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कैसे फैलता है निपाह वायरस (Nipah Virus) ? क्या हैं निपाह के लक्षण और बचाव के उपाय?

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jun 04, 2019

कैसे फैलता है निपाह वायरस Nipah Virus क्या हैं निपाह के लक्षण और बचाव के उपाय

केरल में एक बार फिर निपाह (Nipah Virus) वायरस की पुष्टि कर दी गई है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने जानकारी देते हुए कहा है कि 23 साल के एक युवक की जांच रिपोर्ट में निपाह वायरस की पुष्टि (Nipah Virus Outbreak) हो गई है। पिछले साल निपाह वायरस की चपेट में आने से कुल 17 लोगों की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि निपाह वायरस के खतरे से निपटने के लिए राज्य में पूरी तैयारी है और लोगों को घबड़ाने की जरूरत नहीं है। 

डब्ल्यूएचओ के अनुसार निपाह वायरस इतिहास/ When Was Nipah Virus First Originated ?

एनआईवी पहली बार 1998 में मलेशिया के कंपंग सुंगई निपाह में बीमारी के फैलने के दौरान पहचाना गया था।वहां पर यह बीमारी सूअर से के जरिये फैला था । हालांकि, बाद में यह इस बीमारी के फैलने के पीछे किसी का हाथ नहीं था। 2004 में बांग्लादेश में यह संक्रमण पेड़ से गिरे खजूर खाने से फैला था जिसे फल चमगादड़ ने संक्रमित किया हुआ था । भारत के अस्पताल में यह संक्रमण एक आदमी से दुसरे आदमी के बिच में फैलने के रिपोर्ट भी है। एनआईवी सूअरों और अन्य घरेलू जानवरों में बीमारी पैदा करने में भी सक्षम है। मनुष्यों या जानवरों के लिए इस बीमारी का कोई टीका नहीं है। मानव मामलों के लिए प्राथमिक एनवी उपचार उनकी देखभाल ही है।

कैसे फैलता है निपाह वायरस ?/ How Nipah Spreads/Transmits in Hindi

सवाल यह है कि एनआईवी किस जरिये और कारण से फैलता हैं? एनआईवी संक्रमित चमगादड़, संक्रमित सूअर, या अन्य एनवी संक्रमित लोगों से सीधे संपर्क में आने पर हो सकता है।भारत और बांग्लादेश में लोगों से लोगों के बिच में फैलने की रिपोर्ट पायी गई है। यह आमतौर पर निपा वायरस से संक्रमित मरीजों के परिवार और देखभाल करने वालों में देखा गया है। केरल में यह संक्रमण फल चमगादड़ के द्वारा खाए गये दूषित आम की वजह से पाया गया है।

निपाह वायरस (एनआईवी) के लक्षण / Nipah Virus (NiV) Infection Symptoms in Hindi

निपाह वायरस(Nipah Virus)  जिसे एनआईवी (NiV) के नाम से भी जाना जाता है, एक खतरनाक वायरस है जो जानवरों और मनुष्यों दोनों में गंभीर बीमारी का कारण बनता है। इस वायरस का प्राकृतिक मेजबान फल चमगादड़ जो की फलो का रस चूसता है और उसे  स्रंक्रमित कर देता है | लेकिन कुछ ऐसे मामले भी आ रहे हैं जहां सूअर के साथ-साथ कुछ अन्य घरेलू जानवर भी इस वायरस के मेजबान हो सकते हैं। यद्यपि इसके बहुत कम ही मामले सामने आये है पर निपाह वायरस एक साथ बहुत सारे जानवरों को संक्रमित कर सकता है और उनके मौत का कारण बन सकता है...

  • सूजन के साथ बुखार और भारी सिरदर्द
     
  • विचलन और मानसिक भ्रम
     
  • सास संबंधी परेशानिया या बीमारी और मचली जैसा लगाना
     
  • एन्सेफलाइटिस या मस्तिष्क सूजन
     
  • तंत्रिका रोग
     
  • लगातार कन्वेंशन और व्यक्तित्व में परिवर्तन
     
  • पेट दर्द और उल्टी

अगर इन संकेतों और लक्षणों का समय से ध्यान न दिया जाए तो, ये लक्षण 24-48 घंटों के भीतर कोमा में भी परिवर्तन हो सकते हैं।

निपाह वायरस से बचने के लिए सावधानियां और रोकथाम / Nipah Virus Prevention Tips in Hindi

निपाह वायरस से संक्रमित मरीज दिमागी बुखार की चपेट में आ जाते है। इसका संक्रमण बहुत तेजी से शरीर में फैलता है। अगर सही समय पर इलाज शुरू नहीं हुई तो संक्रमण होने के 48 घंटे के भीतर पीड़ित मरीज के कोमा में जाने का खतरा होता है।

  • एनआईवी एक जिद्दी वायरस है, जो 5 से 14 दिनों तक रहता है।शुरूआती  समय के बाद लक्षण स्पष्ट हो जाते हैं। एनआईवी वायरस से संक्रमित होने से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें।
     
  • यदि निपाह संक्रमण से मरने वाले किसी भी व्यक्ति के मृत शरीर के आस-पास जाए तो कृपया अपने चेहरे को ठीक से ढक दें।
     
  • संक्रमित चमगादड़, सूअरों और स्थानों से दूर रहें जहा की इस बीमारी की आशंका हो
     
  • पेड़ से गिरे हुए फल न खाएं, सभी फलों को अच्छी तरह धो लें
     
  • खजूर के पेड़ से निकलने वाले ताड़(रस या पानी ) पीने से बचें
     
  • यदि आप किसी भी एनआईवी संक्रमित व्यक्ति या जानवर के आस-पास आते हैं, तो आप रोगी से दूरी बनाए रखना चाहिए और अपने हाथों को ठीक से धोना चाहिए।
     
  • अपने कपड़े, बर्तन और बाथरूम आइटम जैसे मग और बाल्टी अलग से साफ करें। सुनिश्चित करें कि सभी लोग स्वच्छता से बनाए रखे |

 

कृपया ध्यान दें, कि अभी तक निपाह वायरस के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है। निपाह वायरस से पीड़ित मरीजों को इंटेसिव सपॉर्टिव केयर देकर इलाज किया जाता है। एनआईवी से संक्रमित व्यक्ति की बहुत अच्छी देखभाल की आवश्यकता होती है। यह सभी सावधानियों अपनाना और अपने सभी दोस्तों और परिवार को भी बताना जरूरी है। ऊपर बताए गए लक्षणों में से अगर कोई भी लक्षण नजर आए तो तत्काल अपने नजदीकी अस्पताल में जरूर संपर्क करें।

 

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  • 7
कमैंट्स()
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| Jul 04, 2019

thanks

  • रिपोर्ट

| Jun 06, 2019

uyyt5t4ggy4433lllm 09uyttf .....,6

  • रिपोर्ट

| Jun 06, 2019

,

  • रिपोर्ट

| Jun 05, 2019

mera beta 4 month ka hai feeding ke bad khasta hai aur kvi kvi ulti vi krta hai please sujhaw de

  • रिपोर्ट

| Jun 04, 2019

bahut acchi jankari hai..

  • रिपोर्ट

| Oct 14, 2018

meri beti 5 month ki h.. usko. bht jldi jldi cold hota h.. uski. nose bilkul bnd hojti h.. m. kya kru jis s usko cold na ho jldi. or uski nose open rhe

  • रिपोर्ट

| Jun 06, 2018

Mere bacce ko sukhi khansi ho rahi kya kar 5year 8month

  • रिपोर्ट
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