पेरेंटिंग स्वास्थ्य और कल्याण

बच्चों में यूरिन का कम आना या ज्यादा होना तो आजमाएं इन नुस्खो को

Sadhna Jaiswal
3 से 7 वर्ष

Sadhna Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jul 14, 2018

बच्चों में यूरिन का कम आना या ज्यादा होना तो आजमाएं इन नुस्खो को

आजकल की भागदौड़ भरी जिन्दगी और बदलते समय में बच्चों में सबसे ज्यादा पेट और यूरिन के सक्रमण की समस्या देखने को मिल रही है। बच्चे के यूरिन में इन्फेक्शन, बार-बार यूरिन का आना, या यूरिन का कम या ज्यादा होने के कारण किसी भी पेरेंट्स के लिए ये परेशानी का कारण बन सकता है।  बच्चे में यूरिन का कम आना या रुक-रुक कर आना और यूरिन आने में जलन की शिकायत होना ये इन्फेक्शन और पानी की कमी के कारण भी हो सकता है। यूरिन का कम या ज्यादा होना दोनों ही ठीक नहीं है। यदि बच्चे को दिन में चार से पांच बार यूरिन आता है तो ये नार्मल दिनचर्या का हिस्सा माना जाता है।  यदि बच्चा सात से आठ या उससे ज्यादा बार यूरिन जाता है तो ये एक समस्या है बच्चे में ज्यादा बार यूरिन आने पर ज्यादा प्यास लगने लगती है और पानी पीने के बाद बार- बार यूरिन जाना पड़ता है। तो आईये जानते है ऐसे कौन से कारण है, जिससे बच्चे में यूरिन कम या ज्यादा होने की समस्या आती है और इसके क्या उपाय हो सकते है। 

 बच्चो में यूरिन कम या ज्यादा होने के कारण

  • संक्रमण की वजह से: बच्चे में संक्रमण की वजह से भी यूरिन कम या ज्यादा होने लगता है। यूरिन विकार का सबसे बड़ा कारण बैक्टीरिया कवक है, इसके कारण यूरिन मार्ग के अन्य अंगो जैसे किडनी, यूरेटर, प्रोस्टेट ग्रंथि और योनि में भी इसके संक्रमण का असर देखने को मिलता है। 
  • पानी की कमी की वजह से: बच्चे के शरीर में पानी की कमी के कारण भी यूरिन कम या ज्यादा होने लगता है। शरीर में पानी की कमी की वजह से यूरिन में इन्फेक्शन हो जाता है और ये एक समस्या बन जाती है। पानी की कमी अत्यधिक नुकसान देह हो सकती है।
  • कुछ बीमारियों की वजह से: कुछ बिमारिया जैसे यूरिन मार्ग में रुकावट यानि पथरी की वजह से भी बच्चे में यूरिन कम या ज्यादा या बार-बार होने की समस्या आती है। या फिर और भी कई बिमारिया हो सकती है। डॉक्टर की सलाह से जाँच करवाकर बीमारी का पता लगाया जा सकता है।  

उपाय:

  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाये:  बच्चे को किसी भी इन्फेक्शन से बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाये। पानी के अलावा आप बच्चे को शरबत, फलों का जूस, दूध, या नारियल पानी भी दे सकती है।
  • शहद और तुलसी: एक चम्मच शहद में तीन चार तुलसी की पत्तिया कूट कर मिला ले और सुबह खाली पेट बच्चे को दे, इससे बच्चे को यूरिन की समस्या में लाभ मिलेगा। 
  • हरा पालक: आपका बच्चा यदि तीन साल से बड़ा है तो आप उसे रात के भोजन में उबला हुआ पालक खिलाये, तो इससे बच्चे के बार बार यूरिन जाने और ज्यादा यूरिन जाने की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। 
  • दही: दही पेट के लिए बहुत लाभकारी होती है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक, ब्लेडर में खतरनाक बेक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है। बच्चे को भोजन के साथ दही खिलाये, लेकिन ध्यान रहे की दही ज्यादा खट्टा ना हो।  
  • बेकिंग सोडा: बेकिंग सोडा भी एक कारगर उपाय है,  बच्चे के यूरिन में हो रहे  इन्फेक्शन से लाभ पाने का। बच्चा अगर पाच साल का है तो उसे आधा चम्मच से थोडा कम बेकिंग सोडा, एक गिलास पानी में घोल कर पिलाइए। यह यूरिन के पी. एच्. वैल्यू के बैलेंस को नियंत्रित करता है और यूरिन की समस्या में राहत दिलाता है।
  • खीरे का रस: खीरे का रस भी बच्चे के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करता है। यूरिन कम या ज्यादा की समस्या को दूर करने के लिये आधा कप खीरे के रस में आधा चम्मच नींबू का रस और आधा चम्मच शहद मिलाकर बच्चे को पिलाये, इससे बच्चे को जरुर राहत मिलेगी। 
  • सफाई का ध्यान: बच्चो को किसी भी इन्फेक्शन से बचाने के लिए उनकी सफाई पर ध्यान देना बहुत जरुरी है। बच्चे को कुछ भी खाने के लिए देते है, तो वो स्वच्छ होना चाहिए। कुछ भी खिलाने से पहले बच्चो के हाथो को धुलवा दीजिये। घर में और घर के आस-पास की सफाई का ध्यान रखिये।  
  • बच्चे में यूरिन का कम या ज्यादा होना यूरिन में हुए सक्रमण के कारण होता है। उपर दिए गए कुछ उपायों को अपनाकर और सफाई का ध्यान रखकर, किसी भी सक्रमण से बचा जा सकता है। 

 

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