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Updated on Apr 02, 2018

 टीबी से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बातें

टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक एक जीवाणु के कारण होता है भारत में टीबी के फैलने का एक मुख्य कारण इस बीमारी के लिए लोगों सचेत ना होना और इसे शुरूवाती दौर में गंभीरता से ना लेना |टीबी जीवाणु हवा के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलती हैं टीबी के जीवाणुओं हवा में मिल जाते हैं जब कोई टीबी का रोगी खांसता, बोलता या छींकता है। आस पास के लोग इन जीवाणुओं को सांस में ले सकते हैं और संक्रमित हो सकते हैं। फेफड़े या गले के टीबी रोग वाले लोग दूसरों को बैक्टीरिया फैला सकते हैं, जिनके साथ हमेशा रहते है |

हालांकि, बच्चों को टीबी के जीवाणुओं को दूसरों तक फैलाने की संभावना कम है। इसका कारण यह है कि वयस्कों के क्षयरोग की तुलना में आमतौर पर बच्चों वाला टीबी रोग बहुत कम संक्रामक होता है। एक बार टीबी बैक्टीरिया से संक्रमित होने पर, बच्चों को टीबी रोग होने का खतरा वयस्कों से ज्यादा होता है।
 

बच्चों में  टीबी का परीक्षण करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है-- क्योंकि शिशुओं और छोटे बच्चों से थूक / बलगम के नमूननों को एकत्र करना मुश्किल है|प्रयोगशाला में में बच्चो के बलगम की जांच से सही परिणाम आना मिश्किल होता है क्योंकि बच्चों को टीबी के बक्टेरिया की एक छोटी संख्या के कारण होने की संभावना अधिक होती है जिससे उनका परीक्षण में पता लगाना मुश्किल होता है।
 

 टीबी का परीक्षण-- टीबी की जांच करने के कई माध्यम होते हैं, जैसे छाती का एक्स रे, बलगम की जांच, स्किन टेस्ट आदि। इसके अलावा आधुनिक तकनीक के माध्यम से आईजीएम हीमोग्लोबिन जांच कर भी टीबी का पता लगाया जा सकता है। अच्छी बात तो यह है कि इससे संबंधित जांच सरकार द्वारा निशुल्क करवाई जाती हैं।
 

बच्चों में टीबी के लक्षण में शामिल है-- खाँसी,बीमारी या कमजोरी, सुस्ती,कम खेलना,वज़न कम होना,बुखार,रात को पसीना आदि |टीबी रोग सबसे ज्यादा फेफड़ों में होता है, लेकिन टीबी रोग शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है। शरीर के अन्य भागों में टीबी रोग के लक्षण प्रभावित क्षेत्र पर निर्भर करते हैं। शिशुओं, युवा बच्चों, और एचआईवी वाले बच्चे टीबी के सबसे गंभीर रूपों जैसे टीबी मेनिनजाइटिस या डीसेमिनेटेड टीबी रोग के विकास के उच्चतम जोखिम पर होते हैं।
 

टीबी से बचने के उपाय--  दो हफ्तों से अधिक समय तक खांसी रहती है, तो चिकित्स क को दिखायें, बीमार व्‍यिक्‍त से दूरी ही बनायें,आपके आस-पास कोई बहुत देर तक खांस रहा है, तो उससे दूर रहें, अगर आप किसी बीमार व्याक्ति से मिलने जा रहे हैं, तो अपने हाथों को ज़रूर धोले, पौष्टिक आहार लें जिसमें पर्याप्त  मात्रा में विटामिन्स , मिनेरल्स , कैल्शियम , प्रोटीन और फाइबर हों क्योंकि पौष्टिक आहार हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है,अगर आपको अधिक समय से खांसी है, तो बलगम की जांच ज़रूर करा लें।
 

 बच्चो में टीबी से बचने के टीके-- बीसीजी, टीबी रोग को रोकने के लिए एक टीका है। बच्चों की टीबी रोग को रोकने के लिए कई देशों में बीसीजी का उपयोग किया जाता है। बीसीजी वैक्सीन को केवल बहुत ही चुनिंदा व्यक्तियों को लगाया जाता है जो विशिष्ट मानदंडों को पूरा करते हैं |

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