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क्या आपको पोलियो वैक्सीनेशन से संबंधित इन 7 बातों की जानकारी है? देखिए Video

Prasoon Pankaj
0 से 1 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Mar 22, 2020

क्या आपको पोलियो वैक्सीनेशन से संबंधित इन 7 बातों की जानकारी है देखिए Video
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

पैरेंट्स होने के नाते पोलियो वैक्सीनेशन से संबंधित कुछ सवाल अक्सर आपके जेहन में आते होंगे। पोलियो वैक्सीनेशन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सवालों का जवाब जानने के लिए इस Video को जरूर देखें।

 

पोलियो क्या है? पोलियो या 'पोलियोमेलाइटिस' एक संक्रामक रोग है जो आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति मे संक्रमित तरीके से फैलता है। इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति के रीढ़ की हड्डी, या शरीर के अन्य अंग जैसे कि हाथ-पांव को नुकसान पहुंचता है।
पोलियो के लक्षण फ्लू जैसा लक्षण,पेट का दर्द, गर्दन की जकड़न, मांस-पेशियाँ नरम होना तथा विभिन्न अंगों में दर्द होना, डायरिया, मस्तिष्क और मेरुदंड का गंभीर संक्रमण, गर्दन न झुका पाना, गर्दन सीधे रखना या हाथ या पांव न उठा पाना
पोलियो से बचाव के उपाय पोलियो की वैक्सीन के टीके लगवाने से बच्चे को इस खतरनाक बिमारी से बचाया जा सकता है। समय समय पर पल्स पोलियो वैक्सीनेशन लगाकर या पल्स पोलियो ड्राप पिलाकर इस बीमारी से बच्चे को बचाया जा सकता है
पोलियो की दवा बच्चे को कब पिलाएं? OPV (ओरल पोलियो वैक्सीन) : शिशु के जन्म के समय में ये दवा पिलाई जाती है इसके बाद जन्म के छठे सप्ताह, दसवें सप्ताह और 14वें सप्ताह में भी पिलाएं। बच्चे के 16-24 महीने के बीच में बूस्टर डोज भी पिलाना अनिवार्य है। IPV ( इनएक्टिवेटेड पोलियोवायरस वैक्सीन) यह टीका केवल एक साल से कम उम्र के बच्चों को ही लगाया जाएगा। यह ओरल पोलियो वैक्सीन की तीसरी खुराक के साथ दिया जाएगा। य यह बच्चे की दाएं जांघ के मध्य में मांसपेशी के अंदर दिया जा जाएगा।
पोलियो वैक्सीन कैसे दे सकते हैं ? पोलियो से बचाव के लिए बच्चे के जन्म के बाद तथा ऊपर दिए गए अंतराल पे टीकाकरण कराना अत्यंत ज़रूरी है। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम व पल्‍स पोलियो अभियान के अन्‍तर्गत पोलियों वैक्‍सीन की खुराकें अपने बच्चो 0-5 वर्ष तक दिलाना चाहिए।
क्या पोलियो टीकाकरण नि:शुल्क है? बच्चों का मुफ्त टीकाकरण सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों परउपलब्ध है। सभी राज्य एक निश्चित तिथि, निश्चित समय और स्थान निर्धारित करते है, जिस दिन सभी बच्चों को टीका दिया जाता है। बच्चों के टीकाकरण के संबंध में गांवों और शहरों में प्रतिमास निश्चित दिन पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता दौरा करती हैं।
पोलियो मुक्त भारत मार्च 2014 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया गया है लेकिन इसके साथ ही ये भी ध्यान देना जरूरी है कि जबतक पूरी दुनिया पोलियो मुक्त नहीं हो जाती है तब तक टीकाकरण कराना चाहिए। नाइजीरिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान जैसे देशों में अभी भी पोलियो के कई मामले सामने आ रहे हैं।

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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