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स्वास्थ्य

क्या होता है टॉन्सिलाइटिस (Tonsillitis), जानें इसके लक्षण और बचाव!

दीप्ति अंगरीश
1 से 3 वर्ष

दीप्ति अंगरीश के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Feb 05, 2020

क्या होता है टॉन्सिलाइटिस Tonsillitis जानें इसके लक्षण और बचाव
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

मौसम में बदलाव आना यानि एक साथ कई बीमारियों का दस्तक देना, आपने कई बार बड़े बुजुर्गों की जुबानी सुना भी होगा कि मौसम बदल रहा है इसलिए बच्चे बीमार हो जाते हैं। इस तरह की ही एक बीमारी है गले में दर्द की शिकायत का हो जाना। यूं तो गले में दर्द होने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं लेकिन इसके साथ ही गले के दर्द में इंफेक्शन होने के साथ ही टॉन्सिलाइटिस का लक्षण भी हो सकता है। अगर आपने इसके शुरुआती लक्षणों को समझ लिया तो फिर आसानी से इसका इलाज हो सकता है लेकिन जरा सी लापरवाही बरतने पर गले में दर्द की समस्या भी बढ़ सकती है और इसके साथ ही बुखार की चपेट में आने की आशंका भी  बन सकती है। तो चलिए इस ब्लॉग में हम आपको टॉन्सिलाइटिस (Tonsillitis) के लक्षणों व बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बतलाते हैं। 

क्या होता है टॉन्सिलाइटिस / What Is Tonsillitis?

आपको बता दें कि हमारे हमारे गले के दोनों तरफ अंग हैं जिन्हें टॉन्सिल्स कहा जाता है। होता यह है कि किसी तरह के बैक्टीरिया या संक्रमण के संपर्क में आने पर इनमें सूजन आ जाती है। इसके परिणामस्वरूप खाने-पीने के दौरान या कुछ भी निगलते समय में दर्द का सामना करना पड़ सकता है।

  •  आमतौर पर टॉन्सिल का रंग हमारी जीभ जैसा यानी गुलाबी रंग का होता है लेकिन इंफेक्शन होने पर यह सुर्ख लाल हो जाते हैं और इन पर सफेद स्पॉट भी दिखाई देने लगते हैं।
  • टॉन्सिलाइटिस होना इस बात का संकेत होता है कि आपका शरीर संक्रमण की चपेट में आ चुका है। 
  • टॉन्सिलिटिस, बच्चों में एक आम संक्रमण है। अधिकांश बच्चों को बचपन में यह कभी ना कभी जरूर जकड़ लेता है। जिन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उन्हें टॉन्सिलिटिस जकड़ लेता है।
  • बहुतेरे लोग हर गले में संक्रमण को टॉन्सिलिटिस मानते हैं। यह सरासर गलत है।
  • टॉन्सिल एक ऐसा ऊतक है जो गले के पीछे, दोनों तरफ लटका रहता है। मुंह खोलने पर इसे देखा जा सकता है। यह सभी बच्चों में मौजूद होता है और गले में कीटाणुओं से लड़ता है। हालांकि, कभी-कभी बैक्टीरिया या वायरस बहुत मजबूत होते हैं और टॉन्सिल को संक्रमित कर देते हैं। तब टॉन्सिल दिखने में लाल और सूजा हुआ हो जाता है। यह स्थिति टॉन्सिलिटिस कहलाती है।

टॉन्सिलिटिस के लक्षण / Tonsillitis Signs & Symptoms


टॉन्सिलिटिस के लक्षण दिखते ही बच्चे को डाॅक्टर से दिखाना चाहिए, ताकि डाॅक्टर जल्द से जल्द गले के संक्रमण का निदान करे। बता दें कि टॉन्सिल पर सफेद मवाद के धब्बे के साथ लाल दिखते हैं। टॉन्सिलिटिस के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं-
1 बच्चा खाने से इनकार करें, क्योंकि उसे निगलने में कठिनाई हो रही हो।
2. कुछेक दिन से बच्चा तेज बुखार में जकड़ जाए।
3 अचानक बच्चे को ठंड लगे और थका-थका दिखे।
4 लगातार खांसी होना, सांसों में दुर्गंध, गर्दन में बड़ी हुई ग्रंथियां, खर्राटे, सोते समय मुंह से सांस लेना आदि।

टॉन्सिलाइटिस का उपचार /  Treatment Of Tonsillitis

टॉन्सिलाइटिस का उपचार संभव है, लेकिन यह निर्भर करता है कि इसका कारण क्या हैै। मसलन यदि जीवाणु संक्रमण का संदेह होता है, तो पूरी अवधि तक एंटीबायोटिक लेनी चाहिए। एंटीबायोटिक लेने के 48 घंटे तक बुखार कम हो जाता है। सबसे जरूरी है कि एंटीबायोटिक दवाओं को बीच में रोकना नहीं चाहिए, क्योंकि हो सकता है कि बैक्टीरिया पूरी तरह से खत्म न हों और फिर से टॉन्सिलाइटिस उजागर हो जाए। यदि बच्चे के गले में खराश एक वायरस के कारण है, तब एंटीबायोटिक्स मददगार साबित नहीं होगी। बच्चे में टॉन्सिलाइटिस का संक्रमण पाए जाने के बाद सिर्फ डाॅक्टरी इलाज पर्याप्त नहीं है, बल्कि माता-पिता को बच्चे का खास ध्यान रखना चाहिए। आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि बच्चा प्राप्त करे -
1 बच्चा भरपूर आराम करे।
2 गले की खराश दूर करने के लिए बच्चे को गर्म पानी में शहद व नीबू मिलाकर दें।
3 गले में खराश कम हो, तो बच्चे को तरल पदार्थ दें।
4 बच्चे को गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करवाएं।
5 बुखार तेज हो तब बच्चे को पेरासिटामोल दें।

क्या यह एक गंभीर संक्रमण है? /  Is It A Serious Infection?


टॉन्सिलिटिस में समय-समय पर दवाई लेने से ठीक हो जाता है। इसके कारण जटिलताएं नहीं के बराबर होती है। अधिकांश यह संक्रमण 2 से 4 साल के बच्चों को जकड़ता है। टॉन्सिल का स्ट्रेप्टोकोकल (एक प्रकार का बैक्टीरिया) संक्रमण जब अनुपचारित रहता है, तब टॉन्सिल और पास के ऊतकों के बीच मवाद का एक संग्रह बन जाता है, जो गंभीर सूजन पैदा कर सकता है। इससे बुखार भी हो सकता है।

जब टॉन्सिल को बाहर निकालना जरूरी हो / When Do Tonsils Need To Be Taken Out?
 

टॉन्सिल्टॉमी केवल तभी की जाती है जब टॉन्सिल में कोई घातक समस्या उत्पन्न हो, जैसे- बार-बार टॉन्सिलिटिस हो, कान और साइनस संक्रमण हो, सूजन वाले टॉन्सिल बड़े एडेनोइड के साथ हों, नींद के दौरान सांस लेने में रुकावट पैदा हो। इस स्थिति में ईएनटी डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
कुल मिलाकर, टॉन्सिलिटिस एक बहुत ही सामान्य बचपन की बीमारी है। इस पर चिंता नहीं करें। बस, बच्चे को आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ दें। डाॅक्टर के परामर्श के बाद ही एंटीबायोटिक्स दें। 

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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