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स्वास्थ्य गर्भावस्था

जानिए गर्भाशय में रसौली होने के लक्षण और उपचार

Sadhna Jaiswal
गर्भावस्था

Sadhna Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 11, 2021

जानिए गर्भाशय में रसौली होने के लक्षण और उपचार
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

महिलाओ में गर्भाशय एक अंग ऐसा होता है, जिसमे अक्सर समस्याएं लगी रहती है और इसकी वजह से महिलाओ को कई बार बहुत परेशानी हो जाती है। गर्भाशय में रसौली एक तरह से नॉन केन्सरस बीमारी है। इसमें महिलाओ की गर्भ की थैली में गांठे हो जाती है। ये गांठे 99 परसेंट नॉन केन्सरस होती है। यानि कैंसर नही बना सकती। गर्भाशय में रसौली अक्सर बच्चे पैदा कर सकने वाली उम्र में होती है। यानि आमतौर पर 20 साल की उम्र हो जाने के बाद ही यह बीमारी होती है। ज्यादातर महिलाओ में यह 30 से 45 साल की उम्र के बीच देखा जाता है। गांठ का साइज़ एक छोटे दाने से लेते हुए काफी बड़ा भी हो सकता है। जब तक गांठे छोटी होती है तब तक इसमें कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है। जैसे जैसे ये बड़ी होती जाती है इसमें लक्षण भी दिखाई देने लगते है। गर्भाशय में रसौली की मुख्य वजह शरीर में हार्मोन्स का असंतुलन है।  जो ख़राब लाइफ स्टाइल की वजह से हो सकता है। या फिर एक कारण जेनेटिक भी है यानि जिनके परिवार में रसौली की समस्या है उसे भी रसौली की समस्या हो सकती है। 10 साल की उम्र से पहले पीरियड शुरू होना, शराब खासकर बीयर का सेवन, गर्भाशय में होने वाला कोई भी इन्फेक्शन, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर के कारण भी गर्भाशय में रसौली होने का रिस्क बढ़ जाता है। तो आइये जानते है की गर्भाशय में रसौली के कौन कौन से लक्षण है और हम इसके उपचार के लिए क्या क्या उपाय कर सकते है।   

गर्भाशय में रसौली होने के ये है लक्षण , उपचार के लिए ये है उपाय /  Symptom of having tumor in the uterus and remedy in Hindi 
 

  • लक्षण: जब महिला को पीरियड के दौरान नार्मल से अधिक मात्रा में ब्लीडिंग आता है और यह पीरियड्स स्वाभाविक तीन-चार दिन ना होकर आठ-दस दिनों तक चलते है।  
     
  • पीरियड के दौरान पेट के नीचे के हिस्से में दर्द महसूस होता है और पीरियड ख़त्म होने के बाद भी बीच बीच में प्राइवेट पार्ट से ब्लीडिंग आने की शिकायत होती है।
     
  • रसौली होने पर महिला के शरीर में बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होती है।  
     
  • रसौलियो में इन्फेक्शन होने पर महिला के प्राइवेट पार्ट्स से डिस्चार्ज होने लगता है।  
     
  • रसौली होने पर पेट में अचानक कभी भी दर्द की शिकायत हो सकती है। जो रसौली के गर्भाशय में घुमने से होता है।
      
  • इसमें महिला को कब्ज हो सकता है जो रसौली के बढ़ने से बड़ी आंत व मलाशय पर भर पड़ने से होता है। 
     
  • रसौली होने से मूत्राशय पर दबाव बढता है तो पेशाब रुक-रुककर होता है और बार बार जाना पड़ता है।
      
  • रसौली की वजह से गर्भ ठहरने पर गर्भपात भी हो जाता है और गर्भधारण में बढ़ा पड़ती है।  

उपचार:

  • होम्योपैथी: गर्भाशय में रसौली में आमतौर पर जो भी गाठे होती हैं, वे गैर कैंसरस होती हैं। ऐसे में होम्योपैथी के जरिए इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। होम्योपैथिक इलाज के दौरान डॉक्टर महिला का लगातार अल्ट्रासाउंड कराकर देखते हैं और उसी प्रोग्रेस के आधार पर इलाज आगे बढ़ता है। चार से छह महीने के इलाज में मरीज को ठीक किया जा सकता है। 

एलोपैथी दवाएं:

  • अगर गाठे  बहुत छोटी हैं और कोई परेशानी नहीं बढ़ा रही हैं तो फौरन किसी इलाज की जरूरत नहीं होती। अगर साइज बढ़ रहा है तो दवाओं से इलाज किया जाता है। दवाओं से भी इसका परमानेंट इलाज संभव है। दवाओं से गाठे सिकुड़ जाते हैं और आराम मिलता है। वैसे भी दवाओं को छह महीने से ज्यादा नहीं दिया जाता क्योंकि इसके साइड इफेक्ट्स होते हैं।


सर्जरी: 

  • रसौली अगर दवाओं से  नही ठीक हो रही हों या रसौलियो  का साइज ज्यादा बढ़ गया हो तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं। रसौली की कई प्रकार की सर्जरी होती है, जैसे मायोमेक्टमी, हिस्टरेक्टमी, लैप्रोस्कोपिक, यूटराइन आर्टरी इम्बोलाइजेशन, हाईफू (नॉन इनवेसिव मैथड)आदि।  डॉक्टर्स की सलाह से आप किसी भी सर्जरी के लिए जा सकती है।  


आयुर्वेद और योग:

  • गर्भाशय में गाठो के कई मामले ऐसे होते हैं, जिन्हें आयुर्वेद और योग की मदद से ठीक किया जा सकता है। डॉक्टर पूरी जांच करने के बाद यह बताते हैं कि गाठें आयुर्वेदिक इलाज से ठीक हो सकती है या नहीं है।


गर्भाशय में रसौली होने के मेन कारण हार्मोन्स का असंतुलन है। जो कई कारणों से होता है इसके लक्षण को पहचान कर सही समय पर इलाज कराने से इससे छुटकारा पाया जा सकता है। सही खान-पान और लाइफ स्टाइल से इससे बचा जा सकता है।

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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| Aug 15, 2018

Sahi hai

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| Mar 19, 2019

Mujhe bhi h ye problem. 2 ganthe h garbhasye me ek to 7 mm and 2nd h 11mm ki. please suggest me

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| Mar 19, 2019

hzvsvBg

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| Jan 12, 2020

Koi esha aap Nani hai

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| Oct 19, 2020

mujhe b utras me rasoli h or pragnency b ni ho rahi thi but mne himalya evecare 200ml dwa li wse to ye 3 months tk leni thi but 20 din pine k bad hi mujhe pragnency ho gyi am very happy.

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