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नवजात शिशु को आ जाए बुखार तो तुरंत आजमाएं इस उपाय को

Parentune Support
0 to 1 years

Created by Parentune Support
Updated on Jun 10, 2018

 नवजात शिशु को आ जाए बुखार तो तुरंत आजमाएं इस उपाय को

 

शिशु को हल्का फुल्का बुखार होने पर बहुत ज्यादा घबराने नहीं क्युकी  बुखार शिशु का संक्रमणों के खिलाफ लड़ने का एक प्राकृतिक तरीका है। यह शिशुओ के  संक्रमणों से लड़ने की शक्ति हो बढ़ता है|
हालांकि, छह महीने से कम उम्र के शिशुओं में बुखार अधिक गंभीर हो सकता है। थोड़े बड़े बच्चों में तेज बुखार होना काफी असामान्य है। और यदि तेज बुखार हो, तो आप तुरंत इन उपायों को आजमाए |


स्तनपान से होगा लाभ नवजात शिशु के लिए स्तन का दूध बहुत महत्वपूर्ण होता है। इससे शिशु को पर्याप्त मात्रा में पोषण तत्व मिलते है जो शिशु के कमजोर इमुनिटी को मजबुत बनाने का काम करते है और शिशु को बुखार से लढने के लिए तैयार करते है।स्तन का दूध शिशुओ में आसानी से पच जाता है। यह शिशु में भूक भी बढ़ता है जो उनके जल्दी ठीक होने के लिए जरुरी है।

तरल पदार्थ देते रहे -- अपने शिशु को खूब सारा तरल पदार्थ पीने के लिए दें, ताकि वह हाइड्रेटेड रह सके। उसे नियमित तौर पर स्तनपान, या फॉर्मूला दूध या उबालकर ठंडा किया हुआ पानी दें। 

उर्जा के लिए आहार दें -- अगर आपके शिशु ने ठोस आहार खाना शुरु कर दिया है, तो उसे अपनी पसंद के अनुसार आहार खाने दें। अगर उसे ज्यादा खाने की इच्छा न हो, तो उसे नियमित तौर पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन देती रहें, ताकि उसका ऊर्जा का स्तर बना रहे।

आराम करने दें-- अगर वह आराम करना चाहे, तो उसे करने दें। कोशिश करें की वो अच्छी नींद लें |मगर उसका हर समय बिस्तर पर लेटे रहना जरुरी नहीं, यदि वह बैठना या चलना-फिरना चाहे, तो ऐसा कर सकता है।  

आरामदायक कपड़े पहनाए -- शिशु को ऐसे कपड़े पहनाए जिनमें वह सबसे ज्यादा आरामदायक रहे, उसके सिर को न ढकें। बहुत ज्यादा कपड़े पहनाकर उसके शरीर में गर्मी न बढ़ाएं। मगर यदि अतिरिक्त कपड़े उतारने से शिशु को कंपकंपी होने लगे तो उसे चादर ओढ़ा दें। अगर, शिशु को फिर से गर्मी लगने लगे, तो चादर को हटाना आसान रहेगा।

बच्चों वाली पैरासिटामोल सस्पेंशन -- शिशु अगर बहुत ज्यादा असहज लगे, तो आप उसे बच्चों वाली पैरासिटामोल सस्पेंशन दे सकते है पर इसकी सही खुराक के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह कर के ही शिशु को दें ।

तुलसी 1 साल के कम की उम्र के शिशुओ के लिए तुलसी लाभदायक साबित हो सकती है। इससे शरीर का तापमान भी कम होता है। यह नेचुरल एंटीबायोटिक और इम्यून बूस्टर का काम करती है। एक मुट्ठी तुलसी को 2 कप पानी में उबाले। उबालने के बाद उसमे थोड़ी सी शक्कर डाले और अपने शिशु को दिन में कुछ समय जरूर दे।यदि आपके शिशु को कफ हुआ है तो शिशु को तुलसी की पत्तियाँ चबाने के लिए दीजिये।

ठंडी पट्टिया  रखे -- शिशु के मुंह, बाजू और टांगों पर हल्के गुनगुने पानी की पट्टियां रखें, ताकि बुखार कुछ कम हो सके।शिशु के सर पे पट्टी जरुर रखे की बुखार मस्तिष्क तक न पहुच पाए |

 

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Comments()
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| Jun 20, 2018

Hlo Dr. sir mera beta 2 year ka hai or Vo kuch bhi nhi khata, patla bhi Bhut hai kya karu. ,ki Vo Kch khane lagee...

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| Jun 11, 2018

Hi meri beti 2 manth ki h mere bhud kam aata h to konsa milk thik rhega usko or kitna dena chahiye ek bar m ya brestmilk badane ke liye koi upay bataye plz

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