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नवजात शिशुओं की मां के लिए कौन से योगासन लाभदायक हैं ?

Supriya Jaiswal
0 से 1 वर्ष

Supriya Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 07, 2018

नवजात शिशुओं की मां के लिए कौन से योगासन लाभदायक हैं

बच्चे के जन्म से बाद आपके शरीर में बदलाव आने लगते हैं और साथ ही साथ आप अपना सारा समय अपने बच्चे को देना चाहते हैं पर डिलीवरी के बाद शरीर कमजोर हो जाता है और पिछले एक साल में जो बदलाव आपके शरीर ने झेला है उसके बाद उसे देखभाल की जरूरत होती है । आपको अपने शरीर के संकेतो को समझने की जरूरत होती है जैसे की बहुत जल्दी थक जाना ,काम करने में परेशानी होना ,शरीर में दर्द और टेंशन। इन सब समस्याओं से उभरने के लिए कुछ ऐसे योगासन है जो आज हम आपको बतायेंगे।

ये योग बहुत लाभकारी हैं / These yoga practices are very beneficial in Hindi

  1. नाड़ीशोधन प्राणायाम --नवजात बच्चे की मां को बहुत सी चिंताए रहती है तो ऐसे में ये योग उनके लिए बहुत अच्छा होता है। नाड़ीशोधन प्राणायाम के लाभ अनेक हैं जैसे चिंता एवं तनाव कम करने में, शांति, ध्यान और एकाग्रता में, शरीर में ऊर्जा का मुक्त प्रवाह करने में, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में इत्यादि।

  2. शवासन --ये आसन आप डिलीवरी के कुछ टाइम बाद ही शुरू कर सकती है। इससे आपके शरीर को आराम और मन को शांति मिलती है | बस आपको शवासन मुद्रा में लेट जाना होगा और गहरी साँस लेनी होंगी ,रोजाना कुछ मिनट इसे करके आपको अच्छा महसूस होगा।
     
  3. अधो मुख शवासन -- यह आसन आपके पूरे शरीर को खिंचाव प्रदान करता है। कंधे और छाती की जकड़न को ख़त्म करता है।
     
  4. विभद्रासन ---इसको करने के  लिये दीवार के तरफ मुंह कर के लेट जाये और अपने पैरों को दीवार का सहारा ले कर ऊपर करे और कुछ देर इसी मुद्रा में रहें| इसको करने से आपके शरीर की थकान दूर होगी और कमजोरी भी दूर होगी।
     
  5. भुजंगासन -- यह छाती और कमर की मांसपेशियो को लचीला बनाता है और कमर के तनाव को दूर करता है। स्त्रियों में यह गर्भाशय में खून के दौरे को नियंत्रित करने में सहायता करता है। गुर्दे से संबंधित रोग या पेट से संबंधित परेशानी को हल करने में मदद करता है। इसको करने के लिए ज़मीन पर पेट के बल लेट जाएं, पादांगुली और मस्तक ज़मीन पे सीधा रखें।अब शरीर को ऊपर उठाते हुए, दोनों हाथों का सहारा लेकर, कमर के पीछे की ओर खीचें। सजगता से श्वास लेते हुए, रीढ़ के जोड़ को धीरे धीरे और भी अधिक मोड़ते हुए दोनों हाथों को सीधा करें; गर्दन उठाते हुए ऊपर की ओर देखें।
     
  6. गरुडासन--यह पैरों की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है, कमर और पैरों को ज्यादा लचीला बनाता है।  इसको करने के लिए ताड़ासन की मुद्रा में खड़े हो जाएं Iअपने घुटनों को मोड़े और बाएं पैर को उठा कर दाहिने पैर के ऊपर घुमाये I दाहिने हाथ को बाएं हाथ के ऊपर क्रॉस करें और अपने कोहनी को जमीन से 90 डिग्री के कोण में मोड़े I हथेलियों को एक दुसरे के ऊपर दबाते हुए उन्हें ऊपर की ओर उठाएंI

नवजात शिशुओं की मां के लिए ये सभी योग के आसान बहुत लाभकारी होते हैं लेकिन फिर भी हमारी सलाह है कि इन सभी योगासनों को आजमाने से पहले किसी योग विशेषज्ञ का सुझाव जरूर ले लें। शुरुआती दिनों में किसी योग विशेषज्ञ की निगरानी में इन आसनों को करने से किसी तरह के नुकसान होने का खतरा नहीं होता है।

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