समारोह और त्यौहार

जानिए धनतेरस के दिन क्यों की जाती है खरीदारी

Sadhna Jaiswal
3 से 7 वर्ष

Sadhna Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Nov 05, 2018

जानिए धनतेरस के दिन क्यों की जाती है खरीदारी

धन-त्रयोदशी का दिन प्रायः धनतेरस के नाम से जाना जाता है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। कहते है इसदिन आयुर्वेद के देवता धनवन्तरी का जन्म हुआ था, इसलिए इसदिन धनवन्तरी जयंती भी मनाई जाती है। ये तो आप जानते ही होंगे कि आयुर्वेद के द्वारा हम अपने शारीर को स्वस्थ रखते है। वैदिक युग में स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन माना जाता था, हलाकि आज भी यही सत्य है, क्योकि हमारे समस्त धन का साधन शरीर ही है। धनतेरस को हमारे वेदों में सुख-समृद्धि, यश और वैभव का पर्व माना गया है। मान्यताओं के मुताबिक इसदिन धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के देवता धनवन्तरी की पूजा का बड़ा महत्त्व होता है। धनतेरस के दिन देवताओ के वैद्य भगवान धनवन्तरी सागर मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। 

 

जानिए धनतेरस के दिन क्यों की जाती है खरीदारी / Why shopping on Dhanteras day in Hindi

यह पर्व माता लक्ष्मी का विशेष पर्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसदिन जो भी घर के विकास के लिए हम खरीदारी करते है उससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है। ये भी मान्यता है कि इसदिन जो भी हम खरीदारी करते है, उससे पुरे साल खरीदारी करने के लिए माता लक्ष्मी की कृपा से अवसर प्राप्त होता है, इसीलिए इस दिन सोने, चांदी के सिक्के, बर्तन खरीदना अति शुभ माना गया है। धनतेरस के दिन कुछ खास चीजे लाने से धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

 

  • गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्ति- धनतेरस के दिन घर में गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्ति लाने से घर में धन का आगमन होता है और साल भर घर में धन और अन्न की कोई कमी नहीं होती है।
     
  • धातु का सामान- धातु से बने सामान जैसे सोने, चांदी या पीतल खरीदने से व्यक्ति के भाग्य में बढ़ोतरी होती है। धातु से बने बर्तन या गहने खरीदने के लिए धनतेरस का दिन सर्वश्रेष्ट है। इस दिन धातु घर में लाने से घर में सदैव लक्ष्मी बनी रहती है।
     
  • चांदी - धनतेरस के दिन चांदी खरीदना भी अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योकि चांदी चन्द्रमा का प्रतीक है  और चन्द्रमा शीतलता का प्रतीक माना जाता है।
     
  • कौड़ी खरीदना-  कहा जाता है, धनतेरस के दिन कौड़ी घर में रखने से घर में कभी भी धन का आभाव नहीं रहता, इसलिए धनतेरस के दिन कौड़ी को भी लक्ष्मी पूजा में शामिल करना चाहिए और पूजन के बाद आप इसे लाल कपडे में बांधकर अपनी तिजोरी में या पूजा स्थान पर रख दीजिये।
     
  • शंख – शंख सुख-समृद्धि और शांति का प्रतिक है, इसलिए इसदिन शंख को भी घर में लाने की मान्यता है, तो आप भी धनतेरस के दिन एक शंख लायें और दीपावली पूजन के समय उसे बजाएं इससे घर में ख़ुशी का आगमन होता है और अनिष्ट टल जाते है।
     
  • झाड़ू – आप यह सुनकर हंस सकते है कि झाड़ू क्यों? लेकिन झाड़ू को भी लक्ष्मी जी का ही प्रतिक माना गया है। धनतेरस के अवसर पर एक झाड़ू भी घर में लायें। इससे नकारात्मक शक्तियां घर से बाहर जाएँगी और साफ़-सुथरे घर में लक्ष्मी का आगमन होगा।

धनतेरस की तिथि और पूजा मुहूर्त

त्रयोदशी तिथि आरम्भ: 05 नवंबर 2018 को सुबह 01 बजकर 24 मिनट से 
त्रयोदशी तिथि समाप्‍त: 05 नवंबर 2018 को रात 11 बजकर 46 मिनट तक
धनतेरस पूजा मुहूर्त: 05 नवंबर 2018 को शाम 06 बजकर 20 मिनट से रात 08 बजकर 17 मिनट तक.
प्रदोष काल: 05 नवंबर 2018 को शाम 05 बजकर 42 मिनट से रात 08 बजकर 17 मिनट तक.
वृषभ काल: 05 नवंबर 2018 को शाम 06 बजकर 20 मिनट से रात 08 बजकर 18 मिनट तक.

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  • 1
कमैंट्स()
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| Nov 05, 2018

Good

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