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शिक्षण और प्रशिक्षण

अब बच्चों के स्कूल खुलने जा रहें है, रूल्स क्या हैं ये आप जरूर जान लें

Prasoon Pankaj
7 से 11 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 16, 2020

अब बच्चों के स्कूल खुलने जा रहें है रूल्स क्या हैं ये आप जरूर जान लें
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

आपको याद है ना कि मार्च महीने में जब कोरोना महामारी के चलते अपने देश में अचानक से लॉकडाउन लागू कर दिए गए। और फिर इसके बाद, हमारे आपके जीवन में बहुत कुछ बदलाव आ गया। हमारा दफ्तर जाना बंद हो गया, हमने वर्क फ्रॉम होम को अपना लिया, चलिए हम तो समझदार थे, हम समझ गए, हमने इस बदलाव को स्वीकार भी कर लिया लेकिन जरा सोचकर तो देखिए कि हमारे घर के बच्चे ने इस हालात को किस रूप में लिया। बच्चों का स्कूल बंद हो गया, ऑनलाइन स्टडी शुरू हो गई। फिर उसके बाद क्या हुआ...स्क्रीन टाइम बढने की वजह से अनेक समस्याएं शुरू हो गई। खैर, अब जो जानकारियां आ रही है उसके मुताबिक क्लास 9 से लेकर क्लास 12 तक के स्कूल को खोलने की इजाजत फिर से दी जा सकती है। अब चलिए, ये भी जान लीजिए कि स्कूल जाने के दौरान बच्चे को किस तरह की 10 महत्वपूर्ण सावधानियां बरतना आवश्यक है।

कोरोनाकाल में स्कूल जाने के समय में बच्चों को कौन सी सावधानियां जरूरी है?

लॉकडाउन के लागू होने के पहले से ही शिक्षण संस्थान बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए थे। कई महीनों के बाद अब शिक्षण संस्थानों को फिर से खोले जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने  ट्विटर के माध्यम से दिशानिर्देश जारी किए हैं। जानकारी के लिए बताना चाहूंगा कि स्वास्थ्य मंत्रालय  की तरफ से स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूड, उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोजीसर (SOP) को जारी किया है। इसके साथ ही टेक्निकल प्रोग्राम्स में बच्चों को 6 महीने और सालभर का कोर्स करवाकर डिग्री देने वाले इन संस्थानों को भी 21 सितंबर से लैब खोलने की छूट दी गई है।

  1.  सभी स्कूल में सिटिंग अरेंजमेंट में भी बदलाव किया जाएगा। एक स्टूडेंट से दूसरे स्टूडेंट के सिटिंग एरेंजमेंट में कम से कम 6 फीट की दूरी मेंटेन किया जाएगा।
     
  2. विद्यार्थियों के आने से पहले ही कुर्सी-मेज में 6 फीट की दूरी रखी जाएगी। क्लासरूम की अन्य गतिविधियों के लिए भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण पालन किया जाएगा। 
     
  3. स्कूल में मास्क पहनन कर जाना अनिवार्य है। मास्क पहनने का नियम छात्रों व शिक्षकों पर समान रूप से लागू है। कोई भी छात्र आपस में नोटबुक, लैपटॉप या स्टेशनरी वगैरह आपस में शेयर नहीं कर सकते हैं।
     
  4. क्लास 9 से 12वीं के स्टूडेंट्स अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन के लिए स्कूल जा सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें अपने पेरेंट्स या अभिभावक से लिखित में अनुमति लेनी होगी।
     
  5. स्कूल भले खुल रहे हों लेकिन कैंपस में बने स्वीमिंग पुल बंद रहेंगे। क्लासरूम के एसी का तापमान भी 24 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच में ही रखा अनिवार्य रहेगा। कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रहे ये भी ध्यान रखना जरूरी है।
     
  6. ये भी ध्यान रखें कि स्कूल सिर्फ उन छात्रों के लिए खोले जा रहे हैं जो किन्हीं कारणों से ऑनलाइन क्लास नहीं कर पा रहे हैं।
     
  7. एक औऱ जरूरी बात कि अभी सिर्फ वैसे स्कूल को ही खोलने की अनुमति दी गई है जो कंटेनमेंट जोन के अंदर नहीं आते हैं।
     
  8. कैंपस के अंदर हॉस्टल वगैरह में रहने की इजाजत अभी नहीं दी गई है। इसके साथ ही बुजुर्ग , गर्भवती महिलाएं या अन्य किसी बीमारी से पीड़ित मरीजों को कैंपस में बुलाने पर मनाही है।
     
  9. अनावश्यकत भीड़-भाड़ से बचने के लिए स्कूलों व कॉलेज में एकेडमिक कैलेंडर में संशोधन करने का निर्देश जारी किया गया है।
     
  10. स्कूलों में अभी सुबह होने वाली असेंबली को लेकर साफ मनाही कर दी गई है।

सरकार द्वारा दी गई जानकारियों के मुताबिक 21 सितंबर से क्लास 9 से 12वीं के लिए स्कूल खोले जा सकते हैं। गौर करने वाली बात ये है कि क्लास 1 से 8वीं तक की कक्षा के बच्चों को ऑनलाइन ही शिक्षा मुहैया कराई जाएगी।

  • ​गेट पर हर छात्र और स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग होगी, गेट पर ही उनके हाथ भी सैनिटाइज कराए जाएंगे.
  • बच्चे अपना कोई भी सामान जैसे, पेन, पेंसिल, नोटबुक या कोई अन्य सामान आपस में शेयर नहीं करेंगे.
  • इसके साथ ही स्कूल के ग्राउंड में किसी भी तरह खेल या शारीरिक एक्टिविटी की मनाही है.

आप इस बात को जान लीजिए कि स्कूल आने वाले सभी बच्चों के लिए आरोग्य सेतु एप रखना जरूरी है। और हां, इसके साथ ही सभी स्कूलों को अपने एंट्री गेट पर ऑक्सीमीटर रखना भी जरूरी है।

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

  • 1
कमैंट्स ()
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| Sep 17, 2020

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