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अभी से बांटना सीखेंगे तो बनेंगे बेहतर इंसान ये हैं, बच्चों को शेयरिंग सिखाने के 10 असरदार टिप्स

Parentune Support
3 to 7 years

Created by Parentune Support
Updated on Sep 15, 2017

अभी से बांटना सीखेंगे तो बनेंगे बेहतर इंसान ये हैं बच्चों को शेयरिंग सिखाने के 10 असरदार टिप्स

बच्चों को शेयरिंग सिखाने से पहले माता-पिता का ये समझना बेहद ज़रूरी है कि बच्चों को बचपन से शेयरिंग क्यों सिखायी जानी चाहिए. जब बच्चा अपने आस-पास की चीज़ों को समझना शुरू करता है, तब वो गीली मिट्टी की तरह होता है. इस वक़्त उसके अन्दर जो नैतिक मूल्य डाल दिए जाते हैं, वो उसके अन्दर जीवन भर रहते हैं.
 

शेयरिंग या बांटने की आदत बच्चे को ताउम्र काम आती है और वो उदार बन पाता है. अगर बच्चों को शेयरिंग न सिखाई जाये तो उनमें अपनी चीज़ों को लेकर ज़रूरत से ज़्यादा स्वामित्व की भावना आ जाती है, जो कि उनके व्यक्तित्व के विकास में बाधा बनती है. इसके साथ ही उनमें स्वार्थ और लालच जैसे अवगुण भी आने लगते हैं. बच्चों को आत्मकेंद्रित बनने से रोकने के लिए ये बेहद ज़रूरी हो जाता है कि उन्हें शेयरिंग सिखाई जाये.
 

शेयरिंग के फ़ायदे

शेयरिंग सीखने से आगे चल कर बच्चे को स्कूल, कॉलेज या दफ़्तर में टीम के साथ काम करने में आसानी होती है. वो व्यवहारकुशल और सहयोगी व्यक्ति के रूप में देखा जाता है. ये गुण उसके पर्सनल और प्रोफ़ेशनल रिश्तों को बेहतर बनाने में कारगर साबित होता है. ये बच्चे को ज़्यादा केयरिंग और संवेदनशील भी बनाता है. शेयरिंग करने पर बच्चे को खुद भी ख़ुशी महसूस होने लगती है.
 

कब शुरू करें शेयरिंग सिखाना
 

3-4 साल की उम्र से बच्चों को शेयरिंग सिखाना शुरू कर देना चाहिए. इस वक़्त बच्चा जो सीखता है, वो ताउम्र उसके साथ रहता है और उसके व्यक्तित्व को एक आकार देता है.
 

इतना आसान नहीं है शेयरिंग सिखाना
 

बच्चे अपने खिलौनों आदि को लेकर उतने ही पोज़ेसिव होते हैं, जितने बड़े अपनी संपत्ति को लेकर. इसलिए उन्हें शेयरिंग सिखाना ज़रा पेंचीदा हो सकता है. ये उम्मीद न करें कि बच्चा एकदम से शेयरिंग करने लगेगा. हर आदत की तरह इस आदत को बनने में भी समय लगता है.

मेरी एक रिश्तेदार की 5 साल की इकलौती बेटी अभी से अपनी चीज़ों को लेकर इतनी पोज़ेसिव है कि जब उसके घर में कोई बच्चा आता है, तो वो अपने खिलौने छुपा देती है. अकेले बच्चों के साथ अकसर ये समस्या आती है, वो शेयरिंग नहीं सीख पाते. शेयरिंग एक ऐसा गुण है जिसे सीख कर बच्चे का सामाजिक व्यव्हार और बेहतर बनता है.
 

आज हम आपको बच्चों को शेयरिंग की आदत सिखाने के लिए कुछ असरदार टिप्स देंगे.
 

1. बच्चे को पार्क आदि ले जायें, जहां उसे दूसरे बच्चों के साथ खेलने को मिल सके. वहां उसे ऐसे गेम खेलने के लिए प्रेरित करें, जिसमें उसे अपनी बारी का इंतज़ार करना हो. इससे वो धैर्य रखना और दूसरों को अहमियत देना सीखेगा.

2. यदि बच्चे का कोई दोस्त शेयरिंग करता हो, तो बच्चे के सामने उसकी तारीफ़ करें. इससे वो खुद भी शेयरिंग करने के लिए प्रेरित महसूस करेगा.

3. बच्चों को कुछ अतिरिक्त खिलौने लाकर दें, जिन्हें वो किसी के घर आने पर उसके साथ बांट सकें. जब बच्चा अपने खिलौने किसी के साथ शेयर करे, तो उसकी तारीफ़ करें.

4. बच्चों के टिफ़िन में हमेशा एक्स्ट्रा चीज़ें भेजें और उनसे कहें कि वो अपने सहपाठियों को भी खिलाये.

5. उसके सामने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ अपनी चीज़ें शेयर करें. बच्चे सबसे ज़्यादा अपने मां-बाप को देख कर सीखते हैं.

6. बच्चों को ऐसी कहानियां सुनाएं, जिनमें शेयरिंग का ज़िक्र हो. बच्चे जो कहानियों में सुनते हैं, वो उन पर बहुत असर डालता है.

7. उसे शेयरिंग के फ़ायदे समझाएं. उसे बताएं कि शेयरिंग से उसका भी फ़ायदा होगा और ये उसे एक बेहतर इन्सान बनाएगा.

8. अगर बच्चे के भाई-बहन हैं, तो उन्हें एक ही खिलौने से खेलने दीजिये और उसे बता दीजिये कि वो अपने बहन या भाई के साथ इस खिलौने से खेल सकता है. उन्हें एक-एक घंटे का समय दीजिये, समय पूरा होने पर उससे कहिये कि वो खिलौना अब अपने भाई या बहन को दे दे और अपनी बारी का इंतज़ार करे.

9. बच्चे को ऐसे खिलौने और गेम दिलाएं, जिसे वो किसी और के साथ खेल सकता हो. मसलन, लूडो, कैरम, बैड-मिन्टन आदि.

10. अगर बच्चा शेयरिंग सीखने में समय लगा रहा हो, तो उसे ज़बरदस्ती शेयरिंग करने को न कहें. इस तरह वो सीखने के बजाय गुस्सैल बनेगा. उसे अपना समय लेने दें. 
 

 

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