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स्वास्थ्य गर्भावस्था

प्रेगनेंसी (गर्भावस्था) में कब्ज होने के कारण, लक्षण और उपाय

दीप्ति अंगरीश
गर्भावस्था

दीप्ति अंगरीश के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jan 09, 2020

प्रेगनेंसी गर्भावस्था में कब्ज होने के कारण लक्षण और उपाय

प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे बार-बार कब्ज की समस्या क्यों हो जाती है?

आपके मन में ये सवाल अक्सर आता होगा। दरअसल प्रेग्नेंसी के दौरान कब्ज की समस्या का होना आम बात है। आपने यह भी नोटिस किया होगा कि कब्ज की परेशानी आपको पहले ट्राईमेस्टर यानी पहली तिमाही से ही शुरू हो गई होगी। तो चलिए आज इस ब्लॉग में हम आपको प्रेग्नेंसी के दौरान कब्ज की समस्या के कारणों और उपचार के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।

प्रेग्नेंसी में अक्सर कब्ज होने के क्या कारण होते हैं? / Reasons Of Constipation In Hindi
 

प्रेगनेंसी के दौरान आधिकांश महिलाओं को कब्ज की शिकायत हो जाती है। इस अवस्था में शरीर में हारमोन के कारण जो बदलाव होता है, उससे अन्न का पाचन ठीक से नहीं हो पाता है।

  • प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में अनेक प्रकार के हार्मोन बनते रहते हैं जिसके कारण कई तरह के बदलाव होते हैं। ऐसा ही एक हॉर्मोन है प्रोजेस्टीरोन, जो कि पाचन तंत्र से भोजन के गुजरने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।
  • प्रेग्नेंसी के शुरुआती दौर में मिचली की परेशानी के चलते आपके नियमित आहार में भी बदलाव आते रहते हैं। 
  • प्रेग्नेंसी के आखिरी दौर में आपके मलाशय पर भी गर्भ के बढ़ते आकार का दबाव बढ़ता रहता है।  गर्भाशय के फैल जाने से भी बड़ी आंत और मलद्वार पर प्रेशर बढ़ने से कब्ज की शिकायत रहने लगती है।
  • कई बार आयरन की गोलियां भी कब्ज का कारण बन जाती हैं।

प्रेग्नेंसी में कब्ज से राहत पाने के उपाय क्या हैं? / Remedies To Eradicate Constipation In Hindi

प्रेगनेंसी में कब्ज की समस्या से निजात पाने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के किसी प्रकार का देसी व विदेशी दवाएं नहीं लें। मान लिया कि एक-दो बार इन्हें लेने से पेट हल्का हो जाता है, पर यह आदत भी बन सकता है। इसे आदत नहीं बनाएं। अन्यथा बड़ी आंत में तकलीफ, जैसे कटना, सिकुड़ना आदि हो सकता है, जो गर्भस्थ शिशु के लिए घातक हो सकता है। कब्ज से राहत पाने के लिए प्राकृतिक उपायों को अपनाएं, जो आपके लिए और गर्भस्थ शिशु के लिए सुरक्षित हों।

  1. कब्ज नहीं हो इसके लिए तरल पदार्थों की मात्रा अपने आहार में बढ़ाएं।
  2.  रोजाना 10 से 12 गिलास पानी पीएं। ऐसा करने से पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करेगा। नतीजतन मल मुलायम होकर आंतों से होते हुए मलद्वार से आसानी से निकल जाएगा।
  3. दिन में एक बार एक गिलास संतरे का जूस पीएं।
  4. फ्रिज की ठंडी वस्तुएं नहीं खाएं।
  5. रेशेदार यानि फाइबर वाला भोजन अधिक से अधिक लें। प्रतिदिन गर्भवती महिला को 25 से 30 ग्राम फाइबर भोजन में लेना चाहिए।
  6. अत्यधिक कैल्शियम का सेवन नहीं करें। अन्यथा पेट जाम हो सकता है। कैल्शियम दूध व दूध से बने उत्पादों में होता है।
  7. गर्भावस्था में किसी चीज का तनाव नहीं लें। यह भी कब्ज का मुख्य कारण है।
  8. आंतों को मजबूती देने के लिए प्राकृतिक प्रोबायटिक का सेवन करें। रोजाना दोपहर के खाने में 1 कटोरी दही खाएं। दही का तापमान कमरे के तापमान जैसा होना चाहिए।
  9. आप रोजाना योग का अभ्यास करें। लेकिन योग एक्सपर्ट की सलाह से।
  10. कब्ज की समस्या का निदान पाने के लिए डायट में शामिल करें फल (अमरूद, नाशपाती, सेब, बेरी, और संतरा), सब्जियां (गाजर, शकरकंद, मटर, हरी पत्तेदार सब्जी और कद्दू ) और सूखे मेवे (बदाम, मूंगफली, अखरोट, अलसी के बीज और सनफ्लावर सीड)।
  11. दिन व रात के खाने से पहले सलाद जरूर खाएं।
  12. सोने से पहले 10-15 एमएल एरंड तेल गुनगुने दूध के साथ लें। यदि आपको एरंड के तेल की तासीर गर्म लग रही है, तो तेल की मात्रा कम कर दें।
  13. खान-पान में फास्ट फूड और कोल्ड्र ड्रिंक्स को बिल्कुल छोड़ दें।
  14. हमेशा खान-पान तय समय पर करें।
  15. हमेशा हल्का व सुपाच्य भोजन करें।
  16. रात को सोने से कम से कम दो घंटे पहले भोजन करें।
  17.  डाॅक्टर से पूछकर हल्का-फुल्का व्यायाम करना भी लाभपद्र होता है।

 अगर आपको लगातार कब्ज की परेशानी हो रही है तो निश्चित रूप से अपने डॉक्टर को इसके बारे में बताएं।

 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

  • 1
कमैंट्स()
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| Jan 15, 2020

Mera abhi January me missed abortion ho gya hai me agli pregnancy kb plan kr skti hu

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