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गर्भावस्था में मानसिक उतार-चढ़ाव से निपटने के उपाय

Sumitra Gopal
गर्भावस्था

Sumitra Gopal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jun 22, 2020

गर्भावस्था में मानसिक उतार चढ़ाव से निपटने के उपाय
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

जब मैं गर्भवती थी तो अपनी शारीरिक और मानसिक दशा को कभी नहीं समझ सकी। कभी खुश होना और फिर दुःखी हो जाना, पेट भरा होने के बावजूद भूख महसूस होना, पुरजोश और सेहतमंद महसूस करते-करते बहुत चिंतित हो जाना और थका हुआ महसूस करना- मैं इस तरह की तमाम सारी बातों के बीच झूल रही थी।

मेरे हाव-भाव में इस तरह के बदलावों वाला समय मेरे पति नकुल के लिए कठिन होने के साथ परिवार के लोगों की समझ से भी बाहर था ..... पर मुझे लगता है मैं इस सबसे इसलिए छुटकारा पाने में सफल हो गई क्योंकि मैं ‘खास’ हूँ। मैं हमेशा से एक सेहतमंद और प्यारे से शिशु को जन्म देना चाहती थी, तो मैंने अपने मन को खुश और दिमागी समझ-बूझ को स्थिर रखने के साथ अपनी जिस्मानी ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल करने का संकल्प किया क्योंकि - हम जैसा बोते हैं, वैसा ही काटते हैं।

गर्भावस्था के दौरान मानसिक तनाव से बचने के लिए इन उपायों को आजमाएं / Try these remedies to avoid mental stress and anxiety during pregnancy in Hindi

1. आस-पास का माहौल खुशनुमा होना चाहिएः इस समय (या किसी भी समय), आपके आस-पास ऐसे लोग नही होने चाहिए जो मायूसी फैलाएं, आपका जोश बढ़ाने के बजाय आपकी कमजोरियों से फायदा लेने की सोच रखते हों।
 

2. खुद को किसी काम में व्यस्त रखें/पुराने शौक फिर से शुरू करेंः सिलाई-कढ़ाई हमेशा से मेरा पंसदीदा काम रहा है। जब मेरा शिशु मेरे गर्भ में बढ़ रहा था, मैं उसके लिए ऊनी कपड़े बुन रही थी और उसे लपेटने वाले कपडों पर कढ़ाई कर रही थी। मेरी कड़ी मेहनत के नतीजे में मुझे बेहिसाब तसल्ली मिली।
 

3. व्यायाम करना और सेहतमंद रहनाः गर्भावस्था कोई बीमारी नहीं होती तो मुझे व्यायाम छोड़ने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ी। यहाँ कि मेरे दोनों प्रसव होने के एक दिन पहले तक मैने जिम में पसीना बहाया। एड्रेनालाईन रश पोस्ट जैसे व्यायाम ने मेरा हौसला बढ़ाने में बड़ी मदद की और गर्भावस्था में मेरा लगातार व्यायाम करते रहना सी-सेक्शन से जल्दी उबरने में काफी काम आया।
 

4. अपना मुताबिक कुछ करने के लिए समय निकालेंः अगर ऐसा करने के लिए आप गर्भावस्था में समय नहीं निकाल पाती तो बहुत मुश्किल है कि शिशु के जन्म के बाद आपको ऐसा करने का मौका मिले। मैं अपनी गर्भावस्था में हमेशा, कम से कम एक घंटा रोज खुद अपने को समय देने के लिए निकालती थी। जैरी और उसके बाद कीकी के पैदा होने के बाद भी मैं इस काबिल थी कि अपनी दिमागी सेहत को बरकरार रखने के लिए कुछ समय निकाल सकूं!!
 

इन तरीकों ने गर्भावस्था के समय दिमागी उतार-चढ़ाव से निपटने में मेरी काफी मदद की। क्या आपके पास भी कोई ऐसा उपाय है? हमें अच्छा लगेगा, अगर आप उन्हे हमारे साथ साझा करेंगी। 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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