बाल मनोविज्ञान और व्यवहार

जिद्दी बच्चे को सुधारने में ये 10 टिप्स बहुत काम आएंगे

Sadhna Jaiswal
7 से 11 वर्ष

Sadhna Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jul 15, 2018

जिद्दी बच्चे को सुधारने में ये 10 टिप्स बहुत काम आएंगे

अक्सर पेरेंट्स की ये शिकायत रहती है की उनका बच्चा बहुत जिद्दी हो गया है। वो जब भी अपने बच्चे के साथ कही बाहर या मार्किट जाते है, तो बच्चा चीखने चिल्लाने लगता है की उसे ये सामान चाहिए। चाहे वो उनके बजट में हो या ना हो। तो समझना ये है की बच्चे में ये जिद्दी पन आया कहा से? 7-11 साल तक की उम्र के बच्चे लगभग कच्चे घड़े के सामान होते है। ये अपने आस-पास के माहौल से बड़ी उत्सुकता से देखने और सीखने की कोशिश करते है। जैसे मम्मी-पापा क्या कर रहे हैं और क्या कह रहे है, वो आपस में लड़ाई में क्या बातें कर रहे है। बच्चा दोनों के कहने और करने के बीच के अंतर को समझने की कोशिश करता है। इससे बच्चे के मन में दुविधा पैदा होती है और पहली बार बच्चा अपने बड़ो से असहमत होना शुरु होता है। और बच्चा जिद्दी बनता चला जाता है अब बच्चा अपनी डिमांड करना शुरू कर देता है। आपको ये समझना होगा की आप जो भी कह रहे है और जो भी कर रहे है उसका बच्चे के नाजुक मन पर बहुत गहरा असर पड़ता है। इस उम्र में बच्चे का पूरा कण्ट्रोल आपके हाथो में ही है की आप बच्चे को क्या बनाना चाहते है। आप चाहे तो बच्चे को सकारात्मक व्यहार और प्रोत्साहित करके बहुत ऊचाइयो पर भी ले जा सकते है। तो आइये जानते है, इन 10 टिप्स के बारें में जो आपके जिद्दी बच्चे को सुधारने के काम आयेंगे।  

जिद्दी बच्चे को सुधारने में ये 10 टिप्स बहुत काम आएंगे

  • बच्चे के सामने बहस ना करें: अक्सर पेरेंट्स आपस में किसी बात को लेकर झगड़ने लगते है जिससे बच्चे के नाजुक मन पर बुरा असर पड़ता है और बच्चा चीखने चिल्लाने जैसी चीजो का आदि बन जाता है इसीलिए बच्चे की सामने लड़ाई-झगडा भूल कर भी ना करें।   
  • बच्चे की गलत डिमांड को ना पूरा करें: बच्चे की कोई ऐसी डिमांड जो उसके भविष्य के लिए ठीक ना हो नहीं पूरा करें, अगर बच्चा जिद पे अडा है तो उसे उससे अच्छी दूसरी चीज दिला दीजिये।   
  • नकारात्मक व्यहार ना करें: जब पेरेंट्स अपने बच्चो का आंकलन अपनी उम्मीदों से कम या ज्यादा करते है जैसे बच्चा आपकी अपेक्षा से कम नंबर लाता है और आप बात बात में उसकी असफलता प्रचारित करते है जिससे बच्चा जिद्दी हो सकता है तो उससे सकारात्मक व्यहार करें।   
  • ज्यादा लाड प्यार:  ध्यान रखें की कभी कभी एक्स्ट्रा केयर और ज्यादा रोक-टोक बच्चे को जिद्दी बना देता है
  • बच्चे की बुराई किसी के सामने ना करें: बच्चे की अच्छाइयो को प्रचारित करें, ना की उसकी बुराइयो को।   जैसे आप किसी से कहते है, की मेरा बेटा ये नहीं खाता, वो नहीं खाता, ऐसा कहने से अगर आपको भविष्य में बच्चे को वो चीजे खिलानी भी हो तो वो नहीं खायेगा। इसके विपरीत अगर आप बच्चे के बारे  में वो चीजे बताती, जो वो खाता है। तो शायद बच्चा वो चीजे भी खा लेता जो वो अपनी जिद में खाने के लिए मना करता है।    
  • सकारात्मक माहौल बनाएं: किसी बच्चे की जिद छुड़ाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है की हम ये समझे की वो जिद्दी कैसे बना। यदि वो अपने आस-पास के नकारात्मक माहौल की वजह से जिद्दी बना है तो, अगर आप उस माहौल को धीरे-धीरे बदलने की कोशिश करें, तो बच्चे में बहुत तेजी से सुधार होगा।   
  • पसंद नापसंद को समझे: बच्चे की भावनाओ और उसकी पसंद नापसंद को समझने की कोशिश करें। आप बच्चे से  ऐसी बातें करें  जो उसे पसंद हो, ऐसी बातें ना करें जो उसे ना पसंद हो उसके दिमाग में ये बात नहीं आनी चाहिए की उसकी बात नहीं मानी जा रही अपनी बात मनवाईये लेकीन तरीके में उसकी ख़ुशी शामिल हो 
  • बच्चो के साथ समय बिताये: बच्चों के साथ समय बिताएं और उनसे ढेर सारी बातें करें। आगे चल के आप के बच्चे अपनी बात खुल के आप से कर पाएंगे। बच्चों से बातें करने से उन्हें अकेला नहीं लगेगा, उन्हें ये भी नहीं लगेगा की आप उन्हें इगनोर कर रहे हैं। इस तरह से आप आप अपने बच्चों को जिद्दी बनने से भी बचा सकती हैं।
  • बच्चे को समझे: बच्चे को समझने की कोशिश करें जैसे कभी-कभी बच्चा स्कुल नहीं जाने की जिद करता है तो उसके कई कारण हो सकते है। जैसे उसका स्वस्थ ठीक ना हो या होम्वोर्क पूरा ना किया हो या स्कूल में किसी बच्चे या टीचर द्वारा अप्रिय व्यहार, कारण जो भी हो समझकर प्यार से उसका समाधान करें। जिससे आपपर बच्चे का विशवास बढेगा।
  • बच्चे को मोबाइल ना दिलाये: ज्यादा मोबाइल देखने की वजह से भी बच्चे के दिमाग पर असर पड़ता है। और बच्चा जिद्दी बनता है।      

इस उम्र में बच्चे कच्चे घड़े के सामान नाजुक मन वाले होते है। इसलिए बच्चे के साथ सकरात्मक व्यहार करें। बच्चे की हॉबी जानकार उसके लिए प्रोत्साहित करें। बच्चे को कॉम्पटीसंस के लिए प्रेरित करें। जिससे उसमे जिद वाली बात आये ही नहीं।  

 

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