस बीमारी का कोई टीका नहीं है। मानव मामलों के लिए प्राथमिक एनवी उपचार उनकी देखभाल ही है।

निपाह वायरस (एनआईवी) के लक्षण

  • सूजन के साथ बुखार और भारी सिरदर्द
  • विचलन और मानसिक भ्रम
  • सास संबंधी परेशानिया या बीमारी और मचली जैसा लगाना
  • एन्सेफलाइटिस या मस्तिष्क सूजन
  • तंत्रिका रोग
  • लगातार कन्वेंशन और व्यक्तित्व में परिवर्तन
  • पेट दर्द और उल्टी
  • 8-ये संकेत और लक्षण 24-48 घंटों के भीतर कोमा में भी परिवर्तन हो सकते हैं।

कैसे फैलता है निपाह वायरस?-- सवाल यह है कि एनआईवी किस जरिये और कारण से फैलता हैं? एनआईवी संक्रमित चमगादड़, संक्रमित सूअर, या अन्य एनवी संक्रमित लोगों से सीधे संपर्क में आने पर हो सकता है।भारत और बांग्लादेश में लोगों से लोगों के बिच में फैलने की रिपोर्ट पायी गई है। यह आमतौर पर निपा वायरस से संक्रमित मरीजों के परिवार और देखभाल करने वालों में देखा गया है। केरल में यह संक्रमण फल चमगादड़ के द्वारा खाए गये दूषित आम की वजह से पाया गया है।

निपाह वायरस मसे बचने के लिए सावधानियां और रोकथाम

  • एनआईवी एक जिद्दी वायरस है, जो 5 से 14 दिनों तक रहता है।शुरूआती  समय के बाद लक्षण स्पष्ट हो जाते हैं। एनआईवी वायरस से संक्रमित होने से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें|
  • यदि निपाह संक्रमण से मरने वाले किसी भी व्यक्ति के मृत शरीर के आस-पास जाए तो कृपया अपने चेहरे को ठीक से ढक दें|
  • संक्रमित चमगादड़, सूअरों और स्थानों से दूर रहें जहा की इस बीमारी की आशंका हो
  • पेड़ से गिरे हुए फल न खाएं, सभी फलों को अच्छी तरह धो लें
  • खजूर के पेड़ से निकलने वाले ताड़(रस या पानी ) पीने से बचें
  • यदि आप किसी भी एनआईवी संक्रमित व्यक्ति या जानवर के आस-पास आते हैं, तो आप रोगी से दूरी बनाए रखना चाहिए और अपने हाथों को ठीक से धोना चाहिए।
  • अपने कपड़े, बर्तन और बाथरूम आइटम जैसे मग और बाल्टी अलग से साफ करें। सुनिश्चित करें कि सभी लोग स्वच्छता से बनाए रखे |

कृपया ध्यान दें, कि अभी तक निपा वायरस के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है। एनआईवी से संक्रमित व्यक्ति की बहुत अछ्छी देखभाल की आवश्यकता होती है। यह सभी सावधानियों अपनाना और अपने सभी दोस्तों और परिवार को भी बताना जरूरी है ।

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  • 1
कमैंट्स()
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| Jun 06, 2018

Mere bacce ko sukhi khansi ho rahi kya kar 5year 8month

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