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क्या होती है Chemical Pregnancy?

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संशोधित किया गया Dec 11, 2017

क्या होती है Chemical Pregnancy

क्या अप जानते हैं कि कई बार गर्भपात पीरियड मिस होने से पहले ही हो जाता है? इस तरह की प्रेगनेंसी को केमिकल प्रेगनेंसी कहते हैं. ऐसा होना बेहद आम है. आज हम आपको इससे जुड़ी कुछ अहम जानकारी दे रहे हैं.
 

क्या है केमिकल प्रेगनेंसी?
 

  • केमिकल प्रेगनेंसी वो अवस्था होती है, जब गर्भ के आरोपण के कुछ समय बाद ही गर्भ गिर जाता है. गर्भपात के 50 से 75 केसेज़ केमिकल प्रेगनेंसी के ही होते हैं. ये कई बार इतनी जल्दी हो जाता है कि आपको पता ही नहीं चल पाता कि आप प्रेगनेंट हुई थीं, पीरियड मिस होने से पहले ही गर्भ गिर जाता है.
  • अल्ट्रासाउंड द्वारा गर्भ का पता चलने से पहले भी केमिकल प्रेगनेंसी हो सकती है. हालांकि, गर्भ के प्रत्यारोपण के बाद hCG (human chorionic gonadotropin) हार्मोन का स्तर शरीर में बढ़ जाता है, जिसे प्रेगनेंसी टेस्ट के द्वारा देखा जा सकता है. खून की जांच कर के भी डॉक्टर आपको इसके बारे में बता सकते हैं.
  • पॉज़िटिव रिज़ल्ट आने के एक दो हफ़्ते बाद ही गर्भ गिर जाना, महिलाओं को भावनात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है.
     

क्या हैं केमिकल प्रेगनेंसी के लक्षण
 

  • कई बार ऐसा होता है कि केमिकल प्रेगनेंसी के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते. महिलाओं को प्रेगनेंसी के बार में पता चलने से पहली ही गर्भपात हो जाता है.
  • कुछ महिलाओं को पॉज़िटिव रिज़ल्ट आने के कुछ दिनों बाद पीरियड जैसा दर्द और ब्लीडिंग होती है. लेकिन पॉज़िटिव रिज़ल्ट आने के बाद हुई ब्लीडिंग का मतलब हमेशा केमिकल प्रेगनेंसी नहीं होता. गर्भ के आरोपण के दौरान भी कई बार ब्लीडिंग होती है.
  • प्रेगनेंट होने के 10 से 14 दिनों के बीच हुई हल्की ब्लीडिंग सामान्य होती है.
  • केमिकल प्रेगनेंसी इतने कम समय के लिए होती है कि थकान और चक्कर आने जैसे प्रेगनेंसी के आम लक्षण भी नहीं दिखते.
  • यूं तो प्रेगनेंसी के दौरान कभी भी गर्भपात हो सकता है, लेकिन ऐसा होने की संभावना 20वें हफ़्ते से पहले ज़्यादा रहती है. केमिकल प्रेगनेंसी शुरूआती हफ़्तों में होती है.
  • इसका एकमात्र लक्षण पीरियड जैसी हल्की ब्लीडिंग ही है. कई महिलाओं को ऐसा होने पर लगता है कि उन्हें पीरियड हुए हैं.

     

केमिकल प्रेगनेंसी के कारण
 

  • इसका कोई सटीक कारण नहीं होता. ज़्यादातर मामलों में ये अंडाणु या शुक्राणु की ख़राब गुणवत्ता के कारण होता है.
  • इसके अलावा, हार्मोन्स का असामान्य होना या असंतुलित होना भी इसका कारण बन सकता है.
  • गर्भाशय में संक्रमण या कोई अन्य समस्या होने से भी ऐसा हो सकता है.
  • गर्भाशय के बाहर गर्भ का आरोपण हो जाना भी केमिकल प्रेगनेंसी का कारण बनता है.
  • chlamydia या syphilis जैसे संक्रमण से केमिकल प्रेगनेंसी होने की सम्भावना बढ़ जाती है.
  • 35 की उम्र के बाद केमिकल प्रेगनेंसी होने का ख़तरा काफी बढ़ जाता है. कुछ मेडिकल समस्याएं भी इसकी सम्भावना बढ़ा देती हैं.
     

कैसे करें इससे बचाव
 

  • दुर्भाग्यवश, केमिकल प्रेगनेंसी को रोकने के कोई ख़ास उपाय नहीं हैं. केमिकल प्रेगनेंसी का ये मतलब बिलकुल नहीं होता कि आप मां नहीं बन सकतीं. अगर ये समस्या आपको कई बार हो चुकी है, तो आप डॉक्टर से जांच करवा कर इसका कारण पता कर सकती हैं. इस तरह आगे इसका रिस्क कम किया जा सकता है.
  • उदाहरण के लिए, अगर जांच में पता चलता है कि गर्भाशय में संक्रमण के कारण ऐसा हो रहा है तो संक्रमण को खत्म करने के लिए दवाइयां ली जा सकती हैं, ताकि भविष्य में ऐसा होने की संभावना कम से कम हो. 

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