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मानसून के दौरान गर्भवती महिलाएं इन 5 बातों का ध्यान रखें

Supriya Jaiswal
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Supriya Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Dec 25, 2019

मानसून के दौरान गर्भवती महिलाएं इन 5 बातों का ध्यान रखें
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

मानसून की आहट से ही मन प्रसन्न हो जाता है । भीषण गर्मी के बाद मानसून आने से बड़ी राहत  मिलती है। गर्भवती महिलाओं का भी अपने अजन्मे शीशु के साथ पहले मानसून का अहसास बहुत ही ख़ास होता है।  मानसून के आने से गर्भवती महिलाओ की बहुत सी समस्या अपने आप भी दूर हो जाती है। उल्टी का कम होना, जी मिचलाना, घबराहट होना आदि लेकिन इस समय सावधानी रखने की भी खास जरूरत होती है।  थोड़ी सी भी लापरवाही से समस्याओं का सामना भी करना पड सकता है। क्योंकि बारिश की वजह से हर तरफ नमी होती है और बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते है। कई तरह की बीमारियां भी सबसे ज्यादा फैलती है, जो महिला और उसके शिशु के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओ  को अपने खान पान की स्वच्छता का विशेष ध्यान देना चाहिए। बाहर का कुछ भी खाने से पहले ध्यान देना चाहिए की वो स्वच्छ है भी या नहीं। इस मौसम में गर्भवती महिला को जरूरी विटामिन, खनिज, कैल्शियम, प्रोटीन और कैलोरी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इस मौसम में खाने-पीने में की गई लापरवाही आपकी तबीयत खराब कर सकती है। इस मौसम में सक्रामक रोग होने का खतरा होता है, तो आईये जाने कुछ ऐसे टिप्स के बारें में जिसे अपनाकर इस मानसून से सुरक्षित रह सकती है।  

गर्भवती महिलाएं मानसून में इन बातों का रखें ख्याल 

  • फ़िल्टर का पानी ही पिए:  पीने के पानी की स्वच्छता के मामले में यदि कोई असावधानी होती है, तो कई तरह के रोग शरीर को घेरने में देर नहीं लगाते। ज्यादातर चिकित्सकों का भी यही कहना है कि गर्भवती महिलाओं को स्वच्छ पानी ही पीना चाहिए। मानसून में दूषित जल से कई बीमारियों का खतरा होता है। इसलिए हमेशा फ़िल्टर वाला पानी ही पिएं । प्रेगनेंसी में महिलाओ को डीहाईड्रेशंस की समस्या भी आम होती हैं। इसलिए खूब पानी पिए, थोड़ी थोड़ी देर में कई बार में पानी पिए।  
  • स्ट्रीट फ़ूड खाने से बचे:- मानसून के दौरान गर्भवती महिलाओ को बाहर का स्ट्रीट फ़ूड नहीं खाना चाहिए।  दूषित स्ट्रीट फूड से इन्फेक्शंस का खतरा बढ़ जाता है। जहां तक हो सके स्ट्रीट फ़ूड से दूर रहें, गर्भावस्था में इम्यूनिटी आमतोर पर सामान्य से कम हो जाती है। इसलिए महिलाएं बड़ी आसानी से इन्फेक्शन का शिकार हो जाती हैं, प्रेगनेंसी के दौरान ताजे फ्रूट्स और घर का बना ताजा खाना ही खाना चाहिए।   
  • घर की स्वछता का ध्यान रखें:- प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपनी घर की सफाई का भरपूर खयाल रखना चाहिए। बाथरूम साफ़ करने के लिए एक अच्छी गुणवत्ता वाले कीटाणु नाशक का प्रयोग करें। इस मौसम में कीटाणु जल्दी फैलते हैं। इसलिए अपने घर को साफ सुथरा रखना चाहिए।  इस समय आप आसानी से किसी भी इन्फेक्शन की चपेट में आ सकती है। जो आपके और शिशु के लिए घातक साबित हो सकती है। वैसे तो प्रेगनेंसी में महिला को हर काम बहुत सावधानी से करना चाहिए क्योकि जरा सी भी लापरवाही बरतने से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। 
  • हाथ और पैर की स्वच्छता का ध्यान रखें:- बारिश के गंदे पानी से इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है, इसलिए आपको अपने हाथ और पैरों की सफाई का भी खास ख्याल रखना चाहिए। सारे काम हाथों से शुरू होते हैं। इसलिए उसका साफ रहना बहुत जरूरी है ताकि वो गंदगी पेट में जाकर बच्चे को नुकसान ना पहुचाएं। बाहर से आने के बाद हमेशा हाथ और पैरो को धोएं और कही बाहर आने जाने पर हैण्ड सेनिटैजेर भी साथ रखें। भूलकर भी नंगे पाव बाहर ना जाएं।  रबड़ के जूते पहनने से आप फिसल सकती है तो हमेशा अच्छी ग्रिप वाले और आरामदायक जुते ही पहनें।
  • ढीले ढाले आरामदायक कपडे पहने:- मानसून के दौरान हवा में नमी के कारण, बारिश के बाद आद्रता बढ़ने लगती है। जिससे ज्यादा पसीना आता है। गर्भवती महिलाओ में ज्यादा पसीना आने से डीहाईड्रेशन की समस्या हो सकती है। इसीलिए ढीले ढाले आरामदायक कपडे पहनें। सिंथेटिक कपडे पहनने से भी ज्यादा पसीना आ सकता है, इसीलिए ज्यादा सिंथेटिक कपडे पहनने से बचे।   

तो इस तरह मानसून के दौरान गर्भवती महिलाये रखे अपना विशेष ध्यान, अस्वच्छता से होने वाले संक्रमित रोगों और इन्फेक्संस से बचे, अपनी और अपने आस-पास की स्वछता का रखें ध्यान। स्वच्छ रहे सूरक्षित रहे।   

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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