• लॉग इन करें
  • |
  • रजिस्टर
पेरेंटिंग स्वास्थ्य

बच्चे को कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने पर पैरेंट्स को क्या करना चाहिए?

Prasoon Pankaj
3 से 7 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Feb 04, 2019

बच्चे को कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने पर पैरेंट्स को क्या करना चाहिए

इमरान खान के बेटे अयान के लिए इस साल का जन्मदिन बेहद खास है। ना सिर्फ अयान के लिए बल्कि उसके पूरे परिवार के लिए ये बहुत खुशी का पल है। इमरान हाशमी के बेटे अयान का जन्म फरवरी 2010 में हुआ था। साल 2014 में पता चला की अयान को कैंसर है। डॉक्टरों ने बताया कि अयान की किडनी में ट्यूमर है। उसके बाद तो अयान और उसके माता-पिता की जिंदगी में मानो उथल-पुथल मच गया लेकिन पूरे परिवार ने अपना हौसला नहीं खोया। कैंसर जैसी बीमारी का उन्होंने डटकर मुकाबला करने का ठान लिया और तकरीबन 5 साल तक चले लंबे ट्रीटमेंट के बाद आखिरकार अयान को कैंसर मुक्त घोषित किया गया। अपने इन अनुभवों को अयान के पिता इमरान हाशमी ने अपनी किताब द किस ऑफ़ लाइफ़: हाउ अ सुपरहीरो ऐंड माय सन डिफ़ीटेड कैंसर में अच्छे से बयां किया है। इस ब्लॉग में हम आपको यही बताने का प्रयास कर रहे हैं कि इस तरह की खतरनाक बीमारी होने पर बच्चे को पैरेंट्स होने के नाते किस तरह से सपोर्ट करना चाहिए और किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

   बच्चों में कैंसर होने के मुख्य कारण / Risks And Causes Of Cancer In Children In Hindi

 

पिछले कई वर्षों से बच्चों में कैंसर पर रिसर्च कर रही स्पेन की नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट ने अपनी एक रिपोर्ट में जानकारी दी है कि बच्चों में होने वाले कैंसर के विभिन्न प्रकार हैं। रेटिनोब्लास्टोमा, बोन कैंसर, लिम्फोमा, ल्यूकीमिया, ब्रेन एंड अदर सेंट्रल नर्वस सिस्टम ट्यूमर, रैब्डोमायोसरकोमा आदि। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सामान्य कोशिकाओं के अचानक बढ़ जाने से कैंसर जैसी बीमारी हो जाती है। सामान्य परिस्थितियों में कोशिकाएं नियंत्रण में होते हैं। सेल्स के अंदर डीएनए मॉलीक्यूल्स में नुकसान के चलते कर्सिनोजन हमला कर देते हैं और उसके बाद कैंसर जैसी बीमारी धर लेती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्येक साल तकरीबन 1.75 लाख बच्चे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के चलते मौत के मुंह में समा जाते हैं। 

कैंसर के लक्षणों को कैसे पहचानें? Signs And Symptoms Of Cancer In Hindi

कैंसर के लक्षणों की पहचान करना शुरुआती दिनों थोड़ा कठिन होता है लेकिन फिर भी आप इस तरह के लक्षणों को दिखने पर सतर्क हो जाएं और डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

  • कई दिनों से शरीर में सुस्ती महसूस करना
     
  • पहले के मुकाबले ज्यादा कमजोरी महसूस करना
     
  • चक्कर आना
     
  • पीठ, पैर, सिर, जोड़ो में दर्द होना
     
  • शरीर के किसी अंग से रक्तस्राव का होना
     
  • मसूढों से खून का आना
     
  • पहले के मुकाबले भूख महसूस ना होना
     
  • वजन का अचानक घट जाना
     
  • पेट में सूजन या पेट दर्द का होना
     
  • कब्ज की समस्या का होना
     
  • सांस लेने में समस्या
     
  • लगातार खांसी 
     
  • पीठ में दर्द 
     
  • आंखों की पुतली के पीछे सफेद रंग एवं अन्य 

 

अगर बच्चे में इस तरह के लक्षण नजर आ रहे हैं तो निश्चित रूप से डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

 कैंसर जैसी बीमारी होने पर बच्चे की देखभाल कैसे करें?/ Caring For Children With Cancer In Hindi

  1. बच्चे में कैंसर डिटेक्ट होने पर सबसे बड़ी बात की आप पहले खुद को संभालें, हौसला बनाए रखें और यह मानकर चलें कि ये लाईलाज बीमारी नहीं है और आपका बच्चा बहुत जल्द स्वस्थ होने वाला है। 
     
  2. सकारात्मक रहें- नकारात्मक बातों के बारे में बिल्कुल विचार ना करें और सदैव सकारात्मक बातों के बारे में ही सोचें। आपके हिम्मत से ही बच्चे को हिम्मत मिलती रहेगी 
     
  3. अभी आपके सबसे बड़े शुभचिंतक और मार्गदर्शक की भूमिका में आपके डॉक्टर हैं। तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आपको डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही अपने बच्चे की देखभाल करनी है। सुनी-सुनाई बातों या अंधविश्वास एवं नीम-हकीम के नुस्खों को बिल्कुल ना आजमाएं क्योंकि ये बच्चे की सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
     
  4. डॉक्टर की सलाह के मुताबिक अपने बच्चे के खान-पान का पूरा ख्याल रखें। पौष्टिकता से भरपूर और प्रोटीन युक्त आहार अपने बच्चे को खिलाएं।
     
  5. बच्चे में कैंसर का स्टेज और इसकी वजह से शरीर के दूसरे अंगों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है इसके बारे में जानकारी जरूर प्राप्त करें।
     
  6. ये सुनिश्चित करें कि आपके परिवार का कोई एक सदस्य हमेशा बच्चे की निगरानी में जरूर रहे। बच्चे को कभी अकेला ना छोड़ें।
     
  7. अगर इलाज के दौरान बच्चे के शरीर में किसी तरह का बदलाव नजर आए तो इसके बारे में डॉक्टर को जरूर जानकारी दें।
     
  8. आपको बता दूं कि वयस्कों की तुलना में बच्चों के शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होता है और वे हरेक परिस्थितियों में बेहद सहज रहते हैं। तो आपको अपने बच्चे के संग भी बिल्कुल सहज व्यवहार करना है।
     
  9. कीमोथेरेपी की प्रक्रिया बहुत तकलीफदेह होती है लेकिन आपको खुद को और अपने बच्चे को भी मानसिक रूप से तैयार करना होगा।
     
  10. खुशनुमा माहौल बहुत जरूरी- आप अपने घर में भी खुशनुमा माहौल बनाए रखें, अपने बच्चे को अन्य गतिविधियों में व्यस्त रखें ताकि वो भी खुश रहे। 

 इमरान हाशमी ने अपने बेटे अयान के संग कैंसर का कैसे डटकर मुकाबला किया?

इमरान हाशमी ने अपनी किताब द किस ऑफ़ लाइफ़: हाउ अ सुपरहीरो ऐंड माय सन डिफ़ीटेड कैंसर में जीवन के सबसे कठिन दौर के अनुभवों को बयां किया है। इमरान बताते हैं कि जनवरी 2014 में उनको अयान के कैंसर होने का पता चला। अयान के पेशाब में खून आने लगा था। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर से चेकअप करवाया। जांच के बाद पता चला कि अयान की दाईं किडनी में एक बड़ी गांठ है। इमरान ने किताब में लिखा है कि उसके बाद हम पूरी तरह से टूट चुके थे। हमारे मन की दशा निरंतर बदल रहे थे। लेकिन अयान के हौसले ने उनका भी हौसला बढ़ा दिया। एक वाकये के बारे में जिक्र करते हुए इमरान ने कहा कि एक तरफ डॉक्टर बेटे के कैंसर के बारे में जानकारी दे रहे थे वहीं इन सब बातों से बेफिक्र अयान कभी स्टेथेस्कोप से खेलता तो कभी अस्पताल के पर्दे को खींच रहा होता। अयान के इस अंदाज को देखकर इमरान को भरोसा और पुख्ता हो गया कि उनका बेटा जरूर कैंसर को परास्त कर देगा। कीमोथेरेपी के दौरान बच्चे की तकलीफ को देखक उनका मन बहुत व्याकुल हो उठता लेकिन दूसरे ही पल वे ये सोचकर खुद को मजबूत करते कि कैंसर बहुत जल्द ठीक होने वाला है। इमरान हाशमी ने अपने बेटे को समझाते हुए कहा कि उसके शरीर में एक मॉन्सटर आ गया है और उसे दवाइयों से पराजित कर देना है। इमरान ने इस दौरान अपने बेटे की खान-पान का पूरा ध्यान रखा। इमरान ने बेटे के लिए ऑर्गेनिक डाइट प्लान तैयार किया। हरी सब्जियां, ऐवोकाडो और नट्स से बनी स्मूदीज के अलावा चीनी की जगह फल खिलाते थे।

कैंसर या अन्य किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारियों को अच्छे खान-पान और डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक इलाज कराने से आसानी से हराया जा सकता है।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

  • कमेंट
कमैंट्स()
Kindly Login or Register to post a comment.
+ ब्लॉग लिखें
टॉप पेरेंटिंग ब्लॉग

Always looking for healthy meal ideas for your child?

Get meal plans
Loading
{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}

{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}