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गर्भ गिर जाने से न हों हताश, इससे जुड़ी ये बातें आपको देंगी नयी उम्मीद !

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Dipti के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 15, 2018

गर्भ गिर जाने से न हों हताश इससे जुड़ी ये बातें आपको देंगी नयी उम्मीद

गर्भपात हो जाना या गर्भ का गिर जाना एक ऐसी समस्या है जिसका सामना दुनिया भर में कई महिलाओं को करना पड़ता है। इसके बावजूद इसके बारे में ज़्यादा बात नहीं की जाती, लेकिन ऐसी कुछ चीज़ें हैं जो आपको इसके बारे में ज़रूर पता होनी चाहिए।

 

गर्भपात या गर्भ के गिर जाने से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें / Important Things Related To Miscarriage In Hindi

  • ज़्यादातर महिलाओं को अपने जीवन में कम से कम एक गर्भपात झेलना पड़ता है, यानी ये बहुत आम है। हर चार में से एक महिला को इससे गुज़रना पड़ता है।
     
  • कई बार तो पीरियड मिस होने से पहले ही गर्भपात हो जाता है और ज़्यादातर मांओं को इस बारे में पता ही नहीं चल पाता। इस अवस्था को 'केमिकल प्रेगनेंसी' कहते हैं। ऐसा होने की सम्भावना 50-75% होती है।
     
  • 25% प्रेगनेंसी पता चलने के बाद गर्भपात हो जाता है। ज़्यादातर गर्भपात 13 हफ़्ते का समय पूरे होने से पहले ही हो जाते हैं।
     
  • ये समस्या कितनी ही आम क्यों न हो, लेकिन इससे होने वाला दुःख छोटा नहीं होता। गर्भपात से गुज़रने वाली मां को बहुत सपोर्ट की आवश्यकता होती है। उन्हें डिप्रेशन और एंग्ज़ायटी जैसी समस्याएं होने का ख़तरा भी बना रहता है।
     
  • इस बारें में बात करने से ज़्यादातर लोग संकोच करते हैं। उन्हें लगता है कि इसके बारे में बताने से लोग समझ लेंगे कि उनमें कोई कमी है बल्कि, इस बारे में खुल कर बात करने से आपको पता चलेगा कि ऐसा बहुत लोगों के साथ होता है। ये कोई शर्म की बात नहीं है।
     
  • गर्भपात की वजहें अलग-अलग होती हैं, इसमें हार्मोन्स का असंतुलन, संक्रमण, रोग प्रतिरोधक क्षमता  का ठीक न होना शामिल है। आप डॉक्टर की मदद से इन परेशानियों के बारे में जान सकती हैं और सही उपचार से गर्भपात होने का ख़तरा कम किया जा सकता है।
     
  • गर्भपात होने के कुछ दिनों बाद तक भी ब्लीडिंग होती रह सकती है। ये एकदम से नहीं होता।
     
  • ये आपको भावनात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
     
  • जब एक मां को प्रेगनेंसी की जानकारी होती है, उसी समय से वो अपने बच्चे से भावनात्मक लगाव महसूस करने लगती है। उसी समय से वो बच्चे को लेकर सपने बुनने लगती है। ऐसे में गर्भपात हो जाना उन्हें तोड़ सकता है। इस वक़्त उन्हें परिवार और साथी के साथ की ज़रूरत होती है। अगर आपको इससे उबरने में परेशानी हो रही है, तो प्रोफ़ेशनल मदद लेने से भी नहीं झिझकना चाहिए।
     
  • गर्भपात होने के बाद भी आगे स्वस्थ प्रेगनेंसी होने की पूरी सम्भावना रहती है। गर्भपात से गुज़रने के बाद भी ज़्यादातर महिलाओं को आगे सफल प्रेगनेंसी होती है
     
  • गर्भपात होने के कुछ ही दिनों बाद आप दोबारा प्रेगनेंट हो सकती हैं। ऐसा होने के 6 महीने के भीतर ही आपका शरीर प्रेगनेंसी के लिए दोबारा तैयार हो जाता है। ऐसे में आपको सकारात्मक रहने की कोशिश करनी चाहिये। इसके लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लिया जा सकता है।  

सबसे ज्यादा जरूरी इस बात की है कि ऐसी परिस्थिति का सामना करने वाली महिलाओं को फैमिली का पूरा सपोर्ट मिलना चाहिए और उनको भरोसा दिलाएं। 

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