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समारोह और त्यौहार

प्राकृतिक रंगों से मनाएं होली

Parentune Support
1 से 3 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Mar 02, 2018

प्राकृतिक रंगों से मनाएं होली
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

रंगों के बिना होली का त्योहार अधूरा है। लोग इस त्योहार पर रंगों में सराबोर हो जाते हैं, लेकिन पिछले कुछ साल से केमिकल युक्त रंगों की वजह से लोगों को नुकसान पहुंच रहा है। केमिकल युक्त रंग इस त्योहार का रंग हल्का कर रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप केमिकल युक्त रंगों से दूर रहें और होली प्राकृतिक रंगों से मनाएं। प्राकृतिक रंगों से जहां आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा, वहीं इससे पैसे व पानी की बर्बादी भी नहीं होगी। यहां हम आपको बताएंगे कि आखिर कैसे आप घर में भी प्राकृतिक रंग बना सकते हैं।

ऐसे बनाएं प्राकृतिक रंग
 

  1. लाल – लाल रंग बनाने के लिए आप लाल चंदन के पाउडर को इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा टमाटर और गाजर के रस को पानी में मिलाकर भी लाल रंग बना सकते हैं। वहीं लाल अनार छिलकों को मजीठे के पेड़ की लकड़ी के साथ उबालकर भी लाल रंग बनाया जा सकता है। लाल रंग का गुलाब बनाने के लिए गुलाब की पंखुड़ियों को पीस सकते हैं।
     
  2. काला – आंवले को लोहे के बर्तन में रातभर के लिए भिगो दें। सुबह आंवलों को पानी से निकालकर अलग कर लें। इसके बाद आंवले के पानी में थोड़ा सा और पानी मिलाकर प्राकृतिक काला रंग बनाया जा सकता है। इसके अलावा काले अंगूर के बीच को निकालकर अच्छी तरह से पेस्ट बना लें। इसके बाद इसे पानी में अच्छी तरह से मिला लें।
     
  3. पीला – हल्की को पानी में मिलाकर पीला रंग बनाया जा सकता है। इसके अलावा गेंदे के फूल को पीसकर भी आप पीला रंग तैयार कर सकते हैं। वहीं पीला गुलाल बनाने के लिए हल्दी लें व हल्दी से दोगुने मात्रा में बेसन लें। इसके बाद दोनों को मिला दें। बेसन की जगह मुलतानी मिट्टी भी ले सकते हैं। इसके अलावा अनार के छिलकों को रातभर पानी में भिगोकर भी आप पीला कलर तैयार कर सकते हैं।
     
  4. गुलाबी – चुकंदर के टुकड़े को काटकर पानी में भिगने के लिए डाल दें। इससे गुलाबी रंग तैयार हो जाएगा। इसके अलावा प्याज के छिलकों को पानी में उबालकर भी आप घर में ही गुलाबी रंग बना सकते हैं।
     
  5. हरा – पहले धनिया या पालक के पत्ते को पीस लें। इसके बाद इसे पानी में मिलाकर हरा रंग बना लें। इसके अलावा आप मेहंदी में बराबर मात्रा में आटा मिलाकर भी हरा रंग तैयार कर सकते हैं।
     
  6. नीला – नीले गुलमोहर की पत्तियों को सुखाकर उसे बारीक करके पीस लें। इस तरह आपके सामने नीला गुलाल तैयार है। अगर इसे रंग बनाना चाहते हैं तो इसका पेस्ट बना लें।
     
  7. भूरा – कत्थे को पानी में मिलाकर भूरा रंग तैयार कर सकते हैं। वहीं चायपत्ती का पानी भी भूरे रंग की तरह यूज किया जा सकता है।

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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