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स्वास्थ्य

क्या  आपका  बच्चा  हकलाता  है  - इसे  पढ़ें

Parentune Support
3 से 7 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया May 16, 2020

क्या  आपका  बच्चा  हकलाता  है   इसे  पढ़ें
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

छोटे बच्‍चे जब तुतलाकर बोलना शुरू करते हैं तो कितना अच्‍छा लगता है लेकिन जैसे-जैसे बच्‍चा बड़ा होने लगता है उसका तुतलाकर या हकला कर बोलना हंसी-मजाक का विषय बन जाता है |अगर आपका बच्‍चा भी थोड़ा तुतलाकर या फिर हकलाकर बोलता है तो इसे आम समस्‍या मानकर इग्‍नोर न करें |इसके बारे में पूरी जानकारी पढ़े ....
 

हकलाने का इलाज क्योँ जरुरी है -- बच्चों के हकलाने का इलाज अगर छोटी उम्र में न किया जाये तो उम्र के साथ यह समस्या गंभीर हो सकती है -  बढ़ भी सकती है। जो बच्चे हकलाने हैं उनमें आत्मविश्वास की कमी होने लगती है।ये बच्चे अपने मनोभावों को बोल कर जाहिर करने से कतराते हैं। बच्चों के हकलाने का इलाज बचपन में ही प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। अगर आप का बच्चा हकलाने की समस्या से पीड़ित है तो आप को बच्चों के डॉक्टर (पीडियाट्रिशन) की राय लेनी चाहिए। बच्चे के हकलाने का इलाज जितना जल्दी शुरू किया जाये उतना बेहतर और जल्दी प्रभाव देखने को मिलता है। 
 

हकलाने का इलाज-- बच्चे के हकलाने के लिए मेडिकल साइंस में अभी तक कोई दवा मौजूद नहीं है। इसका ट्रीटमेंट स्पीच थेरपी के द्वारा किया जाता है। मगर बच्चों के हकलाने का इलाज घरेलू उपाय, आयुर्वेदिक मेडिसिन और देसी नुस्खे से आसानी से किया जा सकता है|
 

हकलाने का घरेलु उपचार-- बच्चों के साथ खेलते वक्त विभिन्न प्रकार के खिलौनों के नाम बच्चों को बतलायें। बच्चों को खिलौनों के नाम दोहराने के लिए प्रेरित करें। जैसे ही आप का बच्चा पुरे शब्दों को बोलने के काबिल हो जाये आप उसे नर्सरी राइम्स सुनाएं। कुछ समय लगातार ऐसा करने से आप का बच्चा नर्सरी राइम्स की कुछ पंक्तियों को दोहराने लगेगा। इस काम में आप उसकी सहायता कर सकती हैं। जब आप का बच्चा उसे सही तरीके से दोहराये तो आप उसे शाबाशी दे के प्रोत्साहित करें।
 

आंवला - इसे आयुर्वेद में उच्च कोटि की दवा माना गया है क्योँकि यह कई रोगों का इलाज करने में सक्षम है। शिशु को कई दिनों तक चुटकी भर आंवला पाउडर गाय के घी के साथ देने से तुतलाना ठीक होता है।
 

छुहारा - बच्चे की आवाज में अगर तोतला पन है तो छुहारा खाने से भी फायदा मिलता है। छुहारा एक ऐसा घरेली इलाज है जिससे शिशु की आवाज साफ़ होती है। शिशु को रात को सोने से दो घंटे पहले आधा छुहारा खाने के लिए दें। 
 

मक्खन और बादाम - रात को सोने पहले कुछ बादाम पानी में भिगो के रख दें। सुबह बादाम को पीस लें और पिसे हुए बादाम को मक्खन के साथ मिला के बच्चे को कुछ दिनों तक खिलाएं जब तक की तुतलाने की समस्या पूरी तरह से समाप्त न हो जाये। 
 

मिश्री - शिशु के तुतलाहट को दूर करने के लिए मिश्री भी एक बेहतर घरेलु इलाज है। शिशु को बादाम के साथ थोड़ी मिश्री देने से भी उसकी तुतलाने की समस्या दूर होती है। इस प्रयास से शिशु की आवाज भी साफ़ होती है।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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कमैंट्स ()
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| May 22, 2020

Mera baccha bhut samajhdar h shuru se hi, but 15 jan 2020 ki subah wah achanak utha aur tabhi se uska stammering shuru ho gaya. Stammering ke bare me janne ke baad jab maine uski feelings ko feel kiya tab mujhe bhut bura laga ye soch kr ki jin bacchon ko sirf hasna aur khelna chahiye wo itni badi badi feelings feel krke upset ho jate h😩

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