शिक्षण और प्रशिक्षण

लेटर राइटिंग से होते हैं बच्चों में अनेकों विकास

Prasoon Pankaj
3 से 7 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 24, 2018

लेटर राइटिंग से होते हैं बच्चों में अनेकों विकास

लेटर का महत्व आज भी बहुत है। यह न सिर्फ दफ्तर में काम करने के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि इससे आपके बच्चे में भी कई विकास होते हैं। यही वजह है कि समय समय पर कई जगह पत्र लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन होता रहता है।  यहां हम बात करेंगे आखिर कैसे लेटर आपके बच्चों के लिए बेहतर है और कैसे इससे उनमें सृजनात्मकता आती है। पूरा ब्लॉग पढ़ें.... स्मार्टफोन के इस युग में लेटर (पत्र) यानी चिट्ठी खोकर रह गई है। यह महज ऑफिसों व सरकारी कामों तक ही सीमित रह गई है। नई पीढ़ी भी इससे कटती जा रही है, इसलिए आजकल के अधिकतर बच्चे लेटर नहीं लिख पाते। रोजाना नई-नई टेक्नॉलजी से बच्चों को स्मार्ट पढ़ाई देने का दावा करने वाले स्कूल भी लेटर के युग से काफी दूर चले गए हैं। पर लेटर का महत्व आज भी बहुत है। 

 

पत्र लेखन से बच्चों में होते हैं ये विकास /  To write Letters is Important For The Development Of Children In Hindi

  1. बच्चों में अपने विचारों को अपने परिवेश के साथ जोड़कर पेश करने की शानदार क्षमता होती है। वह हर घटना व विचार पर अपना मत प्रकट करना चाहते हैं। इन विचारों को सृजनात्मकता के साथ कहने का मौका लेटर राइटिंग से ही मिलता है। अतः लेटर राइटिंग बच्चे को क्रिएटिव बनाता है।
     
  2. लेटर अलग-अलग विषय पर लिखा जाता है। इसमें सीमित व आसान शब्दों में बात कहनी होती है, ताकि आपका मेसेज सामने वाले तक आसानी से पहुंच जाए। ऐसे में बच्चा जब लेटर राइटिंग करता है, तो वह आसान शब्दों का इस्तेमाल व अपनी बात को कम शब्दों में बताना सीख जाता है।
     
  3. पत्र दिल के अलग-अलग भावनाओं को खोलता है। मनुष्य की भावनाओं की स्वाभाविक अभिव्यक्ति पत्रचार से भी होती है। ऐसे में बच्चा लेटर राइटिंग सीखने के साथ ही निश्चल भावों और विचारों का आदान-प्रदान भी सीख लेता है।
     
  4. लेटर के जरिये दो दिलों के संबंध मजबूत होते हैं। पति-पत्नी, भाई-बहन, पिता-पुत्र, मां-बेटा व इस तरह के अन्य कई संबंधों को पत्र मजबूत करता है। पत्र वह सेतु है, जिससे मानवीय संबंधों की परस्परता सिद्ध होती है। ऐसे में बच्चा लेटर राइटिंग से इसमें भी महारथ हासिल कर लेता है।
     
  5. आज के समय में लेटर राइटिंग यानी पत्र लेखन को एक कला की संज्ञा मिल चुकी है। लेटर में आजकल कलात्मक अभिव्यक्ती हो रही है। साहित्य में भी इसका इस्तेमाल होने लगा है। इससे पत्र लिखने वाले में और स्वाभाविकता और कलात्मकता आती है।
     
  6. इसके अलावा पत्र लिखने के दौरान लिखने वाले की सिर्फ भावनाएं ही नहीं बल्कि उसका व्यक्तित्व भी निखरता है। इससे लिखने वाले का चरित्र, दृष्टिकोण, संस्कार व मानसिक स्थिति भी बेहतर होती है। 

आप अगर अपने बचपन के दिनों को याद करें तो स्कूल में लेटर राइटिंग की अलग से पढ़ाई होती थी। यहां तक कि परीक्षा में भी प्रिंसिपल को छुट्टी के लिए या फीस माफी  के लिए आवेदन कैसे करेंगे से संबंधित प्रश्न पूछे जाते थे। आपके बच्चे जैसे-जैसे बड़े होंगे तो उनको भी कई जगहों पर इस तरह के पत्राचार करने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि हम अभी  से अपने बच्चे को पत्र लेखन की कला में एक्सपर्ट बना दें। इसके लिए आप कुछ उपायों को आजमा सकती हैं।

इस ब्लॉग को तो जरूर पढ़ लें :- अपने बच्चे को लिखनाकैसे सीखाएं?

बच्चों को पत्र लेखन की कला सीखाने में काम आएंगे ये टिप्स / These Tips Will Help Students To learn The Art Of Writing Letters In Hindi

  1. बच्चों को पत्र लेखन की अहमियत समझाने का प्रयास करें। इसके अलावा अगर आपके पास अगर चिट्ठी से संबंधित कोई पुराना संस्मरण हो तो अपने बच्चे के साथ उसको जरूर साझा करें।
     
  2. अगर संभव हो सके और आपके पास पुरानी चिट्ठियां रखी हों तो अपने बच्चे को जरूर पढ़ाएं। इन पुरानी चिट्ठियों को देखकर आपका बच्चा भी पत्र लिखने के लिए प्रेरित हो सकेगा।
     
  3. बच्चे को कुछ भी नया सीखाने के लिए सिर्फ समझाना काफी नहीं होता है बल्कि आपको अपने तरफ से खुद पहल करनी होगी। मेरा सुझाव है कि आप अपने बच्चे को या तो पेपर पर या फिर ईमेल के माध्यम से एक पत्र लिखें और फिर उसका जवाब देने के लिए बच्चे को कहें। इस तरह की प्रैक्टिस करने से आपके बच्चे के अंदर लेटर राइटिंग की कला बहुत हद तक विकसित हो सकती है।
     
  4. जब कभी बैंक या अन्य ऑफिशियल चिट्ठी आपके पास आती हो तो इसका जिक्र अपने बच्चे के पास जरूर कर दें और उनको बताएं कि आज के दौर में भी पत्राचार का बहुत महत्व है। भले इसका फॉर्मेट बदल चुका हो लेकिन पत्र की अहमियत आज भी जारी है।

उम्मीद करता हूं कि आपके लिए ये सुझाव निश्चित रूप से कारगर होंगे और अब इस ब्लॉग को पढ़ने के बाद आपको अपने बच्चे की पहली चिट्ठी का बेसब्री से इंतजार होगा। तो देर किस बात की आज और अभी से शुरुआत करें और अपने बच्चे को पत्र लिखने की कला में निपुण करें। 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

  • कमेंट
कमैंट्स()
Kindly Login or Register to post a comment.
+ ब्लॉग लिखें
टॉप शिक्षण और प्रशिक्षण ब्लॉग
Loading
{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}

{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}