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नैशनल साइंस डे पर बच्चों को बताएं ये 8 महत्वपूर्ण अविष्कार

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Updated on Feb 28, 2018

नैशनल साइंस डे पर बच्चों को बताएं ये 8 महत्वपूर्ण अविष्कार

भारत में हर साल 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (नैशनल साइंस डे) मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 28 फरवरी 1986 से हुई थी, लेकिन इसकी कहानी 28 फरवरी 1928 को ही लिख गई थी। दरअसल 28 फरवरी 1928 को ही भारत के मशहूर वैज्ञानिक सी.वी. रमन ने ‘रमन प्रभाव’ की खोज की थी। इस खोज के लिए उन्हें 1930 में नोबल पुरस्कार भी मिला था। सी.वी. रमन की उपलब्धि को देखते हुए ही 1986 में भारत सरकार ने 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में नामित किया। इसका मकसद विज्ञान से होने वाले फायदों के प्रति समाज व लोगों खासकर नए स्टूडेंट्स में जागरूकता लाने और वैज्ञानिक सोच पैदा करना है। यहां हम बात करेंगे 8 ऐसे वैज्ञानिक अविष्कारों के बारे में जिन्हें आपको अपने बच्चों को जरूर बताना चाहिए।
 

विज्ञान के 8 बड़े व महत्वपूर्ण अविष्कार  

  1. कंप्यूटर व इंटरनेट – अगर विज्ञान के सबसे बड़े अविष्कारों पर बात की जाए तो इसमें कंप्यूटर व इंटरनेट का खास स्थान है। दरअसल आज पूरी दुनिया इस पर टिकी हुई है। हर काम कंप्यूटर व इंटरनेट से जुड़ चुका है। इसके अविष्कार की प्रक्रिया भी काफी लंबे समय तक चली। कंप्यूटर की खोज का श्रेय  चार्ल्स बेबेज को जाता है। सबसे पहले उन्होंने 1822 में डिफरेंशिअल इंजन नाम के मिकैनिकल कंप्यूटर का अविष्कार किया था, लेकिन पैसे की कमी के कारण वह इसे पूरा नहीं कर सके। इसके बाद कई वैज्ञानिकों ने समय के साथ इस पर काम किया। दुनिया का सबसे पहला डेस्कटॉप पर्सनल कंप्यूटर इटैलियन कंपनी ओलिवेटी ने 1964 में तैयार किया। वैसे तो इंटरनेट के अविष्कार का श्रेय 1970 में विंट सर्फ और बाब काहन को जाता है, लेकिन इस पर काम पहले से हो गया था। 1969 में अमेरिकी रक्षा विभाग की एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी ने अमेरिका के 4 विश्वविद्यालयों के कंप्यूटरों की नेटवर्किंग करके इंटरनेट की शुरुआत की। तब इसे अप्रानेट कहा गया था।
     
  2. एरोप्लेन – एरोप्लेन ने पूरी दुनिया को एग धागे में पिरो दिया है। लाखों किमी का सफर हवाईजहाज की मदद से कुछ ही घंटों में पूरा हो जाता है। इसका अविष्कार राइट ब्रदर्स ने किया था। दोनों ने 17 दिसंबर 1903 को अमेरिका के करोली नाम के समुद्र तट से पहला विमान उड़ाया था। यह विमान 112 फीट ऊपर ही उड़ सका।
     
  3. बिजली - बिजली की खोज विश्व के कुछ महानतम अविष्कारों में से एक है। आज बिजली ने हमारी जिंदगी को काफी आसान कर दिया है। इसके बिना हमारे कई काम आज ठप हो जाते हैं। वैसे तो इसकी खोज की प्रक्रिया कई साल से चली, लेकिन इसकी खोज का असली श्रेय बैंजामिन फ्रेंकलिन को जाता है। फ्रेंकलिन ने 1752 में इसकी खोज की थी। तब उन्होंने एक पतंग की मदद से साबित किया कि बादलों में मौजूद लाइटिंग और छोटी सी विद्युत चिंगारी दोनों एक ही चीज है। इसके बाद सन 1800 में इटली के एलेसेंड्रो वोल्टा ने एक रिसर्च में पाया कि विशेष रासायनिक प्रतिक्रियाओं से बिजली बनाई जा सकती है। इसके बाद उन्होंने बैटरी का निर्माण किया। बीच-बीच में और भी कई वैज्ञानिकों ने बिजली पर काम किया। 1878 में थॉमस एडिसन ने प्रकाश बल्ब का अविष्कार किया।
     
  4. टेलिफोन व मोबाइल – बात चाहे टेलिफोन की हो या नॉर्मल फोन व स्मार्टफोन की हो। आज यह हमारी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इनके बिना लाइफ अधूरी सी लगती है। ऐसे में इसे भी विज्ञान के बड़े अविष्कारों में गिना जाता है। सबसे पहले टेलिफोन का अविष्कार हुआ, जिसे 10 मार्च 1876 को ग्राहम बेल ने किया। इसके बाद मोबाइल की खोज हुई। मोबाइल की खोज का श्रेय 1973 में मार्टिन कूपर को जाता है।
     
  5. पेनिसिलिन – इसे भी साइंस के बड़े अविष्कारों में गिना जाता है। पेनिसिलिन एक एंटीबायोटिक है, जो दवाइयों के समूह में होती है। यह मानव शरीर में बैक्टीरिया से लड़ती है। विज्ञान के क्षेत्र में इसे भी बड़ी खोज माना जाता है। इसका अविष्कार ऐलेग्जेंडर फ्लेमिंग ने 1928 में किया था।  
     
  6. टीवी व रेडियो – रेडियो व टीवी हमारी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मनोरंजन के ये दोनों साधन काफी हद तक आदमी के लिए जरूरी बन चुके हैं। ये भी विज्ञान के क्षेत्र में बड़े अविष्कार हैं। रेडियो का अविष्कार इटैलियन वैज्ञानिक जी मार्कोनी ने किया। 1895 में उन्होंने पहला रेडियो संकेत भेजा और प्राप्त किया। वहीं टीवी का अविष्कार जॉन लोगी बेयर्ड ने 1925 में लंदन में किया था। इसके बाद दुनिया के पहले वर्किंग टेलीविजन का निर्माण 1927 में फिलो फार्न्सवर्थ ने किया था। इसे 1 सितंबर 1928 को मीडिया के सामने पेश किया गया। बेयर्ड ने रंगीन टेलीविजन का अविष्कार 1928 में किया था।
     
  7. टेलिस्कोप गैलीलियो टेलिस्कोप के अविष्कार के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध हुए। उन्होंने करीब 200 टेलिस्कोप बनाए और उन्हें अलग-अलग शिक्षण संस्थाओं को खगोलीय प्रेक्षणों के लिए दान दे दिया। उन्होंने सबसे पहले वृहस्पति ग्रह के 4 चंद्रमाओं का पता लगाया। इसके अलावा उन्होंने सूर्य के धब्बों और शुक्र ग्रह की कलाओं को देखा। गैलीलियो ने ही यह निष्कर्ष निकाला कि सभी ग्रह सूर्य के चक्कर लगाते हैं।
     
  8. रमन प्रभाव – रमन प्रकीर्णन या रमन प्रभाव फोटोन कणों के लचीले वितरण के बारे में बताता है। इसकी खोज प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक सी.वी. रमन ने की थी। रमन प्रभाव के अननुसार जब कोई एकवर्णी प्रकाश द्रवों और ठोसों से होकर गुजरता है, तो उसमें आपतित प्रकाश के साथ अत्यल्प तिव्रता का कुछ अन्य वर्णों का प्रकाश देखने में आता है। ऐसे में बच्चे को इसके बारे में जरूर बताएं।

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