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लॉकडाउन में हेयर कटिंग- कूकिंग भी सीख रहे हैं पैरेंट्स, आपने कौन सा स्किल सीखा ?

Prasoon Pankaj
0 से 1 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Apr 08, 2020

लॉकडाउन में हेयर कटिंग कूकिंग भी सीख रहे हैं पैरेंट्स आपने कौन सा स्किल सीखा
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

लॉकडाउन अपने आप में हम सबके लिए अनोखा अनुभव है। इस लॉकडाउन के बाद लोग शायद यह कहना भूल जाएंगे कि अरे कल की बात कल देखी जाएगी...यानि कि हमें हमेशा विपरित परिस्थितियों के बारे में तैयार रहना चाहिए। कोरोना वायरस की वजह से इतने दिन लंबा लॉकडाउन चलेगा ये किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। मुझे याद है कि मार्च के पहले सप्ताह में मैंने जब अपने सोशल मीडिया के माध्यम से ये मांग उठाई थी कि दिल्ली में मेट्रो और मुंबई में लोकल ट्रेन को बंद कर दिया जाना चाहिए ताकि वायरस का संक्रमण नहीं बढ़ सके तो ज्यादातर लोगों को ये बात अविश्वसनीय लगी। कुछ लोगों ने कहा कि ये असंभव है क्योंकि दिल्ली और मुंबई की लाइफलाइन है मेट्रो और लोकल ट्रेन... लेकिन कुछ दिनों बाद ही सरकार ने रफ्तार को बिल्कुल थाम दिया। ट्रेन बंद, फ्लाइट बंद, ऑफिस बंद, सड़कें बंद, मॉल बंद थिएटर बंद क्योंकि फिलहाल कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने का एक मात्र यही उपाय सामने नजर आ रहा है। सरकार बार-बार अपील कर रही है कि सोशल डिस्टेंसिंग ही एक मात्र विकल्प है कोरोना वायरस पर नियंत्रण पाने के लिए।

लॉकडाउन के समय का सदुपयोग कर रहे हैं लोग

कहते हैं कि आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है, अब देखिए ना...जब देश में लॉकडाउन करने का ऐलान हुआ तो वर्क फ्राम होम के विकल्प को अधिकांश कंपनियों ने अपना लिया।  कुछ कंपनियों का तो यहां तक मानना है कि वर्क फ्रॉम होम में ज्यादा प्रोडक्टिविटी सामने आ रही है। लॉकडाउन का एक दिलचस्प पहलू ये भी है कि ना जाने कितने सालों बाद लोगों को अपने घर पर परिवार के संग इतना लंबा समय बिताने का अवसर मिल पाया है। होटल इंडस्ट्री में उच्च पद पर आसीन दीपक झा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि तकरीबन 10-15 साल के बाद उनको ये अवसर मिला है जब उन्होंने अपने घर में परिवार के संग बैठकर ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर कर रहे हैं। दीपक झा कहते हैं कि रोजमर्रा की जिंदगी में हम लोग इतने भाग रहे थे कि परिवार के साथ फुर्सत के दो पल बिताने का अवसर ही नहीं मिल पाता था। दफ्तर से छुट्टी के दिन सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता की वजह से भी फैमिली को समय नहीं दे पाता था।  दीपक झा कहते हैं कि लॉकडाउन की इस अवधि को वे बहुत सकारात्मक रूप में स्वीकार करते हैं।

लॉकडाउन के दौरान नए-नए स्किल सीख रहे हैं पैरेंट्स 

लॉकडाउन का ये समय पैरैंट्स और बच्चो के लिए समर वेकेशन से कुछ हटकर है। समर वेकेशन के दौरान पैरेंट्स और बच्चों को घर से बाहर निकलकर मस्ती करने के अनेक साधन होते हैं लेकिन लॉकडाउन के दौरान घर के अंदर ही मस्ती के पलों को खोजना पड़ रहा है। कुछ पैरेंट्स इस समय का सदुपयोग बेहतर तरीके से कर रहे हैं। न्यूज 18 ग्रुप के सीनियर जर्नलिस्ट रवि दुबे ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे की तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा कि उनके बेटे राम दुबे के बाल कुछ ज्यादा ही बड़े हो गए थे। लॉकडाउन के चलते तमाम सैलून बंद हैं और इधर गर्मी बढ़ जाने की वजह से बेटे राम को दिक्कतें हो रही थी। बस फिर क्या था, अपने एक मित्र से प्रेरणा लेकर उन्होंने कैंची उठाई और फिर बेहद करीने से अपने बेटे के बालों को साइड से काट दिया। बेटा राम भी खुश और पिता रवि दुबे इस बात से खुश कि उन्होंने लॉकडाउन लर्निग में एक नया स्किल सीख लिया। 

कानून के जानकार आनंद कुमार झा ने भी इससे मिलता जुलता अनुभव शेयर करते हुए लिखा कि उनके बेटे आर्यन के भी बाल लंबे हो गए थे। आर्यन बार-बार अपने पैरेंट्स से हेयर कटिंग करनाने की जिद कर रहा था। उसके बाद आनंद कुमार ने भी खुद से बच्चे की हेयर कटिंग करने का प्लान बना लिया। इसके लिए उन्होंने काफी एहतियात बरतते हुए बेटे के बालों की ट्रिमिंग कर डाली।

वरिष्ठ मीडिया सलाहकार अरुणोदय प्रकाश तो लॉकडाउन के इस समय में गुरु बन गए हैं। अरुणोदय प्रकाश लॉकडाउन के दौरान नए-नए प्रयोग कर रहे हैं औऱ दिलचस्प बात ये है कि इनके फ्रेंड सर्किल के लोग कॉल करके इनसे टिप्स लेते हैं। हेयर कटिंग का सबसे पहले इन्होंने ही प्रयोग किया और आपको जानकर हैरानी होगी कि ये प्रयोग इन्होंने खुद के बालों पर किया। जैसे ही इन्होंने सेल्फ हेयर कटिंग की तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया दोस्तों के लगातार कॉल आने शुरू हो गए। अरुणोदय अब नए-नए डिश बनाना सीख रहे हैं और लोगों को सीखा भी रहे हैं। कूकिंग के अपने शौक को पूरा कर रहे  अरुणोदय ने हाल ही में बेक्ड बिस्किट, बेक्ड केक, बनाना ओट्स पैनकेक जैसे व्यंजनों को बनाना सीखा है। 

ज्यादातर पैरेंट्स वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं लेकिन घर के कामों में भी बराबर की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। अगर वाइफ कूकिंग कर रही है तो हसबैंड घर की सफाई का काम कर रहे हैं। पैरेंट्स को इस तरीके से काम करते देखकर बच्चे को भी प्रेरणा मिल रही है। ये बिल्कुल सही समय है जब आप अपने बच्चे को घर के कामों में हाथ बंटाना सीखा सकते हैं। लॉकडाउन के इस समय में बहुत लोग नए-नए स्किल को सीख रहे हैं। क्या आपने भी सीखा है कोई नया स्किल तो जरूर शेयर करें अपने अनुभवों को अन्य पैरेंट्स के संग

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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