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पेरेंटिंग खाना और पोषण

तरबूज को इन तरीकों से खिलाएं बच्चों को

Parentune Support
3 से 7 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Mar 27, 2020

 तरबूज को इन तरीकों से खिलाएं बच्चों को
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

 

गर्मी आ चुकी है और यह मौसम बच्चों के लिए काफी खतरनाक होता है। बच्चों के खान-पान से लेकर अन्य बातों में जरा सी लापरवाही कई बार भारी पड़ जाती है। ऐसे में इस मौसम में पैरंट्स को बच्चों की सेहत पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। गर्मी में पैरेंट्स के मन में अक्सर ये सवाल रहता है कि बच्चे को क्या खिलाएं। वे ठंडे फलों का सेवन भी कराते हैं। इन्हीं में से एक फल है तरबूज। गर्मी आते ही इसकी डिमांड सबसे ज्यादा हो जाती है। यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। इसके अलावा यह कई अन्य बीमारियों से भी शरीर को बचाता है। हालांकि इसका सेवन गलत तरीके से करने व कुछ सावधानी न बरतने पर यह नुकसानदायक भी हो सकता है। आज हम इस ब्लॉग में आपको बताएंगे कि आखिर बच्चों को तरबूज किस तरह खिलाएं और इसे खिलाते वक्त क्या-क्या सावधानी बरतें।

इन बातों का रखें ध्यान

  1. बच्चे को कभी भी खाली पेट तरबूज का सेवन न कराएं । अगर कराना पड़े तो बिना नमक के तरबूज खाली पेट न खिलाएं।
  2. जुकाम, नजला होने पर तरबूज का सेवन न बच्चे को कराएं।
  3. तरबूज खिलाने के बाद बच्चे को कोई भी लिक्विड न दें, पानी तो किसी हाल में न पिलाएं। इससे काफी नुकसान होगा।
  4. चावल और तरबूज विरुद्ध आहार हैं। इसलिए अगर बच्चे को चावल खिलाया है, तो तीन घंटे बाद ही तरबूज दें। वहीं अगर तरबूज का सेवन कराया है, तो तीन घंटे बाद ही चावल खिलाएं।
  5. रात के समय बच्चे को तरबूज खाने को न दें। खुद भी रात को तरबूज खाने से बचें।
  6. धूप में तपा हुआ तरबूज पानी में रखकर गर्मी निकाल दें। उसके बाद काटकर बच्चे को खाने के लिए दें। गरम तरबूज बच्चे को कभी भी न खिलाएं।
  7. बात चाहे बच्चों की हो या बड़ों की, तरबूज हमेशा हाथ के हाथ काटकर खाएं व खिलाएं। कटा हुआ तरबूज फ्रिज में भी न रखें। ठंडा तरबूज खाने का मन हो तो साबुत फ्रिज में रखें। काफी देर तक कटा रखा तरबूज खाने से बच्चे को बीमारी होने का खतरा रहेगा।
  8. तरबूज को आधे से काटकर हरे रंग के हिस्से को हटा दें। इसके बाद ही इसे बच्चे को खाने के लिए दें। दरअसल आजकल फलों को पैक करने के दौरान डिब्बों में केमिकल रख दिया जाता है। ये छिलके वाले हिस्से पर लगा रहता है। ऐसे में छिलके को हटाना बहुत जरूरी है.
  9. बच्चो को जब तरबूज दें, तो उसे एकदम छोटे-छोटे टुकड़े करके दें, ताकि वह गले में न फंसे।
  10. इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि बच्चे को तरबूज खिलाने से पहले उसके सारे बीज निकाल दें। बीज गले में फंसने पर दिक्कत हो सकती है।

 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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