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शिशु की देख - रेख

बच्चे को पॉटी ट्रेनिंग देने के आसान तरीके

दीप्ति अंगरीश
0 से 1 वर्ष

दीप्ति अंगरीश के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jul 28, 2020

 बच्चे को पॉटी ट्रेनिंग देने के आसान तरीके
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

हर माता-पिता के लिए सूखद अहसास होता है आगंन में बच्चे का खिल-खिलाना। लेकिन जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, वैसे-वैसे वे उसके लिए बहुत कुछ सोचते हैं और बहुत कुछ सीखाते हैं। इस क्रम में पाॅटी ट्रेनिंग अहम है। कुछ माता-पिता का कहना है कि बच्चों को पौष्टिक खाना खिलाना पाॅटी ट्रेनिंग की तुलना से फिर भी सरल है। बहुत से बच्चे एक-दो बार सीखाने पर इसे सीख लेते हैं, लेकिन कई बच्चों के साथ इसके लिए उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ता है। या यूं कहे कि यह ट्रेनिंग थकाऊ होती है। एक-डेढ़ साल बच्चे को इसकी ट्रेनिंग देने का मुफीद समय है। लेकिन यह इतना असान भी नहीं है। इसके लिए बच्चे के साथ बहुत मशक्कत करनी पड़ती है। जानते हैं बच्चों को पाॅटी ट्रेनिंग देने के असान तरीके।

  • भ्रमित नहीं करें- बच्चा लड़का है तो मां-बाप सोचते हैं कि उसे पाॅटी व यूरीन बैठ कर सीखाएं या खड़े होकर। बेहतर होगा कि आप यह ट्रेनिंग उसे बैठकर सिखाएं। जब बच्चा सीख जाए, तो उसे यूरीन खड़े होकर करना सिखाएं।
     
  • प्रदर्शन - बच्चे माता-पिता को देखकर बहुत कुछ सीखते हैं। जब आप टॉयलेट का उपयोग करें, तो अपनी बच्चे को अपने साथ ले जाएं और उसे देखने दें। सुनने में अजीब लगे, लेकिन प्रदर्शन काफी कारगर होता है।
     
  • सही उपकरण चुनें- पॉटी ट्रेनिंग देने के लिए आप बच्चे के लिए टाॅयलेट सीट खरीदें। इसे खरीदने के लिए बच्चे को साथ ले जाएं, ताकि वो अपनी पसंद की सीट लें। ऐसा करने बच्चा इसे इस्तेमाल करने में दिलचस्पी दिखाएगा।

  • डराएं नहीं - आप बच्चे से उम्मीद नहीं करें कि टाॅयलेट सीट के पहले प्रयोग से बच्चा  पॉटी ट्रेनिंग  में निपुण हो जाएगा। इस ट्रेनिंग में आपको सब्र रखना होगा। ऐसा नहीं है एक बार में ही बच्चा व्यस्क की तरह पाॅटी/यूरीन पास करने में सक्षम हो जाए। इसके लिए बच्चे को डराएं नहीं। हो सकता है कि डराने से बच्चा टाॅयलेट सीट से गिर जाए।
     
  • एक टाइम बांधे-  आप बच्चों को पॉटी ट्रेनिंग के लिए एक टाइम बांधे। इसे बाॅयलोजिकल क्लाॅक जरूर रिस्पांड करेगी। जब बच्चा पॉटी ट्रेनिंग में हो जाएगा तो वे खुद अकेले पाॅटी कर पाएगा
     
  • उनका ध्यान पलटने की कोशिश करें- बच्चे बहुत जल्द विचलित हो जाते हैं। इसलिए उन्हें लंबे समय तक पॉटी पर बैठना आसान काम नहीं है। उन्हें विभिन्न गतिविधियों में जोड़ने की कोशिश करे, जैसे- तुकबंदी, गाने, खिलौने आदि। इस ट्रेनिंग में ध्यान पलटना काफी कारगर होगा। 
     
  • जगह -बच्चों को पॉटी ट्रेनिंग शुरू करने के लिए बच्चे का पसंदीदा स्थान का चयन करें। इस बात पर जोर न दें कि बच्चे को टॉयलेट के अंदर ही शौच करना चाहिए। पहले बच्चे को सहज करें। फिर आप धीरे-धीरे पॉटी को टॉयलेट के करीब शिफ्ट कर सकते हैं।
     
  • सराहना करें- बच्चों को हर बार पुरस्कार देना याद रखें। उन्हें इसे बेहतर से बेहतर करने की प्रेरणा मिलती। ऐसा आप बच्चे को पॉटी ट्रेनिंग देने के समय भी करें। उम्मीद करते हैं ऐसा करने से बच्चा जल्द ही पाॅटी करना सीख जाएगा।
     
  • निर्देशों को सरल रखें -जब आप पहली बार अपने बच्चे को प्रशिक्षित कर रहे हैं, तो उससे उस तरीके से बात करें, जैसे वह समझता है। उसे सरल मूल बातें सिखाएं- कैसे बैठना है, कैसे पोंछना है, हाथ कैसे धोएं और अच्छी स्वच्छता बनाए रखें। घबराएं या निराश नहीं हो। धैर्य रखें बच्चा जल्द पॉटी करना सीख जाएगा।
     
  • दुर्घटनाएं होंगी - बच्चे को पॉटी ट्रेनिंग देते समय कई दुर्घटनाओं हो सकती हैं, जैसे बच्चा आपका हाथ झिड़क सकता है, बच्चा नीचे गिर सकता है आदि। यह सब बहुत स्वाभाविक है। इसके लिए तैयार रहें। बच्चे पर नाराज नहीं हो। वह पूरी कोशिश कर रहे हैं। पॉटी ट्रेनिंग के लिएउसे प्रोत्साहित करें और वो जल्द सीख जाएगा। 

बच्चों में पॉटी ट्रेनिंग में रेडीनेस के लक्षण क्या हैं? 

बच्चों को पाॅटी ट्रेनिंग देने से पहले, यह समझना जरूरी है कि क्या बच्चा इसके लिए तैयार है? इसके बारे में आप कैसे जानें? यदि आप कुछ बातों पर ध्यान दें तो आपको इसका जवाब मिल जाएगा। कारण इस बाबत बच्चे कुछ संकेत देते हैं, जैसे- बच्चा डायपर के गंदे होने पर खीझता है, बच्चा शौच करने पर मुंह से अजीब-सी आवाज निकालता है, लंबे समय पर डायपर सूखा है आदि।

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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| Jul 28, 2020

5mahine ki baby hai to vo niche khada kareke see see karane par chhuchhu or poti kar deti hai kaya me thik kar rhi hu

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| Aug 08, 2020

Mera beta ek sal ek month ka ho gya wo abi chl nhi pata

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| Aug 18, 2020

Potty training kis age se start karni chahiye. ?

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