गर्भावस्था

पपीता खाने के फायदे स्तनपान के दौरान

Gaurima
0 से 1 वर्ष

Gaurima के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Feb 15, 2018

पपीता खाने के फायदे स्तनपान के दौरान

यदि आप स्तनपान करा रही हैं तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। स्तनपान के दौरान आपका आहार बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि गलत आहार आपके बच्चे पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान पका हुआ पपीता खाना आपके और आपके बच्चे के लिए लाभकारी हो सकता है। इसका भी प्रयोग सीमित मात्रा में किया जाना चाहिए।
 

अधपके व कच्चे पपीते को, जिसे गर्भावस्था के दौरान खाने से बचा जाता है, वह स्तनपान के दौरान दूध की मात्रा को बढ़ाता है। इस बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि पके हुए पपीते में फाइबर के साथ ही फॉलिक एसिड भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आपके और आपके बच्चे के स्वस्थ्य के लिए फायदेमंद है। भारत में काफी लंबे समय से कच्चे पपीते का इस्तेमाल दूध बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है। जो माताएँ स्तनपान करवा रही हैं, उनके लिये कच्चा पपीता बहुत अच्छा माना जाता है। इससे दूध बढ़ाने में मदद मिलती है। कच्चे पपीते के सेवन से शरीर को कई तरह के विटामिन मिलते हैं जो दूध के माध्यम से आपके बच्चे तक भी पहुँचते हैं और बच्चे को इसका लाभ मिलता है।
 

  • दूध और शहद के साथ पपीते को मिक्स कर बनाया गया पेय काफी पौष्ट‍िक होता है, जो स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए बहुत स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। यह न सिर्फ महिला बल्कि होने वाले बच्चे के लिए भी बहुत फायदेमंद है और स्तनपान के दौरान यही मिश्रण मां के दूध उत्पादन में वृद्धि‍ करता है। माना जाता है कि कच्चे पपीतों की सब्जी के सेवन से स्तन में दूध बढ़ जाता है। पका हुआ पपीता खाने के बाद मीठा गुनगुना दूध पीने से स्तनों का विकास होता है और उनमे दूध की वृद्धि होती है। अच्छी तरह पका हुआ पपीता विटामिन सी और ई से भरपूर होता है। यह फाइबर और फॉलिक एसिड का भी अच्छा स्त्रोत है।

     
  • कच्चे पपीते में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाता है। इसमें ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं जो पेट में गैस बनने से रोकते हैं और पाचन में सुधार करते हैं। यह शरीर में विषाक्त पदार्थों से छुटकारा दिलाने में भी मदद करता है जो अंततः आपके बच्चे के लिए भी स्वास्थ्यकर होता है।

     
  • कच्चा पपीता आपके शरीर में ऑक्सीटोसिन और प्रोस्टाग्लैंडीन के स्तर को बढ़ाता है। यह आपके गर्भाशय में संकुचन लाती है और मासिक धर्म के दर्द को कम कर सकता है।

     
  • पपीते का सेवन करते समय विभिन्न सावधानियाँ भी रखी जानी आवश्यक हैं। यदि आप ब्लड प्रेशर की मरीज हैं तो पपीते का सेवन करना आपके लिए नुकसानदायक साबित होता है। यदि आप ब्लड प्रेशर की दवा ले रही हैं तो आपके लिए पपीता खाना खतरनाक हो सकता है।

     
  • आप जितने सालों तक बच्चों को स्तनपान कराती है, उस वक्त तक आपको पपीता सीमित मात्रा में खाना चाहिए. इसके अलावा 1 साल तक छोटे बच्चों को पपीता नहीं खिलाया जाना चाहिए।

     
  • यदि आप दस्त से परेशान हैं तो आपको पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए। यह आपके बच्चे पर भी गलत असर डालता है। कहने का तात्पर्य यह है कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए पपीते का सेवन करने के दौरान अत्यधिक सावधानी रखने की जरूरत है क्योंकि इससे आपके साथ-साथ आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। यदि आप अभी भी अनिश्चित हैं कि पपीता खाना चाहिए या नहीं, तो अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य ले लें। 

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