• लॉग इन करें
  • |
  • रजिस्टर
स्वास्थ्य गर्भावस्था

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान शीर्षासन करना सुरक्षित है ?

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Dec 04, 2020

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान शीर्षासन करना सुरक्षित है
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

प्रेग्नेंसी के दौरान शीर्षासन करना चाहिए या नहीं इस बात को लेकर आपके मन में भी जिज्ञासा बनी होगी। आपने हाल ही में अनुष्का शर्मा की एक तस्वीर को जरूर देखा होगा जिसमें प्रेग्नेंसी के दौरान वो शीर्षासन कर रही हैं औऱ इस काम में उनकी मदद कर रहे हैं पति विराट कोहली। दरअसल अनुष्का शर्मा और विराट कोहली के घर बहुत जल्द नया मेहमान आने वाला है और अनुष्का शर्मा अभी प्रेग्नेंसी के आठवें महीने में है। इस ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान शीर्षासन करने के क्या फायदे हैं और किस प्रकार की सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। 

अनुष्का शर्मा ने प्रेग्नेंसी के दौरान शीर्षासन करने को लेकर क्या कहा?

अनुष्का शर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा है कि वह अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रेग्नेंसी के दौरान योगा कर रही हैं। अनुष्का को इस बात की खुशी है कि वह पहले की तरह प्रेग्नेंसी के दौरान भी योगा कर सकती हैं। अनुष्का ने ये भी कहा है कि वह अपने योगा टीचर और पति के सपोर्ट और निर्देशों के मुताबिक योग करती हैं। 

क्या प्रेगनेंसी के दौरान शीर्षासन करना सुरक्षित है? 

गर्भावस्था के दौरान शीर्षासन या किसी प्रकार का अन्य योग करने से पहले ये जरूरी है कि आप अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें इसके अलावा किसी प्रकार का योग करने के दौरान योग एक्सपर्ट के निर्देशों का पालन करें। कोई भी गर्भवती महिला शीर्षासन कर सकती है या नहीं ये उसके फिटनेस लेवल पर निर्भर करता है। गर्भावस्था के कौन से महीने में हैं, स्वास्थ्य की क्या स्थिति है, पेट में पल रहे शिशु का स्वास्थ्य कैसा है इन सब बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है और इसके बारे में आपके डॉक्टर सबसे बेहतर राय दे सकते हैं। अगर आपके डॉक्टर आपको शीर्षासन करने के लिए हां कह देते हैं तो आप निश्चित रूप से योग एक्सपर्ट की निगरानी में शीर्षासन कर सकती हैं। 

प्रेग्नेंसी के दौरान शीर्षासन करने के क्या फायदे हो सकते हैं?

प्रेग्नेंसी के दौरान शीर्षासन करने का सबसे बड़ा लाभ ये हो सकता है कि ये आसन पिट्यूटरी ग्रंथि को बूस्ट करता है और इसके परिणामस्वरूप डायबिटीज को नियंत्रण में रखने में भी आसानी होती है। गर्भावस्था के दौरान होने वाले जेस्टेशनल डायबिटीज से बचाव करने में मदद मिलती है। शीर्षासन करने से कंधे और बांह मजबूत होते हैं और इससे आंखों में रक्त की आपूर्ति तेज होती है। गर्भावस्था के दौरान बालों के गिरने की समस्या में भी आराम मिल सकता है और इसके साथ ही भोजन का पाचन करने में भी मदद मिलती है। योग प्रशिक्षक प्रियंका सिंह कहती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान योग करना फायदेमंद है। योग में सांस लेने की प्रक्रिया के दौरान शरीर को ज्यादा मात्रा में ऑक्सीनज मिलती है। योग करने से गर्भ में पल रहे बच्चे को ऑक्सीजन से भरपूर खून का लाभ मिलता है। हां इसके साथ ही कुछ सावधानियां भी बरतना जरूरी है जैसे कि उन महिलाओं को योग करने से परहेज रखना चाहिए जो गर्भधारण करने से पहले योग नहीं करती थीं। बिना किसी योग विशेषज्ञ की निगरानी में योग नहीं करना चाहिए। प्रेग्नेंसी के दौरान शुरूआत के 3 महीनों में योग नहीं करने की सलाह दी जाती है

शीर्षासन करन के क्या फायदे होते हैं?

शीर्षासन एक प्रमुख योगासन है। इस आसन को करने वाले अपने हाथ और सर के बल उल्टा हो जाते हैं, इस आसन को करने के दौरान उनके शरीर का पूरा भार हाथ और सिर पर आ जाता है। 

  • शीर्षासन करने से मस्तिष्क तक खून की आपूर्ति हो जाती है और मस्तिष्क की कोशिकाओं का पोषण होता है। मानसिक तनाव या मन अशांत रहने पर भी बहुत आराम मिलता है।

  • शीर्षासन करने से माइग्रेन या सरदर्द की समस्या में भी त्वरित आराम मिलता है।

  • डायबिटीज के मरीजों के लिए तो ये आसन बहुत फायदेमंद है क्योंकि पिट्यूटरी ग्लैंड के लिए ये बहुत लाभदायक है।

  • शीर्षासन करने से हाथ और शरीर के कंधे वाले भाग बहुत मजबूत होते हैं।

  • आंखों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी शीर्षासन एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। शीर्षासन के दौरान आंखों के ऊपरी हिस्से में खून की आपूर्ति होती है। 

  • शीर्षासन करने से बाल कम गिरते हैं और बालों को मजबूती मिलती है।

  • पाचन की समस्या में भी शीर्षासन आरामदायक सिद्ध होता है। फेफड़े और पैरों को भी शीर्षासन करने से मजबूती मिलती है। जुकाम और खांसी जैसी बीमारियों में भी लाभ पहुंचता है।

लेकिन एक बार फिर हमारा सुझाव यही है कि प्रेग्नेंसी के दौरान किसी प्रकार का एक्सरसाइज या योग करने से पहले अपने डॉक्टर और योगा ट्रेनर का सलाह अवश्य लें। 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

  • 1
कमैंट्स ()
Kindly Login or Register to post a comment.

| Dec 05, 2020

  • Reply
  • रिपोर्ट
+ ब्लॉग लिखें

टॉप स्वास्थ्य ब्लॉग

Ask your queries to Doctors & Experts

Ask your queries to Doctors & Experts

Download APP
Loading
{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}

{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}