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मेट्रो सेवाएं शुरू लेकिन यात्रा के दौरान इन 10 बातों का जरूर ध्यान रखें

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 07, 2020

मेट्रो सेवाएं शुरू लेकिन यात्रा के दौरान इन 10 बातों का जरूर ध्यान रखें
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

लॉकडाउन के दौरान दिल्ली समेत देश की रफ्तार पर ब्रेक लग गया था। ट्रेन, मेट्रो, बस सेवाएं और यहां तक की विमान सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई थी। लेकिन अब धीरे-धीरे सबकुछ वापस पुराने ट्रैक पर लाया जा रहा है। विमान सेवाएं शुरू की गई फिर कुछ जगहों पर रेल सेवाएं भी चल रहे हैं। दिल्ली एनसीआर की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो सेवा को फिर से शुरू कर दिया गया है। कुल 169 दिनों के बाद सोमवार को दिल्ली में मेट्रो सेवा बहाल की गई है। लेकिन इसके साथ ही ये भी जानना आपके लिए जरूरी है कि मेट्रो की सवारी के दौरान आपको किस प्रकार की सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। 

मेट्रो की सवारी के दौरान इन जरूरी बातों का रखें खास ख्याल

अब तक मिल रही जानकारियों के मुताबिक मेट्रो को फिलहाल 2 शिफ्टों में और 8 घंटे के लिए चलाया जाएगा। यानि कि मेट्रो सेवाएं सुबह 7 बजे से 11 बजे तक और शाम को 4 बजे से 8 बजे तक के लिए चलाया जाएगा।

  • मेट्रो ट्रेन और स्टेशन के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखना है

  • मेट्रो के अंदर और स्टेशन पर कोरोना से बचाव के लिए तमाम तरह के निर्देशों का एनाउंसमेंट किया जाएगा।

  • मेट्रो कोच के अंदर एक सीट छोड़ कर बैठने की इजाजत होगी

  • स्टेशन में प्रवेश करने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही यात्री के पास जो सामान हैं उसको भी सैनिटाइज करना अनिवार्य है।

  • मेट्रो में यात्रा के लिए अभी टोकन का प्रयोग नहीं किया जाएगा और सिर्फ मेट्रो कार्ड से ही यात्रा कर सकते हैं। मेट्रो कार्ड को रिचार्ज करने के लिए भी ऑनलाइन प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य है।

  • मेट्रो में सारा ट्रांजेक्शन कैशलेस होगा और जो भी यात्री नियमों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ लीगल एक्शन लिए जा सकते हैं।

  • यात्रियों की भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए प्रत्येक स्टेशन पर अभी 1 या 2 गेट ही प्रवेश और निकासी के लिए खोले जाएंगे।

  • यात्रा के दौरान यात्रियों से आरोग्य सेतु एप का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।

  • अपने यात्रा के समय को ऐसे तय करें कि ताकि मेट्रो में ज्यादा भीड़ ना हो जाए। आमतौर पर पहले पीक आवर्स में मेट्रो में बहुत ज्यादा भीड़ देखने को मिल जाती थी इसलिए अपने यात्रा के समय को इस तरीके से प्लान करें कि ज्यादा भीड़ का सामना करना नहीं पड़े।

  • बहुत आवश्यक होने पर ही मेट्रो में सवारी करें, बुजुर्गों और बच्चों को तो खास ख्याल रखने की आवश्यकता है।

  • मेट्रो में यात्रा करना चाहते हैं तो इस समय में कम से कम सामान अपने पास रखें।

  • धातु से बने सामान जैसे कि वॉटर बॉटल इत्यादि को अपने साथ लेकर ना चलें ताकि सुरक्षा जांच की प्रक्रिया जल्दी से पूरी की जा सके।

  • एक और जरूरी बात की अपने साथ में सुरक्षा कारणों की वजह से 30ml से ज्यादा मात्रा वाले हैंड सैनिटाइजर साथ में लेकर नहीं जाएं। बेहतर होगा कि आप पॉकेट साइज हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

  • मेट्रो में सफर के दौरान बिना वजह एक दूसरे से बातचीत नहीं करने की भी अपील की गई है ताकि कोरोना वायरस के फैलने की आशंका को टाला जा सके।

  • अगर मान लिया जाए की किसी स्टेशन पर भीड़ ज्यादा है और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो ये मुमकिन है कि उन स्टेशनों पर मेट्रो को ना रोका जाए।

  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए प्रत्येक स्टेशनों पर पूर्व के निर्धारित समय से 10-20 सेकेंड ज्यादा अवधि तक मेट्रो को रोका जाएगा। अगर आवश्यकता हुई तो मेट्रो ट्रेन को और ज्यादा समय के लिए रोका जा सकता है ताकि यात्रियों को दिक्कत ना हो।

  • आप से गुजारिश है कि यात्रा करने से तकरीबन 15 मिनट या आधा घंटा पहले ही स्टेशन पहुंच जाए

  • मेट्रो में यात्रा करने के दौरान मास्क अवश्य पहनें नहीं तो इसके लिए 500 रूपये तक का जुर्माना निर्धारित है।

जैसा कि हमने आपको बताया कि सुबह 7 बजे से मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा और यात्रियों को प्रत्येक 15 मिनट के अंतराल पर मेट्रो ट्रेन उपलब्ध होगी। आने वाले दिनों में मेट्रो रेल की फेरियां और बढ़ाई जा सकती है लेकिन ये बहुत आवश्यक है कि आप भीड़ भाड़ से बचें और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का जरूर पालन करें।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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