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वायु प्रदूषण से आपके बच्चे की रक्षा करेगा ये आहार

Supriya Jaiswal
3 से 7 वर्ष

Supriya Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jul 11, 2018

वायु प्रदूषण से आपके बच्चे की रक्षा करेगा ये आहार

आज के दौर में वायु प्रदूषण बहुत ही गंभीर विषय है । घर के बाहर गाड़ियों और फैक्टरी से निकने वाले जहरीले धुएं ने हवा को प्रदूषित कर रखा है पर घर में होने वाला वायु प्रदूषण भी घातक होता है। खाना बनाने, रोशनी या ठंड के मौसम में कमरे को गर्म रखने के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला ईंधन फेफड़ों के लिए बहुत खतरनाक है। इससे फेफड़े की प्रतिरक्षण क्षमता कमजोर होती है । ज्यादातर गर्मी के महीने में कुछ जगहों में ओजोन और दूसरे प्रदूषक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।  आज जिस हवा में हमारे बच्चे सांस ले रहे हैं, वह प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है इसलिए आज कल छोटे बच्चो को भी सांस संबंधी बीमारियां होने लगी है । वायु प्रदुषण से अपने बच्चो की रक्षा करने के लिए आप कुछ पोषक तत्वों को उनके रूटीन में शामिल करके उन्हें स्वस्थ रख सकते हैं। प्राकृतिक एंटी-ऑक्सिडेंट, इम्यूनिटी सिस्टम बुस्टर आदि जो आपके बच्चे के शरीर को इस खतरनाक प्रदूषण से लड़ने में मदद करेंगे। आज हम आपको इस ब्लॉग में बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे आहार के बारे में जो आपके बच्चे को वायु प्रदूषण से होने वाले साइड इफेक्ट से बचाएगा।

वायु प्रदूषण के नुकसान से बचाने वाले आहार / Food that prevents loss of air pollution 

  1. .एंटी-ऑक्सिडेंट से भरपूर विटामिन सी वाले आहार : पानी में घुलने वाला यह विटामिन पूरी बॉडी में रहता है और फ्री रैडिकल की सफाई करता है। फेफड़ों में इसके पर्याप्त स्तर को बनाए रखने के लिए अपने बच्चो के नियमित डाइट में विटामिन सी शामिल करना बहुत जरूरी है। सब्जियां जैसे धनिए के पत्ते, चौलाई का साग, ड्रमस्टिक, पार्सले, गोभी और शलजम का साग विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं। आप इन्हें अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं। सिट्रस फ्रूट्स ,आंवला और अमरूद जैसे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं। बच्चो के डेली डाइट में विटामिन सी शामिल करने का सबसे आसान तरीका है दिन में नींबू का रस पिलाएं । 
  2. .इमुनिटी सिस्टम को मजबूत बनाए विटामिन ई वाले आहार: विटामिन ई का सेवन कमजोर हो रही प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती बनाता है और जीवाणुओं से बच्चो के शरीर को सुरक्षा प्रदान करता है। विटामिन ई का एक खास लक्षण है कि यह स्वयं ऑक्सीकृत होने के बावजूद अन्य तत्वों को ऑक्सीकृत होने से बचाता है। यह कोशिकाओं तक पहुंचने वाले रक्त दूषित तत्वों को अलग करता है और रक्त को सही सलामत रखता है। यह रूधिर कणिकाओं की रक्षा करने वाला है तथा खून में पडऩे वाले थक्को में रुकावट डालता है। शरीर की संपूर्ण कमी को समाप्त करता है। शरीर में विटामिन ई की आवश्यकता इसके ऑक्सीकरण प्रतिरोधी गुणों के कारण है। विटामिन ई समस्त वानस्पति भोज्य पदार्थों में अधिक मात्रा में उपलब्ध होता है। यह वानस्पतिक तेलों, चोकर, गेहूं के अंकुर और उससे निकले तेल, बादाम, मटर, सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, अंगूर, पत्तागोभी, प्याज, लहसुन सब्जियों में उपलब्ध है। यह टमाटर और चुकंदर में भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। चोकरयुक्त आटे से विटामिन ई सबसे ज्यादा मात्रा में मिलता है। 
  3. वायु प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाए ओमेगा 3 फैट: ओमेगा 3 फैट शरीर को वायु प्रदूषण से पहुंचाने वाले हानिकारक प्रभावों से बचाने में मदद करता है। आपके बच्चे के दिल को स्वस्थ बनाए रखता है।नट्स और बीज जैसे अखरोट, चिया के बीज, अलसी के बीज को दही में डालकर अपने बच्चो की डाइट में शामिल करें। अगर बच्चे वैसे न खाए तो स्मूदी में डालकर भी खिला सकती है, मेथी के बीज, सरसों के बीज, हरे पत्तेदार सब्जियां, काले चने, राजमा और बाजरा आदि ऐसे फूड हैं जिसमें ओमेगा 3 होता है। 
 

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