शिक्षण और प्रशिक्षण

क्या आपका बच्चा लिखता नहीं है, इसे पढ़ें

Parentune Support
3 से 7 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Feb 23, 2018

क्या आपका बच्चा लिखता नहीं है इसे पढ़ें

कॉम्पिटिशन के इस दौर में आजकल हर पैरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा सबसे तेज बने। इसके लिए वे बच्चे को 2-3 साल में ही प्ले स्कूल में डाल देते हैं। इसके बाद पैरेंट्स की हसरत होती है कि उनका बच्चा जल्द से जल्द लिखना व पढ़ना सीखे। लिखना पढ़ाई की सबसे पहली कड़ी है और जरूरी नहीं कि हर बच्चा आसानी से लिखना सीख जाए। ऐसी स्थिति में कई बार अभिभावक बच्चे पर दबाव भी डालते हैं, लेकिन इसका परिणाम सकारात्मक नहीं आता। आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे तरीके जिनकी मदद से आप अपने लाडले को लिखना सिखा सकते हैं
 

बच्चे को लिखना सीखाने के लिए इन तरीकों को अपनाएं/ How To Motivate A Child To Write In Hindi

 

  1. सबसे पहले पेन या पेंसिल पकड़ना सिखाएं – बच्चे को पेंसिल या पेन दें इसके बाद उन्हें दिखाएं कि उसे कैसे पकड़ना है। उसे उंगली व अंगूठे के बीच पेन पकड़ने की सलाह दें। अगर उसका ग्रिप मजबूत हो जाएगा, तो लिखने में दिक्कत नहीं होगी।
     
  2. रफ कॉपी या स्लेट दें – जब बच्चा पेन, पेंसिल व चॉक पकड़ना सीख जाए तो उसे रफ कॉपी या स्लेट दें और उस पर कुछ भी चलाने को कहें। इससे वह पेन को चलाना सीख जाएगा।
     
  3. रंग का लें सहारा – बच्चों को रंग काफी पसंद आता है। आप रंगों की मदद से भी उसमें लिखने की इच्छा जगा सकते हैं। उसे रंग लाकर दें और किसी भी पेपर पर उसे चलाने को कहें।
     
  4. व्हाइट बोर्ड व मार्कर का सहारा लें – जब बच्चा पेन पकड़ना व उसे चलाना सीख जाए, तो लिखवाने की प्रैक्टिस शुरू कराएं। इसके लिए व्हाइट बोर्ड व मार्कर बच्चे को दें। इसके बाद बच्चे को अल्फाबेट या गिनती के कुछ अक्षर लिखकर दें और वैसे ही लिखने को कहें।
     
  5. बच्चे को दिखाकर खुद भी लिखें – बच्चे अक्सर बड़ों को कॉपी करते हैं। ऐसे में आप बच्चे को दिखाते हुए कुछ लिखने बैठें। आपको देखकर वह भी लिखने की जिद करेगा। जब वह ऐसा करे, तो उसे दूसरा पेन व कॉपी दे दें और लिखने को कहें।
     
  6. बच्चे को प्रोत्साहित करें – अगर आप चाहते हैं कि बच्चा कोई भी काम अच्छे से करे, तो उसके लिए उसे प्रोत्साहित करना सबसे ज्यादा जरूरी है। लिखने की कला सिखाने में भी यह जरूरी है। अगर बच्चा जरा सा भी पेन चलाए, कुछ बनाए तो उसे प्रोत्साहित करें। दूसरे बच्चों का नाम लेकर उसकी तुलना करते हुए अपने बच्चे को जीनियस बताएं। इससे वह और अच्छा करेगा। उसे कभी भी हतोत्साहित न करें, ये बातें न कहें कि तुम्हें तो कुछ नहीं आता।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

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कमैंट्स()
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| Mar 26, 2018

mera bachhe ko bhi same problem h..

  • रिपोर्ट

| Mar 19, 2018

Hii. .mera beta abhi 3 saal ka hai.. use hum copy ya slate dete h.. bt wo usko bigadta h. use faad deta hai.. usko colour bhi date hai. to wo colour ko tod deta hai.. play way me padhta hai.. uski madam bhi uski complain karti hai.. ki wo likhta nhi hai.. uske papa bhi usko likhne k liye bolte hai.. bt Likhta nhi hai.. baaki wo bahut active hai..

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