शिक्षण और प्रशिक्षण

मार्क्स जरूरी है या ज्ञान (Knowledge)?

Anubhav Srivastava
3 से 7 वर्ष

Anubhav Srivastava के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 25, 2018

मार्क्स जरूरी है या ज्ञान Knowledge

आज पढ़ाई का स्तर काफी हद तक बदल गया है। बच्चे अब नंबर की तरफ भाग रहे हैं, टैलंट पर कम ध्यान दिया जा रहा है। हर साल सीबीएसई 10वीं और 12वीं के रिजल्ट जब निकलते हैं, तो हम देखते हैं कि बड़ी संख्या में बच्चों के 99 या 90 प्रतिशसे ऊपर मार्क्स आते हैं। इन नंबरों के बीच हर साल ये बहस भी शुरू हो जाती है कि मार्क्स जरूरी है या ज्ञान। अगर आज के कॉम्पिटिशन के युग में देखें, तो दोनों का अपनी-अपनी जगह पर खास महत्व है। हालांकि ज्ञान का होना बहुत जरूरी है। अधिकतर लोग भी मानते हैं बिना नॉलेज आप बहुत ज्यादा देर तक कामयाबी की बुलंदी पर नहीं रह सकते। आज हम बात करेंगे कि आखिर मार्क्स जरूरी है या फिर ज्ञान।
 

नंबरों का महत्व

बेशक नंबर ही सबकुछ नहीं हैं। दुनिया में कई ऐसे लोग हैं, जो पढ़ने में कमजोर थे, लेकिन आज सबसे सक्सेफुल व धनी लोगों में उनकी गिनती होती है। पर इन सबके बीच नंबरों के महत्व को झूठलाया नहीं जा सकता। आज किसी भी प्रतियोगी परीक्षा से लेकर नामी यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए हर जगह पर्सेंटेज की अनिवार्यता है। जिसके मार्क्स कम होते हैं, वह रेस से बाहर हो जाता है, जबकि अच्छे मार्क्स वालों को एंट्री मिलती है। ऐसे में सिर्फ टैलेंट से ही काम नहीं चलता। कहीं भी टैलेंट के लिए प्लेटफॉर्म रिजल्ट से ही मिलता है। आज ऐसा सिस्टम बन गया है, जिसमें 100 फीसदी कटऑफ जाती है और नंबर वाले छात्र ही पूछे जाते हैं। इसके अलावा नामी कंपनियां कैंपस सिलेक्शन के दौरान स्टूडेंट्स के मार्क्स पर ज्यादा ध्यान देती हैं।

 

क्यों जरूरी है ज्ञान

अब बात अगर ज्ञान की करें, तो इसका भी अपना खास महत्व है। बेशक आपके मार्क्स अच्छे हों, लेकिन आपके पास ज्ञान यानी नॉलेज नहीं है तो ज्यादा दिन आप किसी भी फील्ड में टिके नहीं रह सकते। मानी लीजिए कि नंबर के दम पर आपने बीकॉम ऑनर्स में दाखिला ले लिया, लेकिन आपकी नॉलेज विषय में कम है, तो आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे। यही बात जॉब में भी फिट बैठती है। अगर आपके नंबरों के आधार पर आपको नौकरी मिल गई है, तो आप कंपनी में तो दाखिल हो गए। पर आगे जाकर आपका ज्ञान व काम ही आपको आगे लेकर जाएगा। अगर आपकी नॉलेज कमजोर है, तो आप पीछे छूट जाएंगे। ऐसे कई लोग हैं, जो पढ़ाई में औसत थे, उनके मार्क्स अच्छे नहीं आए, लेकिन उन्होंने अपनी नॉलेज अपनी काबीलियत से आज काफी सफलता हासिल की है। ऐसे में कहा जा सकता है कि नॉलेज भी जरूरी है। इसके बिना आपका विकास रुक जाता है। 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

  • 2
कमैंट्स()
Kindly Login or Register to post a comment.

| Sep 25, 2018

इस ब्लॉग के ज़रिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर हमारा ध्यान लेकर जाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

  • रिपोर्ट

| Sep 25, 2018

हमारे बच्चे न चाहते हुए भी रैट रेस का हिस्सा बन गए हैं।और हम सब माता पिता न चाहते हुए भी उन्हें इस रेस में जीतने के लिए धक्का मार रहे हैं। इस सब के बीच मे बच्चों का बचपन कहीं खो सा गया है। इस रेस के नतीजे कितने उनके जीवन को आगे बढ़ाने मे मदद करेंगे यह कह पाना तो मुश्किल है,परन्तु यह एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं-क्या आज मारकस ही एक मात्र तरीका रह गया है उनके टैलेंट को परखने का??

  • रिपोर्ट
+ ब्लॉग लिखें
Loading
{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}

{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}