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फ्लाइट या ट्रेन का टिकट बुक कराने से पहले जान लें उस राज्य में क्या है क्वारंटाइन का नियम

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jun 11, 2020

फ्लाइट या ट्रेन का टिकट बुक कराने से पहले जान लें उस राज्य में क्या है क्वारंटाइन का नियम
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

अब हम लोग लॉकडाउन नहीं बल्कि धीरे-धीरे अनलॉक फेज की तरफ बढ़ते जा रहे हैं यानि कि पिछले महीने तक जहां देश भर में लॉकडाउन लागू था उसको अब अलग-अलग हिस्सों में समाप्त किया जा रहा है। डोमेस्टिक एयर सर्विसेज यानि घरेलू विमान सेवाओं के साथ ही ट्रेनों की सेवाएं भी शुरु कर दिए गए हैं। बहुत सारे लोग अब चाह रहे होंगे कि अपने घर चले जाएं या फिर कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो ये चाहते होंगे कि हम अभी जहां जॉब  कर रहे हैं वहीं रूक जाएं लेकिन अपने फैमिली को होम टाउन भेज दें। आपमें से अधिकांश लोग टिकट बुक करा चुके होंगे या बुक करने की प्लान बना रहे होंगे। लेकिन इसके साथ ही आपको ये जरूर जान लेना चाहिए कि आपके गृह राज्य में क्वारंटाइन को लेकर नियमों में किस तरह के बदलाव किए गए हैं। तो चलिए हम इस ब्लॉग में आपको अलग-अलग राज्यों के क्वारंटाइन नियमों (Quarantine Rules) के बारे में विस्तार से बताते हैं कि कहां कितने दिनों का क्वारंटाइन का नियम लागू है।

दिल्ली में क्वारंटाइन का क्या है नियम?

देश की राजधानी दिल्ली में दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए पूर्व के बनाए गए क्वारंटाइन नियमों में काफी बदलाव किए गए हैं।

  • अब यहां पर जो भी यात्री ट्रेन या फिर फ्लाइट से आ रहे हैं, उन्हें सात दिनों के लिए होम क्वारंटाइन में रहना होगा। इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं।

  • विदेशों से आने वाले लोगों के लिए सात दिनों के सरकार की बनाई गई क्वारंटाइन वाली जगह में रहना होगा और फिर बाद में अपने घर में सात दिनों के लिए क्वारंटाइन रहना होगा।

कर्नाटक में क्वारंटाइन के लिए क्या हैं नियम?

हम आपको बता दें कि कर्नाटक में  8 जून से क्वारंटाइन के नियमों में कुछ इस तरह से परिवर्तन किए गए हैं। 

  •  कर्नाटक में महाराष्ट्र को छोड़ कर किसी दूसरे स्टेट से आने वाले लोगों के हाथों पर स्टैंप लगाई जाएगी और उन्हें 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन में रहना होगा।

  • जो लोग महाराष्ट्र से आ रहे हैं और जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं तो उनको 7 दिनों के लिए सरकार के क्वारंटाइन सेंटर में रहना होगा और फिर  इसके बाद 7 दिनों के लिए उन्हें होम क्वारंटाइन होना होगा।

  • महाराष्ट्र के अलावा दूसरे किसी भी राज्य से आने वालों में अगर कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उसको सरकारी कोविड केयर सेंटर में रखा जाएगा। 

  • इसके साथ ही अगर पिछले 2 दिनों में कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आया है और वह राज्य में आ चुका है तो उसको कोविड केयर सेंटर में नहीं रहना होगा बल्कि 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन होना होगा।

उत्तर प्रदेश के क्वारंटाइन नियमों के बारे में भी जान लें

यूपी में विदेश से आने वाले लोगों के लिए क्वारंटाइन नियमों में भी बदलाव किए गए हैं।

  • यूपी में विदेश से आने वाले नागिरिकों को अब क्वारंटाइन के लिए निर्धारित 14 दिनों में से 7 दिन संस्थागत क्वारंटाइन में अपने खर्चे पर रहना होगा और 7 दिन आइसोलेशन के दौरान अपने घर पर रहना होगा।  

  •  किसी प्रकार की गंभीर बीमारी, किसी पारिवारिक सदस्य की मृत्यु, गर्भावस्था, या 10 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ पैरेंट्स होने की दशा में 14 दिन का होम क्वारंटाइन दिया जाएगा। लेकिन आरोग्य सेतु ऐप्प का उपयोग करना जरूरी शर्त है।

तमिननाडु में क्वारंटाइन के क्या हैं नियम?

तमिलनाडु में हॉटस्पॉट घोषित राज्यों जैसे कि महाराष्ट्र, दिल्ली व गुजरात जैसे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए अलग से नियम हैं।

  • बाहर से आने वाले वैसे लोग जो कोरोना पॉजिटिव हैं उसे सीधे अस्पताल भेजा जाएगा लेकिन अगर रिपोर्ट निगेटिव है तो फिर 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन में रहना होगा।

  •  अगर किसी को होम क्वारंटाइन में दिक्कत है तो उसको कोविड केयर सेंटर में आइसोलेट किया जा सकता है। उसके बाद घर पर जाने के उपरांत अगले 7 दिनों तक जांच व देखभाल की जाती रहेगी।

बिहार में क्वारंटाइन के लिए क्या नियम बनाए गए हैं?

बिहार में क्वारंटाइन के लिए अलग अलग श्रेणियों में भारी बदलाव किए गए हैं।

  • जो प्रवासी मजदूर अहमदाबाद, सूरत, महाराष्ट्र के पुणे और मुंबई, दिल्ली-गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा से वापस आ रहे हैं, उन्हें कोविड सेंटर में रहना होगा।

  •  बंगाल के कोलकाता, हरियाणा के गुरुग्राम और कर्नाटक के बेंगलुरु से भी वापस आने वाले लोगों को सरकार के क्वारंटाइन कैंप में ही रहना होगा।

  • विदेश से बिहार आनेवाले प्रवासियों को विशेष विमान से बोधगया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा जा रहा है। इन्हें होटल में क्वारंटाइन करने की व्यवस्था की गई है। भुगतान के आधार पर पहले 14 दिनों तक इन्हें क्वारंटाइन में रखा जाता था। नए आदेश के बाद अब 7 दिन ही क्वारंटाइन सेंटर में रहेंगे। इसके बाद उन्हें घर में क्वारंटाइन करने की व्यवस्था की जाएगी।

आंध्र प्रदेश में क्वारंटाइन के नियमों में क्या बदलाव ?

  • अगर आंध्र प्रदेश जाना चाहते हैं तो टिकट बुक करने से पहले स्पंदना वेबसाइट पर अपने बारे में विस्तार से जानकारी दर्ज करानी होगी।  स्टेशन पहुंचने पर सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग होगी। अगर लक्षण दिखाई देते हैं तो फिर उन्हें क्वारंटाइन कर दिया जाएगा और अगर लक्षण नहीं नजर आते हैं तो फिर होम क्वारंटाइन किया जाएगा।

  • कोरोना हॉटस्पॉट वाली जगह से आने वाले लोगों को 7 दिनों के लिए क्वारंटाइन होना होगा और उसके बाद रिपोर्ट निगेटिव आती है तो ही वहां से जाने दिया जाएगा और उसके बाद फिर 7 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन होना होगा।

  • नॉन हॉटस्पॉट वाले क्षेत्र से आने वाले यात्रियों को 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन में रहना होगा।

हरियाणा में क्वारंटाइन के लिए नियम

  •  जिन यात्रियों में कोरोना के लक्षण नहीं हैं उनको 14 दिनों के होम क्वारंटाइन में जाना होगा। इसके अलावा सभी यात्रियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना जरूरी है।

  •  विदेशी यात्रियों को 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन होना होगा।

महाराष्ट्र, पंजाब और राजस्थान में क्वारंटाइन के क्या हैं नियम?

  • इन तीनों राज्यों में यात्रियों के स्टेशन पहुंचने पर स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन यात्रियों में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं, उन्हें अस्पताल या फिर कोविड केयर सेंटर ले जाया जाएगा। 

  • इसके अलावा बिना लक्षण वाले लोगों को दो सप्ताह के लिए होम क्वांरटाइन में रहना होगा।

पश्चिम बंगाल में दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। बिना लक्षण वाले लोगों को दो सप्ताह के लिए होम क्वारंटाइन में रहना होगा।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

  • 1
कमैंट्स ()
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| Jun 12, 2020

Muje to karanataka jana hai

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Sadhna Jaiswal

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