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क्या आप पहली बार पिता होने का अनुभव ले रहे है? इसे जरूर पढ़ें

Anubhav Srivastava
0 to 1 years

Created by Anubhav Srivastava
Updated on Jun 04, 2018

क्या आप पहली बार पिता होने का अनुभव ले रहे है इसे जरूर पढ़ें

पहली बार पिता बनना हर पुरूष के जीवन का सबसे खास और अनोखा क्षण होता है पर यह आपके जीवन में कई सारे बदलाव भी लेकर आता है।

 

शिशु की देखभाल को लेकर शुरुआत में आपको ऐसा लग सकता है कि आपकी पत्नी पर इस वजह से ज्यादा जिम्मेदारी है पर इसमें आपका किरदार भी बहुत मायने रखता है और अगर आप नीचे दी गई इन आसान सी बातों का ध्यान रखें तो अपने इस अनुभव को सुखद बना सकते हैं-

 

1. शिशु को संभालना

शिशु को संभालने की जिम्मेदारी केवल मां की ही नहीं होती। उसे संभालने के लिए पिता का सहयोग  नई  मां के लिए बड़ा मददगार होता है। हो सके तो बच्चे के दूध पीने के बाद उसे डकार दिलाने, उसे कपड़े पहनाने, उसका डायपर बदलने, उसके साथ खेलने या उसे नहलाने जैसे कामों में आप मदद कर सकते हैं। इससे मां को काफी आराम मिलता है।

 

2. रोजमर्रा के  कामों में मदद करना

जब मां अपने छोटे बच्चे की देखभाल में व्यस्त होती है तो बाकी घरेलू कामों में आप मदद कर सकते हैं। हालांकि आप पर घर के साथ बाहरी कामों की भी जिम्मेदारी होती है पर जहां तक मुमकिन हो अपनी जीवनसाथी की मदद करें और शिशु की देखभाल और दूसरी चीजों को करने के बारे में उनकी सलाह लें। 

 

3. पत्नी और शिशु के साथ समय बिताना

पत्नी और बच्चे  के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करें। बच्चे को संभालने और उसकी परवरिश में आप जितना समय देंगे आपका लगाव एक-दूसरे के साथ उतना ही गहरा होगा। अपनी पत्नी के साथ-साथ बच्चे से भी बात करने की कोशिश करें। जब बच्चाअच्छे मूड में हो तो उससे ज्यादा बात-चीत करें, इससे शिशु प्रतिक्रिया देना सीखते हैं।

 

4. आपसी रिश्ते को भी अहमियत दें

घर में बच्चे का जन्म पति-पत्नि के रिश्तों में बदलाव लेकर आता है। पहले कुछ दिनों तक यह बहुत  खुशनुमा लगता है और पति-पत्नि की बीच नजदीकियां बनी रहती हैं पर इसके बाद शिशु की देखभाल और घर के कामों की वजह से यह बहुत थकाऊ, तनावपूर्ण और परेशान करने वाला महसूस होने लगता है।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शिशु की परवरिश और उसका ध्यान रखने को लेकर आप दोनों का  नजरिया अलग-अलग होता है। इन बदलावों से निपटने और अपने रिश्ते की देखभाल करने के लिए जरूरी है कि अपने साथी के साथ बात करें और मिल-जुल कर माता-पिता होने का फर्ज निभाएं।

 

5. अपने लिए समय निकालें

जब भी आपको समय मिले, इसका इस्तेमाल अपने लिए करें। खाली समय में अपने पसंदीदा काम करें, टीवी प्रोग्राम देखें, सोशल मीडिया या अपने दोस्तों के साथ समय गुजारें। आपकी जीवनसाथी के प्रसव के बाद समय कीमती होता है पर अपनी देखभाल करना भी जरूरी है।

 

6. बदलावों के साथ खुद को ढालें

शादी के बाद का समय पति-पत्नी दोनों के लिए सुख और आनंद का समय होता है पर पिता बनने के बाद आपका जीवन पहले जैसा नहीं रहता क्योंकि परिवार में आने वाला नया सदस्य आपके लिए नई जिम्मेदारी और जबाबदेही लेकर आता है। शिशु की अच्छी परवरिश के लिए जरूरी है कि अपने-आप को इन जबाबदारियों और बदलावों के साथ ढालें क्योंकि पिता बनने के बाद आपको कई मौकों पर समझौता करने की जरूरत पड़ेगी। 

 

पहली बार पिता बनना आपके जीवन का सबसे सुखद अहसास होता है। आपका नन्हा बच्चा आपके प्यार की निशानी और आपके सपनों की हकीकत होता है, तो अपने इस अनुभव को अपने जीवनसाथी के साथ बांटें और पूरे उत्साह से पिता होने के सफर का आनंद लें 

 

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