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पेरेंटिंग खाना और पोषण

10 लक्षण बच्चों में पोषक तत्वों की कमी के

Supriya Jaiswal
1 से 3 वर्ष

Supriya Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 02, 2020

10 लक्षण बच्चों में पोषक तत्वों की कमी के
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

आपके बच्चे के अंदर पोषक तत्वों की कमी है ये आप कैसे अनुभव कर पाएंगे? इसको समझने के लिए हम आपको कुछ ऐसे महत्वपूर्ण लक्षणों को बताने जा रहे हैं जो आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। ये लक्षण आपको आगाह कर सकते हैं कि बच्चे के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो रही है और इसका निदान निकालना आवश्यक है।

आपके बच्चे देखने में स्वस्थ हो सकते है पर उनमे पोषण तत्व की कमी से उनको कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जो बच्चे केवल एक ही तरह का आहार ग्रहण करने की बजाय तमाम तरह के आहारों को ग्रहण करते हैं उनका शरीर अंदर से बहुत मजबूत होता है, और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत मजबूत होती है। यहाँ जरूर पढ़ें...

बच्चों में पोषक तत्वों की कमी के 10 लक्षण / 10 Signs of Nutritional Deficiencies in Kids in Hindi

आपके बच्चे के अंदर पोषक तत्वों की कमी है ये आप कैसे अनुभव कर पाएंगे? इसको समझने के लिए हम आपको कुछ ऐसे महत्वपूर्ण लक्षणों को बताने जा रहे हैं जो आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। ये लक्षण आपको आगाह कर सकते हैं कि बच्चे के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो रही है और इसका निदान निकालना आवश्यक है। 

  • रूखी त्वचा और बाल /Dry Hair & Skin - बच्चे के शरीर में वसा विलय विटामिन (fat soluble vitamins) की कमी के कारण सूखी त्वचा और रूखे बाल देखने को मिल सकते है। कई बार हमारी तमाम कोशिशों के बाद भी बच्चों की त्वचा बहुत रूखी और बाल भी बहुत रूखे से रहते हैं। यह Vitamin A, D, E, and K2  इत्यादि की कमी से होता है।
     
  • बच्चो की दांतो में सड़न और कैविटीज़ /Teeth Cavity - बच्चों के दांतो की सड़न और कैविटीज़ की एक मुख्य वजह उनके अंदर पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है। अगर बच्चे को आहार से पूरी मात्रा में फास्फोरस और वसा विलेय विटामिन (fat soluble vitamins) की अच्छी खुराक मिले तो उसके दांत कैविटीज़ और सड़न से सुरक्षित रखते हैं।
  • बार-बार सर्दी और जुकाम का होना/ Low Immunity - अगर आपके बच्चे को बार -बार जुकाम की समस्या से होती रहती है तो हो सकता है उसके आहार से उसे वह सभी पोषक तत्व नहीं मिल पा रहे हैं। पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और शरीर को अनेक प्रकार की बीमारियों से बचाते हैं।  

जरूर पढ़ें: 10 माह तक के शिशु का कैसा हो आहार?

  • पीली त्वचा, थकान या कमजोरी/Weakness & Pale Skin-- आयरन एक आवश्यक पोषक तत्व और खनिज है। आयरन फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के बाकी हिस्सों में ले जाने में मदद करता है और मांसपेशियों को बनाने में मदद करता है और ऑक्सीजन का उपयोग करता है। यह बच्चों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह विकास में सहायता करता है और एनीमिया को रोकता है।
     
  • वजन का बढ़ना / Weight Increase - जब बच्चे के आहार में सही मात्रा में पोषक तत्व नहीं होते हैं तो खाने के बाद भी बच्चे का शरीर भूखा रह जाता है।  इस वजह से बच्चे को हर समय भूख लगती है। और बच्चे जंक फ़ूड खाते है और उसके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिलते हैं। जब बच्चे अत्यधिक मात्रा में highly processed foods खाते है तभी  उसके शरीर को इस मोटापे से जूझना पड़ता है।
     
  • बच्चो में डिप्रेशन/ Depression In Kids - अवसाद, बेचैनी, और घबराहट, मानसिक स्थितियां हैं लेकिन बच्चो में यह पोषक तत्वों की कमी (nutritional deficiencies) भी हो सकती है जिससे बच्चे दबे दबे से रकते है और ज़्यदा सामाजिक नहीं हो पाते। उदाहरण के लिए, प्रोटीन में अमीनो एसिड होता है। यह अमीनो एसिड शरीर में मांस पेशियों के निर्माण में बहुत ही अहम भूमिका निभाते हैं जो बच्चो में अवसाद काम करता है।
     
  • बचपन में देर से बोलना शुरू करना /Delay in Talking - बच्चों में देर से बोलने की समस्या की मुख्य वजह है विटामिन B12कमी। आप शिशु के भोजन में ऐसे आहारों को सम्मिलित करें जिन में प्रचुर मात्रा विटामिन B12 में पाया जाता है। आहार जिसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन B12 पाया  जाता है वह है अंडा, मीट, मछली, दूध और दूध से बने उत्पाद जैसे कि पनीर, छाछ, दही, इत्यादि। शाकाहारी आहारों में विटामिन B12 नहीं पाया जाता है।

जरूर पढ़ें: क्या आपके बच्चों को चाय पीने की आदत डालनी चाहिए? 

  • धीमी सामाजिक विकास/ Delayed Social Skills - अगर आप अपने बच्चे को लगातार कुछ दिनों तक उदास और अवसाद से ग्रसित देखें तो समझ लीजिएगा कि आपके शिशु को निश्चित तौर पर प्रोटीन की समुचित मात्रा नहीं मिल पा रही है जितना कि उसके शरीर को इस समय आवश्यकता है। शिशु के शरीर में अमीनो एसिड की कमी को पूरा करने के लिए आप उसे दूध और दूध से बने उत्पाद जैसे कि पनीर, दही, मक्खन इत्यादि दे सकते हैं। आप उसके आहार में मीट, चिकन, अंडा भी सम्मिलित कर सकते हैं।
     
  • मिट्टी आदि खाने में रूचि लेना/Dirt Eating - अगर आपके बच्चे में गैर-पोषक पदार्थों जैसे बर्फ, गंदगी या शुद्ध स्टार्च के लिए असामान्य इच्छा हो रही है साथ ही उसके जीभ में सूजन ,कमजोरी आदि है वो उसमे आयरन की कमी हो सकती है। आयरन के अच्छे स्रोतों में लाल मांस, चिकन, मछली, सेम और गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां शामिल हैं ।आप विटामिन सी, जैसे तरबूज, स्ट्रॉबेरी, कीवी, ब्रोकोली, टमाटर और आलू जैसे समृद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन कर के आयरन को अवशोषित करने में मदद कर सकते हैं।
     
  • हद से ज्यादा चंचलता /Hyperactive - कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जो कभी शांत नहीं बैठते हैं।  इनका मस्तिष्क बहुत क्रियाशील होता है।  आप इन्हें हर समय दौड़ते और कूदते हुए देख सकते हैं।जो बच्चे अत्यधिक क्रियाशीलता (Hyperactivity) से पीड़ित होते हैं उनके पेट में अच्छे बैक्टीरिया की कमी (poor bacterial flora) होती है। इस वजह से उनका पाचन तंत्र भी कमजोर होता है।उसके आहार में दही को सम्मिलित करें। दही पेट की पाचन से संबंधित समस्या को दूर करता है।

अगर आप अपने बच्चे में इन लक्षणों को देखते हैं तो आप सतर्क हो जाएं और निश्चित रूप से डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक डाइट चार्ट का अनुसरण करने पर बच्चे में बहुत जल्द सकारात्मक बदलाव को आप महसूस कर पाएंगे। संतुलित आहार और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ नियमित रूप से बच्चे को खिलाएं। ताजे फल और सब्जियां का सेवन करने से बहुत लाभ मिल सकता है।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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| Sep 07, 2019

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| Sep 07, 2019

nice

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| Sep 16, 2019

MERI bacchi 2 Saal ki h abhi to bolna nhi shikh rahi

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| Feb 27, 2020

Bolna sukhao

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| Nov 05, 2019

sardi hone pr Kya kre

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| Jan 13, 2020

Awesome nd Bacche ko baarbaar sardi lgne pr kyaa kre .......

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| Feb 25, 2020

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| Aug 04, 2020

Ab tak bolna start nehi kiye ..bohot chanchal hai ..khana bhi thik we nehi khata..

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| Sep 09, 2020

Mere bete ko 15 month ho gaye hai lekin abhi kuch nahi bolta mera beta to mai kya karu

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| Sep 15, 2020

AAP uske saath jyada se jyada bole TV aur mobile bilkul na dikhaye

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