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क्या फायदे हैं पंचतत्र की कहानियों के आपके बच्चों के लिए?

Parentune Support
3 से 7 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jul 25, 2018

क्या फायदे हैं पंचतत्र की कहानियों के आपके बच्चों के लिए

बेहतर समाज निर्माण के लिए बच्चों को सभी प्रकार का ज्ञान दिया जाना चाहिए जिससे उनका चहुंमुखी विकास हो सके। शास्त्रों के अनुसार बच्चे के प्रथम 7 वर्ष तक उसे हर तरफ से सहज रूप में जानकारी दी जानी चाहिए। उसमें उत्सुकता और सीखने की ललक को बढ़ाने की कोशिश की जानी चाहिए। बच्चों का मानसिक विकास कहानियां, व चित्रकथाएं पढ़ने के साथ ही माता-पिता और शिक्षकों से बेझिझक इनसे संबन्धित बातचीत करने से बढ़ता है। बच्चों को ऐसी कहानियाँ पढ़ने और सुनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए जो उनमें अच्छे संस्कार आ सकें। साथ ही ज्ञानवर्धक कहानियाँ पढ़ने से बच्चों के स्कूल और होमवर्क की बोझिल दिनचर्या बोझिल नहीं लगती है और ये कहानियाँ मनोरंजन के साथ ही साथ बच्चों को कुछ नया और रचनात्मक सोचने और कभी- कभी नया लिखने के लिए प्रेरित भी करती हैं। विभिन्न विषयों पर बच्चों के नजरिया भी बदलता है और भाषा पर पकड़ भी मजबूत होती है जो उनकी पढ़ाई में सहयोग करती है।

 

क्यों हैं ज़रूरी पंचतंत्र की कहानियां आपके बच्चे के लिए/ Importance of Panchatantra's Bed-time Stories in Hindi

इसीलिए हम बताना चाहते हैं कि ऐसी कौन-सी किताबें हैं जिनकी कहानियों को बच्चों को सुनाने से उनमें हर तरह का ज्ञान और जानकारी का विकास होता है। इससे उनमें विचार और अनुभव करने की क्षमता का भी विकास होता है। आइए जानते हैं ऐसी ही एक कहानियों की किताब “पंचतंत्र” के बारे में, जिसकी शिक्षाप्रद कहानियों को पढ़कर आपका बच्चा ज्ञान की बातें सीख सकता है। आचार्य विष्णु शर्मा द्वारा लिखित पंचतंत्र को संस्कृत नीति कथाओं में पहले स्थान पर माना गया है। इस किताब की सभी कहानियां लगभग चित्रों के रूप में भी प्रस्तुत हैं और टेक्नोलॉजी के विकास के साथ ही अब वे एनिमेशन का भी रूप ले रही हैं।

वस्तुतः यह कहानियाँ राजा अमरशक्ति के मूर्ख एवं उद्दंड पूत्रों को रोचक कहानियों के माध्यम से नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ने के लिए सुनाई गईं थीं जिसे बाद में विष्णु शर्मा द्वारा ही पंचतंत्र कहानी संग्रह के रूप में संकलित किया गया। अतः हम समझ सकते हैं कि सीखने की आयु में बच्चों की सकारात्मक समझ बढ़ाने के लिए कितनी उपयोगी हैं। व्यावहरिक जीवन में इसकी कहानियां से प्राप्त शिक्षा बच्चों का ज्ञान बढ़ाने, उनकी समझ विकसित करने और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने में खूब सहायता करती हैं।

सरल और सटीक तरीका बच्चो को लाइफ वैल्यूज सीखाने का -

पंचतंत्र की कहानियां सभी विषयों को बड़े ही रोचक तरीके से सामने रखकर बच्चों को बहुत ही अच्छी सीख देती हैं। पंचतंत्र की कहानियां बहुत जीवंत हैं। प्रत्येक कथा को पढ़कर यह ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में कैसे सफल हों। मनोविज्ञान, व्यावहारिकता तथा नैतिकता के सिद्धांतों से परिचित कराती ये कहानियाँ सरल भाषा में सभी विषयों को बड़े ही रोचक तरीके से बच्चों के सामने रखती हैं और साथ ही हर कहानी एक सीख देने की कोशिश करती है। इन कहानियों में पत्रों के रूप में पशु-पक्षियों का वर्णन अधिक किया गया है और लेखक ने अपने विचारों को उनके माध्यम से व्यक्त किया है। पशु-पक्षियों/ लोगों को आधार बनाकर बच्चों को उचित-अनुचित आदि का ज्ञान देना सरल होता है।

पंचतंत्र में 5 भागों में विभाजित कुल 87 कथाएं हैं जिनमें से अधिकांश प्राणी कथाएं हैं। इन प्राणी कथाओं का उद्गम सर्वप्रथम महाभारत में हुआ था। इस किताब के पाँच तंत्र या विभाग हैं इसीलिए इसे पंचतंत्र कहा जाता है। ये भाग हैं -

  1. मित्रभेद (मित्रों में मनमुटाव एवं अलगाव)
  2. मित्रलाभ या मित्रसंप्राप्ति (मित्र प्राप्ति एवं उसके लाभ)
  3. काकोलुकीयम् (कौवे एवं उल्लुओं की कथा)
  4. लब्धप्रणाश ((लब्ध) हाथ लगी चीज का (हानि) हाथ से निकाल जाना)
  5. अपरीक्षित कारक (जिसको परखा नहीं गया हो उसे करने से पहले सावधान रहें; हड़बड़ी में कदम न उठाएं)

 

पंचतंत्र की कहानियों से होने वाले कुछ फायदे / Benefits of Panchatantra's Bed-time Stories for Kids in Hindi

पंचतंत्र की अधिकांश कहानियों में कहानियों प्राणियों/ वन्य जीवों के माध्यम से विभिन्न व्यावहारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक बातों का उल्लेख किया गया है जिससे बच्चे अच्छे संस्कार सीखते हैं। पंचतंत्र के विभिन्न भागों की कहानियों से बच्चे सीखते हैं कि मित्रों से कैसा व्यवहार होना चाहिए, परिवार का जीवन में क्या स्थान है, परिश्रम एवं ईमानदारी का क्या महत्व है तथा संकट पड़ने पर अपनी बुद्धि से किस प्रकार समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए। इससे एक अच्छे समाज का निर्माण होता है। ये कहानियाँ चित्रों के रूप में उपलब्ध हैं, जिससे बच्चों के लिए इन्हें समझना काफी आसान और रुचिकर हो जाता है। 50 से अधिक भाषाओं में अनुवादित होने के कारण पंचतंत्र की ये कहानियां व्यापक जनमानस में अपनी पहुँच रखती हैं तथा बच्चों को उनकी भाषा में अत्यंत सरलता से नीतिगत बातें समझाने में अति उपयोगी सिद्ध होती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जो बच्चे सोने से पहले 20 मिनट भी कहानियाँ पढ़ते हैं उनके पढ़ने की क्षमता में साल में कम से कम 10 दिन स्कूल जाने के बराबर वृद्धि होती है। पंचतंत्र की ये कथाएं मानव स्वभाव को समझने और सावधानीपूर्वक व्यवहार करने की समझ का विकास करती हैं। इसलिए अपने बच्चों को पंचतंत्र की कहानियाँ जरूर पढ़ाएँ, जो उनमें भविष्य के लिए समझ विकसित करने में सहायक बनती हैं।

 

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  • 1
कमैंट्स()
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| Nov 01, 2017

Kis age se start kre bche ko story sunana from panhtantar

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